ईरानी राष्ट्रपति का बयान: अमेरिका का आत्मसमर्पण का सपना कभी पूरा नहीं होगा
सारांश
Key Takeaways
- ईरान अमेरिका के दबाव के खिलाफ दृढ़ है।
- खाड़ी देशों पर हमले की नीति में बदलाव किया गया है।
- आईआरजीसी ने फारस की खाड़ी में एक तेल टैंकर को निशाना बनाया।
तेहरान, ७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका की यह अपेक्षा कि वह तेहरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण के लिए बाध्य करेगा, सिर्फ एक ख्वाब है जो 'उसके अंतिम क्षणों तक भी पूरा नहीं होगा।' उनका यह बयान सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित किया गया।
राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका का बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग एक ऐसा ख्वाब है जिसे उन्हें अपने साथ कब्र में ले जाना चाहिए।
हाल ही में, ट्रंप ने ईरान को बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी थी, जब उन्होंने कहा कि समझौता तभी होगा जब आत्मसमर्पण किया जाएगा।
पेजेशकियान ने खाड़ी देशों पर हमले के बारे में भी महत्वपूर्ण बातें कही। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ईरान अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं करेगा जब तक कि उन देशों की भूमि से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस निर्णय को देश के अंतरिम नेतृत्व परिषद द्वारा स्वीकृति प्राप्त हो गई है।
उन्होंने कहा कि ईरान इन देशों के साथ तनाव को बढ़ाना नहीं चाहता और भविष्य में ऐसे हमलों से बचने की कोशिश करेगा।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के आठवें दिन पेजेशकियान का यह बयान आया है। २८ फरवरी को संघर्ष की शुरूआत से अब तक ईरान ने इजरायल समेत मध्य पूर्व के १० से अधिक देशों को निशाना बनाया है।
इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने यह दावा किया है कि उसने फारस की खाड़ी में एक तेल टैंकर को ड्रोन से निशाना बनाया है।
समाचार एजेंसी तसनीम के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि 'प्राइमा' नामक टैंकर को उस समय निशाना बनाया गया जब उसने उनकी नौसेना की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया। इन चेतावनियों में कहा गया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही पर रोक है और यह क्षेत्र असुरक्षित है।