आईआईटी मद्रास को ISO 45001:2018 सर्टिफिकेट, छात्र मानसिक स्वास्थ्य के लिए 3,000 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण
सारांश
मुख्य बातें
आईआईटी मद्रास देश का पहला केंद्रीय वित्तपोषित तकनीकी संस्थान बन गया है, जिसके वेलनेस सेंटर को टीयूवी नॉर्ड समूह द्वारा प्रतिष्ठित ISO 45001:2018 का अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन प्रदान किया गया है। यह प्रमाणन व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन के अंतरराष्ट्रीय मानकों की पूर्ति का प्रमाण है, और यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता गहरी होती जा रही है।
मुख्य उपलब्धि और उसका महत्व
संस्थान ने छात्र कल्याण को केवल परामर्श सेवाओं तक सीमित न रखते हुए एक समग्र सहायता तंत्र विकसित किया है। इसमें छात्र मार्गदर्शन, सहपाठी सहायता समूह, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, तनाव की शुरुआती पहचान और समय पर हस्तक्षेप की व्यवस्थाएं शामिल हैं। ISO 45001:2018 प्रमाणन यह दर्शाता है कि संस्थान ने छात्रों और कर्मचारियों दोनों के लिए सुरक्षित, सहयोगी और स्वस्थ परिसर वातावरण तैयार करने में अंतरराष्ट्रीय मानकों को आत्मसात किया है।
शिक्षक प्रशिक्षण और मालवीय मिशन
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव (उच्च शिक्षा) रीना सोनवाल कौली ने बताया कि जनवरी 2024 से मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र कल्याण पर विशेष प्रशिक्षण शुरू किया गया। अब तक इस कार्यक्रम से 3,000 से अधिक शिक्षकों को जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान छात्रों के लिए दूसरा घर होते हैं, इसलिए संस्थानों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रह सकती। उनके अनुसार, प्रत्येक संस्थान को अपनी परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग कल्याण मॉडल विकसित करने होंगे।
राष्ट्रीय कार्यशाला: 'सेलिब्रेटिंग माइंड्स'
इस उपलब्धि के अवसर पर आईआईटी मद्रास ने शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से 12 और 13 जुलाई को 'सेलिब्रेटिंग माइंड्स : अकादमिक उत्कृष्टता से सतत कल्याण तक' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें दक्षिण भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों से 200 से अधिक शिक्षकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यशाला में तनावमुक्त शिक्षा, जीवन कौशल, नशा रोकथाम, सीखने में आने वाली कठिनाइयों की पहचान, संस्थागत सहायता तंत्र और परामर्श सेवाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
संस्थान निदेशक का दृष्टिकोण
आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि ने कहा कि शैक्षणिक सफलता तभी सार्थक है जब छात्र भावनात्मक रूप से भी मजबूत हों। उन्होंने बताया कि संस्थान ने छात्र कल्याण को रणनीतिक प्राथमिकता बनाते हुए 'एसोसिएट डीन (वेलनेस)' का विशेष पद भी सृजित किया है। कार्यशाला में प्रतिभागियों को छात्रावासों और भोजनालयों का दौरा कराया गया, जहाँ उन्होंने वार्डनों, छात्र मार्गदर्शकों और स्वयंसेवकों से बातचीत कर सहयोगी परिसर वातावरण की कार्यप्रणाली को समझा।
आगे की राह
कार्यशाला के समापन पर विभिन्न संस्थानों ने छात्र मार्गदर्शन, परामर्श सेवाओं, छात्रावास सहायता और सहपाठी सहयोग तंत्र को मजबूत बनाने के लिए सिफारिशें तैयार कीं। शिक्षा मंत्रालय इन सुझावों का उपयोग देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र कल्याण की बेहतर व्यवस्था विकसित करने के लिए करेगा। यह पहल उच्च शिक्षा में मानसिक स्वास्थ्य को संस्थागत ढाँचे का अनिवार्य हिस्सा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।