भारतीय सेना का 240 फुट लंबे बेली पुल का निर्माण श्रीलंका में

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भारतीय सेना का 240 फुट लंबे बेली पुल का निर्माण श्रीलंका में

सारांश

भारतीय सेना, श्रीलंका में मानवीय सहायता मुहैया कराते हुए, 240 फुट लंबे बेली पुल का निर्माण कर रही है। यह पुल स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुगम बनाएगा और क्षेत्रीय विकास में योगदान देगा।

मुख्य बातें

श्रीलंका में 240 फुट का बेली पुल भारतीय सेना द्वारा बनाया जा रहा है।
यह पुल स्थानीय आवाजाही और अर्थव्यवस्थाओं में सुधार लाएगा।
भारतीय सेना का यह प्रयास 'पड़ोसी प्रथम' नीति का प्रतीक है।
पुल का निर्माण 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों को इससे तत्काल राहत मिलेगी।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आपदा के समय पड़ोसी देशों की सहायता प्रदान करने और ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत, भारतीय सेना श्रीलंका में सड़क मार्ग को पुनर्जीवित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। यह कार्य श्रीलंका में मानवीय सहायता और आपदा राहत मिशन ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के अंतर्गत किया जा रहा है।

इसी क्रम में, भारतीय सेना ने श्रीलंका के चिलाव क्षेत्र में 240 फुट लंबे बेली पुल का निर्माण आरंभ कर दिया है। भारतीय सेना का कहना है कि यह परियोजना भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय सेना के इंजीनियर दल ने श्रीलंका के जाफना और कैंडी क्षेत्रों में तीन बेली पुलों का सफलतापूर्वक निर्माण किया है। इन पुलों के निर्माण से वहां की स्थानीय आवाजाही और संपर्क व्यवस्था में सुधार हुआ है। अब चिलाव में बनाया जा रहा नया पुल उसी सहायता अभियान का अगला महत्वपूर्ण चरण है।

यह पुल रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से श्रीलंका की राजधानी कोलंबो और प्रमुख आर्थिक क्षेत्र पुत्तलम के बीच संपर्क को मजबूत किया जाएगा। यह मार्ग चिलाव जिले से होकर गुजरता है और तटीय क्षेत्र के लिए एक प्रमुख परिवहन मार्ग माना जाता है। श्रीलंका के लिए यह सड़क मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, दरअसल, इस मार्ग का उपयोग बड़ी संख्या में स्थानीय लोग करते हैं। विशेष रूप से कृषि और मत्स्य क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह रास्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पुल के बनने के बाद किसानों की उपज को बाजार तक पहुंचाना आसान होगा। वहीं, मछली उद्योग से जुड़े स्थानीय व्यक्तियों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष श्रीलंका में भयंकर चक्रवात ‘दित्वाह’ आया था। इससे श्रीलंका के लोग बुरी तरह प्रभावित हुए थे। कई सड़क मार्ग, महत्वपूर्ण हाईवे, छोटे-बड़े ब्रिज इस चक्रवात में क्षतिग्रस्त हो गए। ऐसे में भारतीय सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स लगातार यहां मानवीय सहायता एवं आपदा राहत कार्य कर रही है। विशेष रूप से, सेना ने केंद्रीय प्रांत के कैंडी को उवा प्रांत के बदुल्ला से जोड़ने वाले अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग बी-492 पर यातायात बहाली सुनिश्चित की है।

भयंकर चक्रवात के कारण यहां सड़क के कई हिस्से ध्वस्त हो गए थे। इससे स्थानीय लोगों का आवागमन, आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच गंभीर रूप से बाधित हो गई थी। भारतीय सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स ने युद्धस्तर पर काम करते हुए यहां केएम 15 और केएम 21 पर बेली ब्रिज बनाए हैं। इसके जरिए मजबूत लोहे के पुल का निर्माण करके दोनों क्षेत्रों को पुनः जोड़ दिया गया है। इन पुलों के निर्माण से न केवल सड़क संपर्क बहाल हुआ है, बल्कि यात्रा समय में भारी कमी आई है।

इससे आपूर्ति श्रृंखला फिर से सुचारु हुई है और स्थानीय समुदायों को तत्काल राहत मिली है। अब भारतीय सेना द्वारा बनाए जा रहे इस एक और ब्रिज का निर्माण पूरा होने के बाद लोगों, आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही पहले से अधिक सुचारु हो जाएगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र के लोगों की आजीविका को भी लाभ पहुंचेगा।

‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के माध्यम से भारतीय सेना ने यह भी दिखाया है कि भारत अपने पड़ोसी देशों के लिए एक विश्वसनीय सहयोगी और संकट के समय तुरंत सहायता प्रदान करने वाला देश है। यह पहल भारतीय महासागर क्षेत्र में सहयोग, मानवीय साझेदारी और सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भारत के प्रयासों को भी दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को भी बढ़ावा देती है। यह कदम भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति को साकार करता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय सेना ने श्रीलंका में क्यों पुल का निर्माण किया?
भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत श्रीलंका में मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए पुल का निर्माण किया है।
यह पुल किस क्षेत्र में बनाया जा रहा है?
यह पुल श्रीलंका के चिलाव क्षेत्र में बनाया जा रहा है।
इस पुल का महत्व क्या है?
यह पुल स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुगम बनाएगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
भारतीय सेना ने पहले कहाँ पुल बनाया है?
भारतीय सेना ने पहले श्रीलंका के जाफना और कैंडी क्षेत्रों में तीन बेली पुलों का निर्माण किया है।
ऑपरेशन सागर बंधु क्या है?
ऑपरेशन सागर बंधु, भारतीय सेना का एक मिशन है, जिसके तहत वह आपदा के समय पड़ोसी देशों की सहायता करती है।
राष्ट्र प्रेस
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