इटली के विदेश मंत्री तजानी के पोस्ट में ईरान का पुराना झंडा, मंत्रालय ने बताई तकनीकी गलती
सारांश
मुख्य बातें
इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक पोस्ट में 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले के ईरानी झंडे का इमोजी शामिल होने पर राजनयिक हलकों में हलचल मच गई। विवाद बढ़ने पर वह पोस्ट हटाकर बिना इमोजी के दोबारा प्रकाशित किया गया, और इटली के विदेश मंत्रालय ने इसे महज एक तकनीकी चूक करार दिया।
मामला क्या था
तजानी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ हुई टेलीफोन वार्ता की जानकारी देने के लिए एक्स पर पोस्ट किया। उस पोस्ट में उन्होंने जो झंडे का इमोजी चुना, वह शेर और सूरज के प्रतीक वाला था — यही प्रतीक ईरान में राजशाही काल में राष्ट्रीय झंडे पर अंकित था। जैसे ही इस पोस्ट पर ध्यान खिंचा, इसे तुरंत हटाया गया और बिना किसी झंडे के इमोजी के नया पोस्ट जारी किया गया।
इटली के विदेश मंत्रालय की सफाई
इटली के विदेश मंत्रालय ने 7 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि पोस्ट में बदलाव पूरी तरह तकनीकी कारणों से किया गया था। मंत्रालय के अनुसार, 'पोस्ट में सिर्फ तकनीकी वजहों से बदलाव किया गया था। इसे किसी और वजह या बाहरी पार्टियों के कम्युनिकेशन, अपील या दबाव की वजह से नहीं जोड़ा जा सकता।' मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई जानबूझकर किया गया राजनयिक संदेश नहीं था।
ईरान के पुराने झंडे का राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि जब ईरान में राजशाही सत्ता में थी, तो देश का झंडा हरे, सफेद और लाल रंग का था, जिस पर शेर और सूरज का निशान हुआ करता था। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद मौलवियों के नेतृत्व वाली सरकार ने इस प्रतीक को हटाकर नया कोट ऑफ आर्म्स अपनाया और धारियों के किनारों पर 'अल्लाह हू अकबर' लिखा गया।
यह ऐसे समय में आया है जब 2026 की शुरुआत से ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पुराने झंडे की चर्चा फिर से तेज हो गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस्लामिक गणराज्य के विरोधी इस प्रतीक का व्यापक पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय संदर्भ और इज़रायल का पोस्ट
जनवरी 2026 में एक वीडियो सामने आया था जिसमें एक प्रदर्शनकारी लंदन स्थित ईरानी दूतावास से ईरान का वर्तमान झंडा फाड़ते और क्रांति से पहले का झंडा थामे हुए दिखा। इसके अलावा, इज़रायल के वॉर रूम ने भी शेर और सूरज वाले पुराने ईरानी झंडे की तस्वीर के साथ एक पोस्ट साझा किया था, जिसके कैप्शन में केवल 'जल्द' लिखा था। इस पोस्ट ने यह अटकलें और तेज कर दी थीं कि ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावना को लेकर क्या चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने एक यूज़र के अनुरोध पर ईरानी झंडे के आधिकारिक इमोजी को क्रांति से पहले के झंडे के इमोजी से बदल दिया था, जिसके बाद से यह प्रतीक चर्चा के केंद्र में है।
आगे क्या
इटली-ईरान के बीच राजनयिक संवाद जारी है और तजानी-अराघची फोन वार्ता इसी का हिस्सा थी। हालाँकि इस प्रकरण ने यह दिखा दिया है कि प्रतीकों और इमोजी जैसी छोटी-सी चूक भी अंतरराष्ट्रीय राजनय में कितनी बड़ी प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकती है, खासकर जब ईरान जैसे संवेदनशील भू-राजनीतिक परिदृश्य की बात हो।