11 अगस्त 2026
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हैदराबाद में 'गुप्त निधि' ठगी गिरोह का भंडाफोड़: चार गिरफ्तार, ₹1 करोड़ की धोखाधड़ी उजागर

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हैदराबाद में 'गुप्त निधि' ठगी गिरोह का भंडाफोड़: चार गिरफ्तार, ₹1 करोड़ की धोखाधड़ी उजागर

सारांश

हैदराबाद में 'जमीन में दबा खजाना' दिखाने का नाटक रचकर ₹1 करोड़ ठगने वाले चार सदस्यीय गिरोह को पुलिस ने दबोचा। नकली सोने के सिक्के और कोयले से रचा गया यह जाल कम से कम 11 लोगों को शिकार बना चुका था।

मुख्य बातें

हैदराबाद पुलिस ने 10 अगस्त 2026 को 'गुप्त निधि' ठगी गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरोह ने हैदराबाद में कम से कम 11 लोगों से करीब ₹1 करोड़ की ठगी की।
आरोपी नकली सोने के सिक्के और कोयला पहले से जमीन में छिपाकर 'खजाना मिला' का नाटक करते थे।
मुख्य आरोपी मोहम्मद मुनव्वर उर्फ मुन्ना पर पहले भी बेगम बाजार थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज था।
पुलिस ने 2 कारें, 1 ऑटो-रिक्शा, 2 मोटरसाइकिल, 25 नकली सिक्के और 6 किग्रा कोयला बरामद किया।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 351(2), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज।

हैदराबाद पुलिस के कमिश्नर टास्क फोर्स (शमशाबाद जोन) और राजेंद्र नगर पुलिस ने 10 अगस्त 2026 को संयुक्त कार्रवाई में 'गुप्त निधि' यानी जमीन में दबे खजाने का झाँसा देकर लोगों को ठगने वाले एक सुनियोजित गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से नकली सोने के सिक्के, कोयला, वाहन तथा पूजा सामग्री बरामद की। जाँच में सामने आया है कि इस गिरोह ने हैदराबाद के विभिन्न इलाकों में कम से कम 11 लोगों से करीब ₹1 करोड़ की ठगी की।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पकड़े गए चारों आरोपी हैदराबाद और मेदचल-मलकाजगिरि जिले के निवासी हैं। इनकी पहचान मोहम्मद मुनव्वर उर्फ मुन्ना (36 वर्ष), सैयद अली अशरफ (40 वर्ष), मोहम्मद हाजी (25 वर्ष) और मोहम्मद सलमान (29 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी मुनव्वर के खिलाफ पहले भी बेगम बाजार थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।

ठगी का तरीका: कोयले को सोना बताने का खेल

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी मुनव्वर पहले कारों की पेंटिंग-डेंटिंग का काम करता था। आय कम होने पर उसने साथियों के साथ मिलकर यह ठगी का जाल बिछाया। गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को यह भरोसा दिलाते थे कि उनकी जमीन के नीचे बहुमूल्य खजाना छिपा है। इसके बाद पीड़ितों के घर या जमीन पर खुदाई कराई जाती थी, जहाँ आरोपियों ने पहले से कोयले की बोरी और नकली सोने की परत चढ़े सिक्के छिपा रखे होते थे।

खुदाई के दौरान ये नकली सामग्री 'खोजकर' दिखाई जाती और पीड़ितों को यकीन दिलाया जाता था कि थोड़े समय बाद कोयला असली सोने में बदल जाएगा। इस झाँसे में फँसाकर रकम ऐंठने के बाद आरोपी मौके से फरार हो जाते थे।

बरामद सामग्री और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो कारें, एक ऑटो-रिक्शा, दो मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन, 25 नकली सोने के सिक्के, 6 किलोग्राम कोयला, 4 किलोग्राम मिट्टी और पूजा सामग्री जब्त की है। राजेंद्र नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 351(2), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।

अभियान का नेतृत्व और टीम

यह पूरी कार्रवाई टास्क फोर्स शमशाबाद जोन के इंस्पेक्टर के. रवि के नेतृत्व में एसआई के. मंसूर अली, नरसिंग राव, एस. शेषु और उनकी टीम तथा राजेंद्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने अंजाम दी।

पुलिस की जनता से अपील

हैदराबाद पुलिस ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे जमीन में दबे खजाने, गुप्त धन या किसी चमत्कारिक तरीके से अमीर बनाने के दावों पर कतई विश्वास न करें। ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दी जाए। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि अंधविश्वास और लालच का फायदा उठाने वाले गिरोह किस तरह सुनियोजित तरीके से आम लोगों को शिकार बनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी पीड़ितों की संख्या बढ़ती रहती है। यह मामला दर्शाता है कि अंधविश्वास और त्वरित धन-लाभ की चाह किस तरह शिक्षित-अशिक्षित सभी को कमज़ोर बना देती है। मुख्य आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड होने के बावजूद गिरोह लंबे समय तक सक्रिय रहा — यह पुलिस की निगरानी प्रणाली पर भी सवाल उठाता है। असली ज़रूरत जागरूकता अभियानों की है जो थाना-स्तर पर नियमित रूप से चलाए जाएँ, न कि केवल गिरफ्तारी के बाद बयान जारी किए जाएँ।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद में 'गुप्त निधि' ठगी गिरोह क्या था?
यह चार सदस्यीय गिरोह लोगों को जमीन के नीचे छिपे खजाने का झाँसा देकर ठगता था। आरोपी पहले से नकली सोने के सिक्के और कोयला जमीन में छिपाकर 'खुदाई में मिला' दिखाते थे और फिर पीड़ितों से रकम ऐंठकर फरार हो जाते थे।
इस गिरोह ने कितने लोगों को ठगा और कितनी रकम हड़पी?
जाँच के अनुसार गिरोह ने हैदराबाद के विभिन्न इलाकों में कम से कम 11 लोगों को निशाना बनाया और उनसे करीब ₹1 करोड़ की ठगी की।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
चारों आरोपी — मोहम्मद मुनव्वर उर्फ मुन्ना (36), सैयद अली अशरफ (40), मोहम्मद हाजी (25) और मोहम्मद सलमान (29) — हैदराबाद और मेदचल-मलकाजगिरि जिले के निवासी हैं। मुख्य आरोपी मुनव्वर पर पहले भी बेगम बाजार थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज था।
आरोपियों के खिलाफ कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
राजेंद्र नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 351(2), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है और जाँच जारी है।
ऐसी ठगी से बचने के लिए पुलिस ने क्या सलाह दी है?
हैदराबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे जमीन में दबे खजाने, गुप्त धन या चमत्कारिक तरीके से अमीर बनाने के किसी भी दावे पर विश्वास न करें। ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें।
राष्ट्र प्रेस
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