भारत-आइवरी कोस्ट में डिजिटल और कृषि सहयोग पर बड़ी बातचीत, UPI-आधार मॉडल अपनाने पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय में केंद्रीय और पश्चिम अफ्रीका की अतिरिक्त सचिव सेवला नाइक मुडे ने 9-10 जुलाई 2026 को आबिदजान में आइवरी कोस्ट के कई वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात की। इन द्विपक्षीय बैठकों में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), कृषि आधुनिकीकरण, व्यापार और निवेश जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। यह दौरा कोटे डी आइवर की राष्ट्रीय विकास योजना 2026-2030 के लिए वित्तपोषण से जुड़ी कंसल्टेटिव ग्रुप बैठकों के इतर आयोजित हुआ।
डिजिटल सहयोग: UPI और आधार मॉडल पर चर्चा
10 जुलाई को मुडे ने आइवरी कोस्ट के डिजिटल ट्रांजिशन और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन मंत्री जिब्रिल औटारा से मुलाकात की। बातचीत में भारत के सफल डिजिटल सार्वजनिक ढाँचे — विशेष रूप से यूपीआई (UPI) और आधार — की कार्यप्रणाली और उनकी व्यापक सामाजिक पहुँच पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री औटारा ने भारत की डिजिटल प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि वे इन सफल प्रणालियों से सीखना चाहते हैं और आइवरी कोस्ट में इसी तरह के डिजिटल समाधान लागू करने की संभावनाएँ तलाशी जाएंगी। दोनों पक्षों ने एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर के ज़रिए इस सहयोग को औपचारिक स्वरूप देने की संभावना पर भी विचार किया।
कृषि क्षेत्र: मशीनीकरण, बीज और एग्रो-प्रोसेसिंग
9 जुलाई को मुडे ने आइवरी कोस्ट के कृषि, ग्रामीण विकास और खाद्य उत्पादन मंत्री ब्रूनो नाबाग्ने कोने से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने खेती के मशीनीकरण, क्षमता निर्माण, उन्नत बीजों की आपूर्ति और कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। मुडे ने मंत्री को बताया कि भारतीय कंपनियाँ पहले से ही आइवरी कोस्ट के एग्रो-प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश कर रही हैं — विशेष रूप से काजू, रबर, चावल और अन्य कृषि उद्योगों में। मंत्री कोने ने इस सहयोग का स्वागत किया और ट्रैक्टर असेंबली तथा कृषि मशीनों की आपूर्ति जैसी परियोजनाओं में भी रुचि जताते हुए भारतीय कंपनियों को प्रस्ताव पेश करने का निमंत्रण दिया।
व्यापार और निवेश: द्विपक्षीय संबंध मज़बूत करने पर ज़ोर
मुडे ने ट्रेड, इंडस्ट्री और हैंडीक्राफ्ट मंत्री इब्राहिम कलील कोनाटे से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत और आइवरी कोस्ट के बीच व्यापार और निवेश प्रवाह को और सुदृढ़ बनाने के उपायों पर चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब कोटे डी आइवर अपनी महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय विकास योजना 2026-2030 के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारों की तलाश में है।
राजनयिक सहयोग: पुराने रिश्तों को नई ऊँचाई
मुडे ने आइवरी कोस्ट के विदेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय के महासचिव यापी कोफी इवारिस्टे से भी भेंट की। दोनों ने भारत और आइवरी कोस्ट के ऐतिहासिक और मज़बूत द्विपक्षीय संबंधों को और आगे ले जाने के लिए राजनयिक सहयोग बढ़ाने पर बात की। गौरतलब है कि भारत पश्चिम अफ्रीका में अपनी कूटनीतिक और आर्थिक उपस्थिति को व्यापक बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है, और यह दौरा उसी रणनीति का हिस्सा है। आने वाले महीनों में MOU पर हस्ताक्षर और क्षेत्रीय सहयोग की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।