भोजशाला में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पहली बार नमाज नहीं, 1,800 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
धार जिले की भोजशाला में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद शुक्रवार, 22 मई को पहली बार नमाज अदा नहीं की गई। परिसर में मां वाग्देवी के जयकारे गूंजे और सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए उमड़ पड़े। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए 1,800 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की।
सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण
पुलिस अधीक्षक (एसपी) सचिन शर्मा ने घुड़सवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचकर भोजशाला परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के स्पष्ट निर्देश दिए। परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त, निगरानी और डॉग स्क्वॉड की तैनाती की गई।
एसपी की अपील और आदेश का अनुपालन
एसपी शर्मा ने कहा, धार जिले में उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में 1,800 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने सभी नागरिकों, धार्मिक नेताओं और मीडिया के सदस्यों से शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की। एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के आदेश की प्रतियाँ सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई हैं और आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
कलेक्टर का रुख और फ्लैग मार्च
धार के कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने 21 मई को बताया था कि जिले में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न माध्यमों से अपील की गई है। इसी क्रम में सभी समुदायों को साथ लेकर एक 'फुट फ्लैग मार्च' भी निकाला गया। कलेक्टर ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और भड़काऊ सामग्री पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब भोजशाला को लेकर वर्षों से हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद चला आ रहा है। उच्च न्यायालय के इस आदेश को एक निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, और अगले कुछ दिनों तक सुरक्षा बल मुस्तैद रहेंगे।