27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महेश्वर में नर्मदा नदी में बहा इंदौर का युवक, दूसरे दिन भी SDRF की तलाशी जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महेश्वर में नर्मदा नदी में बहा इंदौर का युवक, दूसरे दिन भी SDRF की तलाशी जारी

सारांश

इंदौर के निपानिया निवासी 30 वर्षीय अर्पित हाड़ा महेश्वर के सहस्त्रधारा घाट पर नर्मदा नदी में स्नान के दौरान तेज बहाव में बह गए। परिवार के साथ पर्यटन पर निकले युवक की तलाश दूसरे दिन भी जारी है — SDRF, पुलिस और गोताखोर नावों से खोजबीन कर रहे हैं, अब तक कोई सुराग नहीं।

मुख्य बातें

इंदौर के निपानिया निवासी अर्पित हाड़ा (30 वर्ष) महेश्वर के सहस्त्रधारा घाट पर नर्मदा नदी में बह गए।
घटना रविवार शाम 4 से 5 बजे के बीच हुई जब वह परिवार के पाँच सदस्यों के साथ पर्यटन पर आए थे।
पथरीले तल पर पैर फिसलने के बाद तेज बहाव उन्हें गहरे पानी में ले गया।
महेश्वर पुलिस , होमगार्ड और SDRF की टीमें सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी तलाश में जुटी रहीं।
थाना प्रभारी जगदीश गोयल के अनुसार अब तक कोई सुराग नहीं; मानसून में नदी का बहाव और जलस्तर दोनों खतरनाक स्तर पर हैं।

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर स्थित सहस्त्रधारा घाट पर नर्मदा नदी में स्नान के दौरान इंदौर का एक 30 वर्षीय युवक तेज बहाव में बह गया। 27 जुलाई 2026 को लगातार दूसरे दिन भी पुलिस, होमगार्ड और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें उसकी तलाश में जुटी रहीं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

कौन है लापता युवक

लापता युवक की पहचान इंदौर के निपानिया क्षेत्र निवासी अर्पित हाड़ा के रूप में हुई है। वह रविवार को अपने परिवार के पाँच सदस्यों के साथ महेश्वर और आसपास के पर्यटन स्थलों की सैर पर निकला था। घूमने के बाद परिवार रविवार शाम 4 से 5 बजे के बीच जलकोटी स्थित सहस्त्रधारा क्षेत्र पहुँचा।

कैसे हुई घटना

नर्मदा नदी में स्नान के दौरान अर्पित का पैर कथित तौर पर नदी के पथरीले तल पर फिसल गया, जिसके बाद तेज बहाव उसे गहरे पानी में खींच ले गया। साथ मौजूद परिजनों ने तुरंत मदद के लिए शोर मचाया। मौके पर पहुँचे नाविक, स्थानीय लोग और अन्य पर्यटक किनारे तक आए, लेकिन तेज बहाव, गहरे पानी और पथरीले इलाके के कारण कोई भी नदी में नहीं उतर सका।

बचाव अभियान का हाल

घटना की सूचना मिलते ही महेश्वर पुलिस, होमगार्ड और SDRF की टीमों ने रविवार शाम से ही तलाश अभियान शुरू कर दिया। टीमों ने देर रात तक नदी के कई हिस्सों में खोजबीन की, परंतु अर्पित का कोई पता नहीं चला। अंधेरे के कारण रात में अभियान रोकना पड़ा, जिसे सोमवार सुबह फिर से शुरू किया गया। बचाव दल नावों और अन्य संसाधनों की सहायता से इलाके में लगातार तलाश कर रहा है।

पुलिस की चेतावनी

महेश्वर थाना प्रभारी जगदीश गोयल ने बताया कि तलाश अभियान जारी है और अब तक लापता युवक का कोई सुराग नहीं मिला है। उन्होंने कहा, 'नर्मदा नदी का जलकोटी-सहस्त्रधारा क्षेत्र तेज बहाव, गहरे पानी और पथरीले तल के कारण बेहद खतरनाक है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं को नदी के अपरिचित या गहरे हिस्सों में स्नान करने से बचना चाहिए और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए।'

मानसून में बढ़ता खतरा

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मानसून के दौरान नर्मदा नदी का जलस्तर और बहाव दोनों सामान्य से काफी अधिक रहते हैं। गौरतलब है कि महेश्वर एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सैलानी नदी में स्नान के लिए आते हैं। पुलिस ने एक बार फिर लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। युवक का पता चलने तक बचाव अभियान जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी यहाँ सुरक्षा इंतजाम सवालों के घेरे में हैं — मानसून में नदी का बहाव खतरनाक होने के बावजूद पर्यटकों को रोकने या चेतावनी देने की कोई ठोस व्यवस्था नज़र नहीं आती। पुलिस की अपील हर हादसे के बाद दोहराई जाती है, लेकिन घाटों पर स्थायी सुरक्षाकर्मी, लाइफ जैकेट या चेतावनी बोर्ड की कमी एक बड़ा प्रशासनिक चूक है। यह घटना अकेली नहीं है — मध्य प्रदेश में नर्मदा और उसकी सहायक नदियों में मानसून के दौरान डूबने की घटनाएँ हर साल दर्ज होती हैं। सवाल यह है कि पर्यटन को बढ़ावा देने वाला प्रशासन सुरक्षा ढाँचे पर कब उतनी ही गंभीरता दिखाएगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महेश्वर में नर्मदा नदी में कौन बहा और कब?
इंदौर के निपानिया निवासी 30 वर्षीय अर्पित हाड़ा रविवार शाम 4 से 5 बजे के बीच महेश्वर के सहस्त्रधारा घाट पर नर्मदा नदी में स्नान के दौरान तेज बहाव में बह गए। वह परिवार के पाँच सदस्यों के साथ पर्यटन पर आए थे।
अर्पित हाड़ा की तलाश में कौन-कौन सी टीमें लगी हैं?
महेश्वर पुलिस, होमगार्ड, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय गोताखोर नावों व अन्य संसाधनों की मदद से तलाश अभियान चला रहे हैं। सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी यह अभियान जारी रहा।
सहस्त्रधारा घाट पर यह हादसा कैसे हुआ?
नदी में स्नान के दौरान अर्पित का पैर कथित तौर पर पथरीले तल पर फिसल गया, जिसके बाद तेज बहाव उन्हें गहरे पानी में खींच ले गया। मौके पर मौजूद लोग तेज बहाव और गहरे पानी के कारण बचाव नहीं कर सके।
क्या मानसून में नर्मदा नदी में स्नान करना खतरनाक है?
हाँ, थाना प्रभारी जगदीश गोयल के अनुसार जलकोटी-सहस्त्रधारा क्षेत्र तेज बहाव, गहरे पानी और पथरीले तल के कारण बेहद खतरनाक है। मानसून के दौरान नदी का जलस्तर और बहाव दोनों सामान्य से काफी अधिक हो जाते हैं।
तलाश अभियान कब तक चलेगा?
पुलिस के अनुसार युवक का पता चलने तक बचाव और तलाश अभियान जारी रहेगा। अब तक कोई सुराग नहीं मिला है और टीमें नावों से नदी के विभिन्न हिस्सों में खोजबीन कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले