7 अगस्त 2026
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इटली के विदेश मंत्री तजानी के पोस्ट में ईरान का पुराना झंडा, मंत्रालय ने बताई तकनीकी गलती

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इटली के विदेश मंत्री तजानी के पोस्ट में ईरान का पुराना झंडा, मंत्रालय ने बताई तकनीकी गलती

सारांश

इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी की एक्स पोस्ट में ईरान के राजशाही युग के शेर-सूरज वाले झंडे का इमोजी दिखना महज एक तकनीकी चूक नहीं रही — यह उस व्यापक प्रतीकात्मक जंग की झलक बन गई जो ईरान की सत्ता और उसके विरोधियों के बीच 2026 में तेज हो चुकी है।

मुख्य बातें

इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने 7 अगस्त 2026 को एक्स पर ईरान के 1979-पूर्व शेर-सूरज वाले झंडे का इमोजी पोस्ट किया।
विवाद बढ़ने पर वह पोस्ट हटाकर बिना इमोजी के दोबारा प्रकाशित किया गया।
इटली के विदेश मंत्रालय ने इसे तकनीकी कारण बताया और किसी बाहरी दबाव से इनकार किया।
पोस्ट ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ फोन वार्ता की जानकारी देने के लिए किया गया था।
2026 में ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पुराना झंडा इस्लामिक गणराज्य के विरोधियों का प्रतीक बन चुका है।
एक्स प्लेटफॉर्म ने यूज़र अनुरोध पर ईरान का आधिकारिक इमोजी पुराने झंडे के इमोजी से बदल दिया था।

इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक पोस्ट में 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले के ईरानी झंडे का इमोजी शामिल होने पर राजनयिक हलकों में हलचल मच गई। विवाद बढ़ने पर वह पोस्ट हटाकर बिना इमोजी के दोबारा प्रकाशित किया गया, और इटली के विदेश मंत्रालय ने इसे महज एक तकनीकी चूक करार दिया।

मामला क्या था

तजानी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ हुई टेलीफोन वार्ता की जानकारी देने के लिए एक्स पर पोस्ट किया। उस पोस्ट में उन्होंने जो झंडे का इमोजी चुना, वह शेर और सूरज के प्रतीक वाला था — यही प्रतीक ईरान में राजशाही काल में राष्ट्रीय झंडे पर अंकित था। जैसे ही इस पोस्ट पर ध्यान खिंचा, इसे तुरंत हटाया गया और बिना किसी झंडे के इमोजी के नया पोस्ट जारी किया गया।

इटली के विदेश मंत्रालय की सफाई

इटली के विदेश मंत्रालय ने 7 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि पोस्ट में बदलाव पूरी तरह तकनीकी कारणों से किया गया था। मंत्रालय के अनुसार, 'पोस्ट में सिर्फ तकनीकी वजहों से बदलाव किया गया था। इसे किसी और वजह या बाहरी पार्टियों के कम्युनिकेशन, अपील या दबाव की वजह से नहीं जोड़ा जा सकता।' मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई जानबूझकर किया गया राजनयिक संदेश नहीं था।

ईरान के पुराने झंडे का राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि जब ईरान में राजशाही सत्ता में थी, तो देश का झंडा हरे, सफेद और लाल रंग का था, जिस पर शेर और सूरज का निशान हुआ करता था। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद मौलवियों के नेतृत्व वाली सरकार ने इस प्रतीक को हटाकर नया कोट ऑफ आर्म्स अपनाया और धारियों के किनारों पर 'अल्लाह हू अकबर' लिखा गया।

यह ऐसे समय में आया है जब 2026 की शुरुआत से ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पुराने झंडे की चर्चा फिर से तेज हो गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस्लामिक गणराज्य के विरोधी इस प्रतीक का व्यापक पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय संदर्भ और इज़रायल का पोस्ट

जनवरी 2026 में एक वीडियो सामने आया था जिसमें एक प्रदर्शनकारी लंदन स्थित ईरानी दूतावास से ईरान का वर्तमान झंडा फाड़ते और क्रांति से पहले का झंडा थामे हुए दिखा। इसके अलावा, इज़रायल के वॉर रूम ने भी शेर और सूरज वाले पुराने ईरानी झंडे की तस्वीर के साथ एक पोस्ट साझा किया था, जिसके कैप्शन में केवल 'जल्द' लिखा था। इस पोस्ट ने यह अटकलें और तेज कर दी थीं कि ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावना को लेकर क्या चल रहा है।

उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने एक यूज़र के अनुरोध पर ईरानी झंडे के आधिकारिक इमोजी को क्रांति से पहले के झंडे के इमोजी से बदल दिया था, जिसके बाद से यह प्रतीक चर्चा के केंद्र में है।

आगे क्या

इटली-ईरान के बीच राजनयिक संवाद जारी है और तजानी-अराघची फोन वार्ता इसी का हिस्सा थी। हालाँकि इस प्रकरण ने यह दिखा दिया है कि प्रतीकों और इमोजी जैसी छोटी-सी चूक भी अंतरराष्ट्रीय राजनय में कितनी बड़ी प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकती है, खासकर जब ईरान जैसे संवेदनशील भू-राजनीतिक परिदृश्य की बात हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना एक बड़े सच को उजागर करती है — ईरान का पुराना झंडा अब सिर्फ नॉस्टेल्जिया नहीं, एक सक्रिय भू-राजनीतिक संकेत बन चुका है। इज़रायल के वॉर रूम से लेकर लंदन की सड़कों तक, इस प्रतीक का उपयोग सुनियोजित दिखता है। यूरोपीय राजनयिकों को अब सोशल मीडिया पर इमोजी चुनते वक्त भी उतनी ही सतर्कता बरतनी होगी जितनी आधिकारिक बयानों में — क्योंकि डिजिटल युग में प्रतीक और नीति के बीच की रेखा तेजी से धुंधली हो रही है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इटली के विदेश मंत्री तजानी के पोस्ट में क्या विवाद था?
एंटोनियो तजानी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ फोन वार्ता की जानकारी देते हुए एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले के ईरानी झंडे — शेर और सूरज के प्रतीक — का इमोजी था। यह प्रतीक वर्तमान ईरानी सरकार के विरोधियों से जुड़ा माना जाता है, इसलिए पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया हुई।
इटली के विदेश मंत्रालय ने इस मामले में क्या सफाई दी?
इटली के विदेश मंत्रालय ने 7 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि पोस्ट में बदलाव केवल तकनीकी कारणों से किया गया था और इसे किसी बाहरी दबाव या अपील से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। मंत्रालय ने इसे किसी जानबूझकर राजनयिक संदेश के रूप में नकारा।
ईरान के पुराने झंडे पर शेर और सूरज का क्या महत्व है?
1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले ईरान के राजशाही शासन में राष्ट्रीय झंडे पर शेर और सूरज का प्रतीक अंकित था। क्रांति के बाद इसे हटाकर नया कोट ऑफ आर्म्स अपनाया गया। अब यह प्रतीक इस्लामिक गणराज्य के विरोधियों की पहचान बन चुका है।
2026 में ईरान में पुराने झंडे की चर्चा क्यों बढ़ी है?
2026 की शुरुआत से ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पुराने झंडे का उपयोग बढ़ा है। जनवरी 2026 में लंदन स्थित ईरानी दूतावास के बाहर एक प्रदर्शनकारी को वर्तमान झंडा फाड़कर पुराना झंडा थामे देखा गया। इसके अलावा एक्स प्लेटफॉर्म ने यूज़र अनुरोध पर ईरान का आधिकारिक इमोजी बदलकर पुराने झंडे का इमोजी कर दिया।
इज़रायल के वॉर रूम ने ईरान के पुराने झंडे वाला पोस्ट क्यों किया?
इज़रायल के वॉर रूम ने शेर और सूरज वाले पुराने ईरानी झंडे की तस्वीर के साथ 'जल्द' कैप्शन में लिखकर एक पोस्ट साझा किया, जिसने यह अटकलें बढ़ा दीं कि ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर कोई संकेत दिया जा रहा है। हालाँकि इज़रायल ने इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया।
राष्ट्र प्रेस
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