महाराष्ट्र UCC समिति में मुस्लिम-ईसाई नहीं: हुसैन दलवई का BJP पर हमला, राम मंदिर चढ़ावे पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने 13 जुलाई 2025 को मुंबई में समान नागरिक संहिता (UCC), जम्मू-कश्मीर की राजनीति और राम मंदिर चढ़ावे के धन के उपयोग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने महाराष्ट्र में UCC मसौदा समिति की संरचना को 'अधूरा और पक्षपातपूर्ण' करार देते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखने की जानकारी दी।
UCC समिति पर दलवई की आपत्ति
दलवई ने कहा कि महाराष्ट्र में UCC का मसौदा तैयार करने के लिए गठित समिति में न एक भी मुस्लिम सदस्य है और न ही एक भी ईसाई सदस्य। उनके अनुसार, 'यदि समान नागरिक संहिता पूरे देश और सभी समाजों के लिए बनाई जा रही है, तो उसमें सभी समुदायों का समान प्रतिनिधित्व होना चाहिए।' उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को औपचारिक पत्र भेजकर आपत्ति दर्ज कराई है और जल्दबाजी में निर्णय लेने को अनुचित बताया।
उमर अब्दुल्ला के 'ऑपरेशन लोटस' आरोप पर प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में आरोप लगाया था कि राज्य में 'ऑपरेशन लोटस' के तहत विधायकों को करोड़ों रुपये देकर खरीदने की कोशिश हो रही है। इस पर दलवई ने कहा, 'ऐसा हो सकता है।' उन्होंने BJP पर तंज कसते हुए कहा कि पहले 'वोट चोरी' होती थी और अब 'सीट चोरी' भी शुरू हो गई है।
राम मंदिर चढ़ावे पर सवाल
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान मंदिरों के चढ़ावे का उपयोग मस्जिदों की दीवारें बनाने में किया गया। इसके जवाब में दलवई ने पलटवार करते हुए कहा, 'राम मंदिर का पैसा कहाँ गया? शायद उसका भी इसी तरह इस्तेमाल हो रहा होगा। मंदिरों का खजाना भी लूटा जा रहा है।' उन्होंने BJP पर 'लूट, झूठ और चोरी' को नीति बनाने का आरोप लगाया।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में UCC को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो रही है और जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि 'ऑपरेशन लोटस' का आरोप पहले भी कई राज्यों में लग चुका है, जिसमें कर्नाटक और मध्य प्रदेश के उदाहरण प्रमुख हैं। दलवई के ये बयान कांग्रेस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं जिसके तहत वह BJP पर संस्थागत और धार्मिक मामलों में पारदर्शिता की माँग कर रही है।
आगे क्या
दलवई के पत्र पर मुख्यमंत्री फडणवीस की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है। UCC समिति की रिपोर्ट और उसमें समुदायों के प्रतिनिधित्व का मुद्दा आने वाले हफ्तों में महाराष्ट्र की राजनीति में केंद्रीय बहस बन सकता है।