माउंट कामेट अभियान: भारत-अर्जेंटीना के 35 जवान 7,756 मीटर ऊंची चोटी फतह करने निकले
सारांश
मुख्य बातें
भारत और अर्जेंटीना की सेनाओं के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग की एक नई मिसाल कायम करते हुए, दोनों देशों के 35 सैनिकों का एक संयुक्त पर्वतारोहण दल 7,756 मीटर ऊंची माउंट कामेट को फतह करने के लिए रवाना हो गया है। माउंट कामेट उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है और यह भारत की तीसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी है। इस ऐतिहासिक अभियान को नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर से हरी झंडी दिखाई गई।
अभियान का विवरण और नेतृत्व
इस चुनौतीपूर्ण अभियान को लेफ्टिनेंट जनरल अजय रामदेव — महानिदेशक एकीकृत प्रशिक्षण और आर्मी सर्विस कोर के कर्नल कमांडेंट — ने शुक्रवार, 21 अगस्त को रवाना किया। अभियान दल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल चिराग चटर्जी कर रहे हैं। दल में भारतीय सेना के 25 और अर्जेंटीना की सेना के 10 सैनिक शामिल हैं।
रवानगी के अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल रामदेव ने कहा कि ऐसे संयुक्त अभियान केवल पर्वतारोहण तक सीमित नहीं हैं — इनके ज़रिए मित्र देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, सौहार्द और पेशेवर समझ मजबूत होती है। उन्होंने दल को सफल शिखर आरोहण और सुरक्षित वापसी की शुभकामनाएं दीं।
चुनौतियाँ और परीक्षा
विशेषज्ञों के अनुसार, माउंट कामेट की चढ़ाई अत्यंत कठिन है। अत्यधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी, दुर्गम पहाड़ी भूभाग और मौसम में अचानक बदलाव — ये तीन प्रमुख चुनौतियाँ सैनिकों के सामने होंगी। इस अभियान के दौरान दोनों देशों के जवानों की शारीरिक सहनशक्ति, तकनीकी पर्वतारोहण क्षमता और आपसी तालमेल की कड़ी परीक्षा होगी।
तीसरा संयुक्त अभियान — एक बढ़ती साझेदारी
यह भारत और अर्जेंटीना की सेनाओं के बीच तीसरा संयुक्त पर्वतारोहण अभियान है। इससे पहले जनवरी 2025 में दोनों सेनाओं ने अर्जेंटीना की प्रसिद्ध चोटी माउंट एकोंकागुआ पर संयुक्त चढ़ाई की थी। इसके बाद अगस्त 2025 में लद्दाख की 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन पर भी संयुक्त अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया था।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत लैटिन अमेरिकी देशों के साथ अपने सैन्य-से-सैन्य संबंधों को व्यापक बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। गौरतलब है कि हर अभियान ऊंचाई और कठिनाई के स्तर में पिछले से बड़ा रहा है — एकोंकागुआ से कुन और अब कामेट तक।
सैन्य सहयोग का व्यापक संदर्भ
भारत-अर्जेंटीना के बीच यह पर्वतारोहण श्रृंखला दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के गहराते ढाँचे का हिस्सा है। संयुक्त अभियान न केवल सैनिकों को उच्च-ऊंचाई युद्ध और बचाव तकनीकों में प्रशिक्षित करते हैं, बल्कि अंतर-सैन्य समझ और संचार को भी मजबूती देते हैं। माउंट कामेट की बर्फ से ढकी चोटी अब इस बढ़ती दोस्ती का नया प्रतीक बनने जा रही है।