ब्रिक्स आईसीटी ट्रैक की मेजबानी पुणे में 17 अगस्त से, भारत की डिजिटल नेतृत्व की बड़ी पहल
सारांश
मुख्य बातें
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत दूरसंचार विभाग (डीओटी) 17 से 21 अगस्त 2026 तक पुणे में पाँच दिवसीय ब्रिक्स सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) ट्रैक का आयोजन करने जा रहा है। संचार मंत्रालय के अनुसार, इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच डिजिटल सहयोग को सुदृढ़ करना और सुरक्षित, समावेशी तथा लचीले डिजिटल इकोसिस्टम के विकास को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में कौन होगा शामिल
इस पाँच दिवसीय आयोजन में ब्रिक्स सदस्य देशों के संचार मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और आईसीटी क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग लेंगे। वर्तमान में ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात — कुल 11 देश शामिल हैं। यह बैठक देश भर में ब्रिक्स मंच के तहत आयोजित की जा रही बैठकों की व्यापक शृंखला का हिस्सा है।
मुख्य एजेंडा और चर्चा के विषय
संचार मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम में तीन प्रमुख आयोजन होंगे जो कनेक्टिविटी, साइबर सुरक्षा, डिजिटल कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने पर केंद्रित रहेंगे। बैठकों में निम्नलिखित विषयों पर विचार-विमर्श होगा:
सार्वभौमिक, सस्ती और टिकाऊ डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए आईसीटी इकोसिस्टम का विकास; सुरक्षित एवं मानव-केंद्रित डिजिटल वातावरण का निर्माण; तथा डिजिटल कौशल और क्षमता निर्माण। इसके अतिरिक्त, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), अगली पीढ़ी की संचार तकनीकों, स्टार्टअप्स, उद्यमिता और नवाचार को प्रोत्साहन देने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
डिजिटल ब्रिक्स फोरम और एक्सपो
कार्यक्रम के तहत 20 अगस्त 2026 को डिजिटल ब्रिक्स फोरम और एक्सपो का आयोजन किया जाएगा। यह मंच सदस्य देशों को उभरती डिजिटल प्रौद्योगिकियों, नवाचारों और मजबूत आईसीटी इकोसिस्टम से जुड़े अपने अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करेगा। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर डिजिटल संप्रभुता और साइबर सुरक्षा को लेकर देशों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है।
भारत की अध्यक्षता में रणनीतिक महत्व
संचार मंत्रालय के अनुसार, ब्रिक्स देशों के मंत्री सतत और लचीले आईसीटी इकोसिस्टम, साइबर सुरक्षा एवं विश्वसनीय डिजिटल नेटवर्क, डिजिटल स्किलिंग और क्षमता निर्माण, तथा स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसे प्रमुख विषयों पर विचार करेंगे। भारत की अध्यक्षता में यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच तकनीकी साझेदारी को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह देखना होगा कि पुणे में होने वाली इन चर्चाओं से ठोस द्विपक्षीय या बहुपक्षीय डिजिटल समझौते किस रूप में सामने आते हैं।