नीति आयोग बैठक: PM मोदी का आह्वान — 70 करोड़ युवाओं का जनसांख्यिकीय लाभांश विकास लाभांश में बदले
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि भारत के लगभग 70 करोड़ युवा — जो 25 वर्ष से कम आयु के हैं — देश की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। उन्होंने सभी राज्यों से आग्रह किया कि इस जनसांख्यिकीय लाभांश को शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण के माध्यम से विकास लाभांश में रूपांतरित किया जाए।
युवा शक्ति और कौशल विकास पर जोर
बैठक में मोदी ने कहा कि राज्यों को ऐसी पहल तेज़ करनी होगी जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों दोनों के लिए तैयार करें। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण को इस रूपांतरण के तीन मुख्य स्तंभ बताया। गौरतलब है कि भारत की यह युवा जनसंख्या वैश्विक स्तर पर एक दुर्लभ जनसांख्यिकीय संयोग है, जबकि अधिकांश विकसित देश वृद्ध होती आबादी की चुनौती से जूझ रहे हैं।
मुक्त व्यापार समझौते और एमएसएमई के लिए अवसर
प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ संपन्न मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का उल्लेख करते हुए राज्यों को प्रोत्साहित किया कि वे युवाओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए इन समझौतों से उत्पन्न अवसरों का प्रभावी लाभ उठाने की रणनीति बनाएँ। उन्होंने राज्यों से सहयोगी देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने का भी आह्वान किया।
वैश्विक अनिश्चितता में भारत की विकास गाथा
मोदी ने रेखांकित किया कि जब कई प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाएँ अनिश्चितता और आर्थिक दबाव से गुज़र रही हैं, तब भारत की विकास गाथा विश्व को प्रेरित कर रही है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के संकल्प को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व को रेखांकित किया।
ओडीओपी, रक्षा विनिर्माण और महिला नेतृत्व
बैठक में प्रधानमंत्री ने एक जिला एक उत्पाद (ODOP) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और उसके इर्द-गिर्द निर्यात-अनुकूल रणनीतियाँ विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण को एक उभरते क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया जहाँ भारत वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान बना रहा है।
महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए मोदी ने राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने नारी शक्ति के लिए सुरक्षित और संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर भी जोर दिया।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्र और राज्यों के बीच विकास की साझा रणनीति को धार देने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। आने वाले महीनों में राज्यों द्वारा इन दिशानिर्देशों के क्रियान्वयन की रूपरेखा स्पष्ट होगी।