7 अगस्त 2026
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भोजशाला में शांतिपूर्ण धार्मिक गतिविधियां, 1,000 पुलिसकर्मी तैनात; नमाज की वैकल्पिक जगह पर सहमति अभी बाकी

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भोजशाला में शांतिपूर्ण धार्मिक गतिविधियां, 1,000 पुलिसकर्मी तैनात; नमाज की वैकल्पिक जगह पर सहमति अभी बाकी

सारांश

धार के भोजशाला में इस बार भी शांति कायम रही — 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती और प्रशासनिक सतर्कता के बीच दोनों समुदायों ने अपनी धार्मिक गतिविधियां पूरी कीं। लेकिन नमाज की वैकल्पिक जगह पर सहमति और सुप्रीम कोर्ट में लंबित सुनवाई — दोनों अनसुलझे हैं।

मुख्य बातें

भोजशाला परिसर, धार में 7 अगस्त को हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्ण रहीं।
परिसर और आसपास के इलाकों में करीब 1,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
मुस्लिम समुदाय ने निर्धारित स्थान पर जुमे की नमाज अदा की; हिंदू समुदाय ने देवी वाग्देवी की पूजा और हनुमान चालीसा पाठ किया।
40-फीट दरगाह या रकबा नंबर 639 पर वैकल्पिक नमाज स्थल तय है, लेकिन दोनों समुदायों में आम सहमति नहीं बनी।
मुस्लिम पक्ष की चार याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय में 5 अगस्त को सुनवाई नहीं हो सकी; नई तारीख का इंतजार।
नगरपालिका ने बारिश से कीचड़ हुए रास्ते को समतल कर नमाजियों के लिए बेहतर व्यवस्था की।

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में 7 अगस्त को हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने अपनी-अपनी धार्मिक गतिविधियां बिना किसी व्यवधान के संपन्न कीं। प्रशासन ने परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में करीब 1,000 पुलिसकर्मी तैनात किए थे, जिससे शहर में पूर्ण शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बना रहा। हालांकि, मुस्लिम समुदाय के लिए नमाज की वैकल्पिक जगह पर दोनों पक्षों के बीच आम सहमति अभी तक नहीं बन पाई है।

मुख्य घटनाक्रम

शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय ने निर्धारित स्थान पर जुमे की नमाज अदा की, जबकि हिंदू समुदाय के सदस्यों ने देवी वाग्देवी की प्रतिमा की पूजा-अर्चना के बाद हनुमान चालीसा का पाठ किया। दोनों समुदायों ने अपने-अपने धार्मिक कार्यक्रम योजना के अनुसार पूरे किए और किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली।

गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को भारी बारिश के कारण परिसर में कीचड़ हो गई थी, जिसके चलते प्रशासन ने एक वैकल्पिक जगह का सुझाव दिया था। मुस्लिम समुदाय द्वारा वहाँ जाने से इनकार करने के बाद अधिकारियों ने मूल स्थान पर ही बेहतर व्यवस्था की। नगरपालिका ने रास्ते को समतल करवाया, जिससे नमाजियों को कोई असुविधा न हो।

नमाज स्थल पर सहमति बाकी

धार के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया, '40-फीट दरगाह या रकबा नंबर 639 पर एक वैकल्पिक जगह तय की गई है, लेकिन समुदायों के बीच आम सहमति नहीं बन पाई है। अगर वे आम सहमति पर पहुंचते हैं, तो आने वाले शुक्रवारों को उन जगहों पर नमाज की इजाजत दी जाएगी।' यह विवाद ऐसे समय में है जब भोजशाला से जुड़ी कानूनी कार्यवाही सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। एसपी सचिन शर्मा के अनुसार परिसर और आसपास के इलाकों में लगभग 1,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। पुलिस ने बिसलेरी रोड पर बैरिकेड्स लगाकर आवाजाही को सख्ती से नियंत्रित किया। पुलिस और संबंधित विभागीय अधिकारियों के समन्वय से संवेदनशील ऐतिहासिक परिसर में कार्यक्रम बिना किसी घटना के संपन्न हुए।

सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामला

यह घटनाक्रम भोजशाला से जुड़ी चल रही कानूनी लड़ाई की पृष्ठभूमि में हुआ। मुस्लिम पक्ष की चार याचिकाओं पर 5 अगस्त को जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की सर्वोच्च न्यायालय पीठ के समक्ष सुनवाई होनी थी, किंतु वह नहीं हो सकी। अब नई तारीख का इंतजार है। यह ऐसे समय में आया है जब भोजशाला परिसर को लेकर दोनों समुदायों के बीच वर्षों से विवाद चला आ रहा है।

क्या होगा आगे

प्रशासन का ध्यान अब दोनों समुदायों के बीच वैकल्पिक नमाज स्थल पर सहमति बनाने पर है। जब तक सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई की नई तारीख तय नहीं होती और समुदायों में आपसी सहमति नहीं बनती, तब तक मौजूदा व्यवस्था जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह दीर्घकालिक समाधान नहीं। 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती एक सामान्य धार्मिक दिन के लिए असाधारण संसाधन खर्च है, जो दर्शाता है कि मूल विवाद अभी भी कितना संवेदनशील है। वैकल्पिक नमाज स्थल पर सहमति न बन पाना और सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई का टलना — दोनों मिलकर यह संकेत देते हैं कि प्रशासनिक प्रबंधन और न्यायिक निपटारे के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई है। जब तक कोई स्थायी कानूनी या सामुदायिक हल नहीं निकलता, यह साप्ताहिक तनाव का बिंदु बना रहेगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोजशाला परिसर में 7 अगस्त को क्या हुआ?
7 अगस्त को धार के भोजशाला परिसर में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने अपनी-अपनी धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कीं। करीब 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
भोजशाला में नमाज की वैकल्पिक जगह पर विवाद क्यों है?
प्रशासन ने 40-फीट दरगाह या रकबा नंबर 639 पर वैकल्पिक नमाज स्थल का सुझाव दिया है, लेकिन दोनों समुदायों के बीच इस पर आम सहमति नहीं बन पाई है। एसपी सचिन शर्मा के अनुसार, सहमति बनने पर ही वहाँ नमाज की अनुमति दी जाएगी।
भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्या स्थिति है?
मुस्लिम पक्ष की चार याचिकाओं पर 5 अगस्त को जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ के सामने सुनवाई होनी थी, लेकिन वह नहीं हो सकी। अब नई तारीख की प्रतीक्षा है।
पिछले शुक्रवार की तुलना में इस बार व्यवस्था में क्या बदलाव हुआ?
पिछले शुक्रवार बारिश से कीचड़ होने के कारण मुस्लिम समुदाय को असुविधा हुई थी। इस बार नगरपालिका ने रास्ते को समतल किया और मूल स्थान पर ही बेहतर इंतजाम किए, जिससे नमाज बिना किसी परेशानी के अदा हो सकी।
भोजशाला परिसर को लेकर विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?
भोजशाला परिसर को हिंदू समुदाय देवी वाग्देवी का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता है। वर्षों से चले आ रहे इस विवाद में दोनों समुदायों को अलग-अलग दिन धार्मिक गतिविधियों की अनुमति है, और मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
राष्ट्र प्रेस
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