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धार में भोजशाला विवाद पर आधे दिन का बंद, पुलिस बल तैनात; स्थिति शांतिपूर्ण रही

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धार में भोजशाला विवाद पर आधे दिन का बंद, पुलिस बल तैनात; स्थिति शांतिपूर्ण रही

सारांश

धार में भोजशाला विवाद एक बार फिर सड़क पर आया — हिंदू संगठनों ने आधे दिन के बंद और रैली के ज़रिए प्रशासन पर कोर्ट के निर्देश लागू न करने का आरोप लगाया। मामला सुप्रीम कोर्ट में है, पर ज़मीनी तनाव बरकरार है।

मुख्य बातें

सकल हिंदू समाज के आह्वान पर 25 अगस्त को धार में आधे दिन का बंद रखा गया; मुख्य बाजार बंद रहे।
हिंदू संगठनों का आरोप — प्रशासन सर्वे नंबर 612 पर नमाज की व्यवस्था देकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन कर रहा है।
भोजशाला मुक्ति यज्ञ संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि यह आंदोलन 1987 से जारी है और जारी रहेगा।
सिटी एसपी शशांक सिंह गुर्जर ने स्थिति को पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में बताया।
कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने कहा कि भोजशाला मामला न्यायालय में विचाराधीन है और प्रशासन न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार काम करेगा।
स्कूल, कॉलेज, मेडिकल स्टोर और आवश्यक सेवाएँ बंद से अप्रभावित रहीं।

मध्य प्रदेश के धार जिले में मंगलवार, 25 अगस्त को भोजशाला विवाद को लेकर सकल हिंदू समाज सहित हिंदू संगठनों ने आधे दिन के बंद का आह्वान किया, जिसके दौरान मुख्य बाजारों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं और प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

मुख्य घटनाक्रम

सुबह हिंदू संगठनों के सदस्यों ने मोटरसाइकिल रैली निकाली और व्यापारियों से दुकानें बंद रखने की अपील की। कुछ स्थानों पर सदस्यों को दुकानदारों से सीधे दुकानें बंद करवाते हुए भी देखा गया। दोपहर में लालबाग से कलेक्ट्रेट तक विरोध रैली निकाली गई, जिसके बाद धार के कलेक्टर राजीव रंजन मीणा को ज्ञापन सौंपा गया। एहतियात के तौर पर कलेक्ट्रेट के बाहर बैरिकेड लगाए गए थे और प्रदर्शनकारियों को परिसर के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई; प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्य गेट के बाहर ही ज्ञापन स्वीकार किया।

पुलिस की प्रतिक्रिया

सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस शशांक सिंह गुर्जर ने कहा, 'हालात पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धार में, खासकर संवेदनशील इलाकों में, पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।' स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य आवश्यक सेवाएँ सामान्य रूप से खुली रहीं।

हिंदू संगठनों का पक्ष

हिंदू संगठनों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि विवादित परिसर के निकट मुसलमानों को शुक्रवार की नमाज के लिए स्थान दिया जाए, परंतु प्रशासन सर्वे नंबर 612 पर नमाज की सुविधा दे रहा है। उनका दावा है कि इस व्यवस्था से भोजशाला स्थल तक पहुँचने में बाधा उत्पन्न हो रही है और हिंदुओं की भावनाएँ आहत हो रही हैं। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि हिंदू संगठन 1987 से यह मुद्दा उठाते आ रहे हैं और विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहेगा।

प्रशासन का रुख

कलेक्टर राजीव मीणा ने स्पष्ट किया कि भोजशाला का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। सर्वे नंबर 596 और 612 से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देशों को लागू करने के कई विकल्प हो सकते हैं और प्रशासन न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप काम करेगा। गौरतलब है कि भोजशाला का यह विवाद दशकों पुराना है और समय-समय पर तनाव का कारण बनता रहा है।

आगे की स्थिति

फिलहाल मामला न्यायालय में होने के कारण प्रशासन किसी एकपक्षीय निर्णय की स्थिति में नहीं है। हिंदू संगठनों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी गईं तो आगे भी विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। स्थानीय प्रशासन और पुलिस सतर्क बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि संगठन 'उल्लंघन' का आरोप लगाते हैं — इस अस्पष्टता को स्पष्ट करना ज़रूरी है, अन्यथा हर शुक्रवार एक नई चिंगारी बन सकता है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धार में भोजशाला विवाद क्या है?
भोजशाला एक ऐतिहासिक परिसर है जिसे हिंदू संगठन माँ सरस्वती का मंदिर मानते हैं, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता है। सुप्रीम कोर्ट में यह मामला विचाराधीन है और इसी विवाद को लेकर समय-समय पर तनाव उत्पन्न होता रहा है।
25 अगस्त को धार बंद क्यों बुलाया गया?
सकल हिंदू समाज ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन सर्वे नंबर 612 पर शुक्रवार की नमाज की सुविधा देकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा और इससे भोजशाला स्थल तक पहुँचने में बाधा आ रही है। इसी विरोध में आधे दिन का बंद बुलाया गया।
बंद के दौरान धार में क्या खुला और क्या बंद रहा?
मुख्य बाजारों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं, जबकि स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य आवश्यक सेवाएँ सामान्य रूप से खुली रहीं। पुलिस ने पूरे शहर में, विशेषकर संवेदनशील इलाकों में, भारी बल तैनात किया था।
प्रशासन ने भोजशाला विवाद पर क्या कहा?
कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने स्पष्ट किया कि भोजशाला का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और प्रशासन न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप काम करेगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देशों को लागू करने के कई विकल्प हो सकते हैं।
हिंदू संगठन आगे क्या करेंगे?
भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि यह आंदोलन 1987 से जारी है और माँगें पूरी न होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। संगठनों ने संकेत दिया है कि भविष्य में और बड़े प्रदर्शन हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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