धार में भोजशाला विवाद पर आधे दिन का बंद, पुलिस बल तैनात; स्थिति शांतिपूर्ण रही
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के धार जिले में मंगलवार, 25 अगस्त को भोजशाला विवाद को लेकर सकल हिंदू समाज सहित हिंदू संगठनों ने आधे दिन के बंद का आह्वान किया, जिसके दौरान मुख्य बाजारों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं और प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
मुख्य घटनाक्रम
सुबह हिंदू संगठनों के सदस्यों ने मोटरसाइकिल रैली निकाली और व्यापारियों से दुकानें बंद रखने की अपील की। कुछ स्थानों पर सदस्यों को दुकानदारों से सीधे दुकानें बंद करवाते हुए भी देखा गया। दोपहर में लालबाग से कलेक्ट्रेट तक विरोध रैली निकाली गई, जिसके बाद धार के कलेक्टर राजीव रंजन मीणा को ज्ञापन सौंपा गया। एहतियात के तौर पर कलेक्ट्रेट के बाहर बैरिकेड लगाए गए थे और प्रदर्शनकारियों को परिसर के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई; प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्य गेट के बाहर ही ज्ञापन स्वीकार किया।
पुलिस की प्रतिक्रिया
सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस शशांक सिंह गुर्जर ने कहा, 'हालात पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धार में, खासकर संवेदनशील इलाकों में, पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।' स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य आवश्यक सेवाएँ सामान्य रूप से खुली रहीं।
हिंदू संगठनों का पक्ष
हिंदू संगठनों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि विवादित परिसर के निकट मुसलमानों को शुक्रवार की नमाज के लिए स्थान दिया जाए, परंतु प्रशासन सर्वे नंबर 612 पर नमाज की सुविधा दे रहा है। उनका दावा है कि इस व्यवस्था से भोजशाला स्थल तक पहुँचने में बाधा उत्पन्न हो रही है और हिंदुओं की भावनाएँ आहत हो रही हैं। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि हिंदू संगठन 1987 से यह मुद्दा उठाते आ रहे हैं और विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहेगा।
प्रशासन का रुख
कलेक्टर राजीव मीणा ने स्पष्ट किया कि भोजशाला का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। सर्वे नंबर 596 और 612 से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देशों को लागू करने के कई विकल्प हो सकते हैं और प्रशासन न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप काम करेगा। गौरतलब है कि भोजशाला का यह विवाद दशकों पुराना है और समय-समय पर तनाव का कारण बनता रहा है।
आगे की स्थिति
फिलहाल मामला न्यायालय में होने के कारण प्रशासन किसी एकपक्षीय निर्णय की स्थिति में नहीं है। हिंदू संगठनों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी गईं तो आगे भी विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। स्थानीय प्रशासन और पुलिस सतर्क बनी हुई है।