1 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ट्रंप ने फिर दी पिकएक्स माउंटेन पर हमले की धमकी, ईरान के परमाणु ठिकाने पर बढ़ा तनाव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ट्रंप ने फिर दी पिकएक्स माउंटेन पर हमले की धमकी, ईरान के परमाणु ठिकाने पर बढ़ा तनाव

सारांश

ट्रंप ने एक बार फिर पिकएक्स माउंटेन को निशाने पर रखा — यह ईरान का वह भूमिगत परमाणु ठिकाना है जिसका IAEA ने अब तक निरीक्षण नहीं किया। ग्रेनाइट चट्टानों के भीतर बनी सुरंगें इसे बंकर बस्टर बमों के लिए भी चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। कूटनीति और सैन्य दबाव का यह दोहरा खेल अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता को नाज़ुक मोड़ पर ले आया है।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में ईरान के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता की सराहना करते हुए पिकएक्स माउंटेन पर हमले की धमकी दोहराई।
पिकएक्स माउंटेन इस्फहान प्रांत में नतांज परमाणु प्रतिष्ठान से लगभग 2 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।
'इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी' की 16 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में सुरंग प्रवेश मार्गों पर मिट्टी के अवरोध मौजूद, नियमित परिचालन के संकेत नहीं।
इज़रायली खुफिया स्रोतों के अपुष्ट दावों के अनुसार ईरान ने यहाँ सेंट्रीफ्यूज और पुर्जे पहुँचाए हैं।
IAEA ने अब तक इस परिसर का निरीक्षण नहीं किया, जिससे वहाँ की गतिविधियों की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं।
अमेरिकी जीबीयू-57 बंकर बस्टर बम से प्रवेश द्वार और सहायक ढाँचे को नुकसान संभव, लेकिन परिसर का पूर्ण विनाश अनिश्चित — विशेषज्ञों की राय।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में ईरान के साथ जारी अप्रत्यक्ष वार्ता की सराहना करते हुए एक बार फिर पिकएक्स माउंटेन पर संभावित सैन्य हमले की धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के एक-दो परमाणु ठिकाने अभी भी 'निपटारे के बाहर' हैं और पिकएक्स माउंटेन को 'बहुत तेज़ी से' निशाना बनाया जा सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों की चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं।

पिकएक्स माउंटेन क्या है और कहाँ स्थित है

पिकएक्स माउंटेन ईरान के इस्फहान प्रांत में स्थित एक पहाड़ी क्षेत्र है, जिसे स्थानीय रूप से 'कूह-ए कोलांग गज ला' कहा जाता है। 'कोलांग' का अर्थ कुदाल या पहाड़ खोदने वाले औजार से है, इसीलिए इसे अंग्रेज़ी में 'पिकैक्स माउंटेन' कहा जाता है।

यह स्थान ईरान के प्रमुख परमाणु प्रतिष्ठान नतांज से लगभग दो किलोमीटर दक्षिण में और राजधानी तेहरान से करीब 220 किलोमीटर दूर है। पहाड़ के भीतर मज़बूत ग्रेनाइट चट्टानों के बीच गहरी सुरंगों का एक बड़ा परिसर विकसित किया गया है, जिसमें दो अलग-अलग सुरंग परिसरों के प्रवेश मार्ग मौजूद हैं।

परमाणु विशेषज्ञों की चिंता और उपग्रह निगरानी

पश्चिमी देशों के परमाणु विशेषज्ञों की प्रमुख चिंता इस ठिकाने की भूमिगत संरचना और उसके संभावित इस्तेमाल को लेकर है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान यहाँ यूरेनियम संवर्धन (यूरेनियम एनरिचमेंट) का एक ऐसा केंद्र विकसित कर रहा है जिसे हवाई हमलों से बचाना आसान हो। कम संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में होता है, जबकि अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम से परमाणु हथियार बनाना संभव है।

'इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी' के विशेषज्ञ उपग्रह तस्वीरों के ज़रिए इस ठिकाने पर नज़र रख रहे हैं। संस्था की 16 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, सुरंगों के प्रवेश मार्गों पर मिट्टी के अवरोध अभी भी मौजूद हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि परिसर में फिलहाल न तो नियमित परिचालन हो रहा है और न ही बड़े पैमाने पर निर्माण गतिविधियाँ जारी हैं। हालाँकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि परिसर में महत्वपूर्ण उपकरण या सामग्री हो सकती है।

गौरतलब है कि जुलाई 2026 में आई मीडिया रिपोर्टों में इज़रायली खुफिया एजेंसियों के हवाले से दावा किया गया था कि ईरान ने यहाँ सेंट्रीफ्यूज और उनके पुर्जे पहुँचाए हैं। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हुई है।

सैन्य चुनौती: बंकर बस्टर बम भी काफी नहीं?

अमेरिका के पास जीबीयू-57 जैसे शक्तिशाली बंकर बस्टर बम मौजूद हैं, जिन्हें जमीन के भीतर बने मज़बूत सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ की गहराई में स्थित इस परिसर को पूरी तरह नष्ट करना आसान नहीं होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से सुरंगों के प्रवेश द्वार, बिजली आपूर्ति, वेंटिलेशन व्यवस्था और अन्य सहायक ढाँचे को नुकसान पहुँचाया जा सकता है, लेकिन पहाड़ के भीतर मौजूद सभी केंद्रों को नष्ट करना सुनिश्चित नहीं। अमेरिका के लिए असली चुनौती यह सुनिश्चित करने की है कि वहाँ मौजूद संभावित परमाणु उपकरण और सामग्री दोबारा इस्तेमाल के योग्य न रहें।

आईएईए की अनुपस्थिति और जवाबदेही का संकट

एक अहम तथ्य यह है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इस भूमिगत परिसर का अब तक निरीक्षण नहीं किया है। इस कारण वहाँ वास्तव में कौन से उपकरण मौजूद हैं और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए है, इसकी कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

ईरान का आधिकारिक रुख यह रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। दूसरी ओर, पश्चिमी देश उसके यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम और भूमिगत परमाणु ढाँचे को लेकर गहरी आशंकाएँ जताते रहे हैं।

आगे क्या हो सकता है

यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ परमाणु समझौते की दिशा में अप्रत्यक्ष बातचीत जारी रखे हुए है। पिकएक्स माउंटेन, नतांज और फोर्दो जैसे पहले के ठिकानों पर हुए हमलों के बाद भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जो अमेरिकी रणनीतिकारों के लिए इसकी अहमियत को रेखांकित करता है। राजनयिक और सैन्य दबाव का यह दोहरा खेल अमेरिका-ईरान संबंधों की जटिलता को और गहरा बनाता है — आगे का रास्ता बातचीत की सफलता या विफलता पर बहुत हद तक निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे ईरान के साथ जारी अप्रत्यक्ष वार्ता के समानांतर चलाया जा रहा है। विरोधाभास यह है कि जिस ठिकाने को 'आसान लक्ष्य' बताया जा रहा है, उसकी ग्रेनाइट संरचना और गहराई अमेरिका के सबसे शक्तिशाली बंकर बस्टर बमों को भी चुनौती देती है। IAEA की अनुपस्थिति एक बड़ी खामी है — बिना स्वतंत्र निरीक्षण के, यह पूरी बहस खुफिया दावों और उपग्रह तस्वीरों पर टिकी है, जो 2003 के इराक़ से सबक को भुलाने की याद दिलाती है। असली सवाल यह है कि क्या यह सैन्य विकल्प की धमकी ईरान को समझौते की मेज़ पर लाएगी या उसे और कठोर बना देगी।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिकएक्स माउंटेन क्या है और यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम से कैसे जुड़ा है?
पिकएक्स माउंटेन ईरान के इस्फहान प्रांत में स्थित एक पहाड़ी भूमिगत परिसर है, जो नतांज परमाणु प्रतिष्ठान से लगभग 2 किलोमीटर दूर है। पश्चिमी देशों को आशंका है कि ईरान यहाँ यूरेनियम संवर्धन की सुविधा विकसित कर रहा है, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप ने पिकएक्स माउंटेन पर हमले की धमकी क्यों दी?
ट्रंप ने फ्लोरिडा में कहा कि ईरान के एक-दो परमाणु ठिकाने अभी भी 'निपटारे के बाहर' हैं और पिकएक्स माउंटेन को बहुत तेज़ी से निशाना बनाया जा सकता है। यह बयान ईरान के साथ जारी अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के बीच कूटनीतिक दबाव की रणनीति के तहत आया है।
क्या अमेरिका के बंकर बस्टर बम पिकएक्स माउंटेन को नष्ट कर सकते हैं?
अमेरिका के पास जीबीयू-57 जैसे शक्तिशाली बंकर बस्टर बम हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इनसे सुरंगों के प्रवेश द्वार और सहायक ढाँचे को नुकसान पहुँचाया जा सकता है, लेकिन ग्रेनाइट चट्टानों में गहराई तक बने परिसर का पूर्ण विनाश सुनिश्चित नहीं है।
IAEA ने पिकएक्स माउंटेन का निरीक्षण क्यों नहीं किया?
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने अब तक इस भूमिगत परिसर का निरीक्षण नहीं किया है। इस कारण वहाँ मौजूद उपकरणों और उनके उद्देश्य की कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, जिससे सभी मौजूदा दावे खुफिया रिपोर्टों और उपग्रह तस्वीरों पर निर्भर हैं।
'इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी' की ताज़ा रिपोर्ट में क्या कहा गया?
संस्था की 16 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, सुरंगों के प्रवेश मार्गों पर मिट्टी के अवरोध अभी भी मौजूद हैं, जो नियमित परिचालन या बड़े निर्माण कार्य का संकेत नहीं देते। हालाँकि रिपोर्ट में कहा गया है कि परिसर में महत्वपूर्ण उपकरण या सामग्री हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 1 साल पहले