15 जुलाई 2026
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ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी: 'पिकएक्स माउंटेन' पर हलचल हुई तो अमेरिका करेगा तत्काल हमला

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ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी: 'पिकएक्स माउंटेन' पर हलचल हुई तो अमेरिका करेगा तत्काल हमला

सारांश

ट्रंप की यह चेतावनी महज़ बयानबाज़ी नहीं है — 'पिकएक्स माउंटेन' पर स्पेस फोर्स की निगरानी और तालेघान की सैटेलाइट तस्वीरों का हवाला देकर उन्होंने साफ कर दिया कि अमेरिका की नज़र हटी नहीं है। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बाद भी ईरान की हर हलचल पर वाशिंगटन की पैनी नज़र बनी हुई है।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 15 जुलाई 2026 को फॉक्स न्यूज साक्षात्कार में ईरान को चेतावनी दी कि 'पिकएक्स माउंटेन' परमाणु स्थल पर कोई भी हलचल होने पर अमेरिका तत्काल हमला करेगा।
अमेरिकी स्पेस फोर्स की निगरानी प्रणाली इस स्थल पर चौबीसों घंटे नज़र बनाए हुए है; ट्रंप ने दावा किया कि अंतरिक्ष से नाम का बैज तक पढ़ा जा सकता है।
22 जून और 7 जुलाई की सैटेलाइट तस्वीरों में तालेघान परमाणु केंद्र पर ट्रकों, क्रेनों और ताज़े कंक्रीट की गतिविधि दिखाई दी।
ट्रंप के अनुसार 28 फरवरी को शुरू हुए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से पहले ईरान दो सप्ताह में परमाणु हथियार हासिल कर सकता था — यह दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं है।
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है; यूरेनियम संवर्धन पर पश्चिमी देशों से विवाद जारी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 जुलाई 2026 को ईरान को स्पष्ट और कड़ी चेतावनी दी — यदि 'पिकएक्स माउंटेन' परमाणु स्थल पर कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी, तो अमेरिका बिना देरी किए सैन्य कार्रवाई करेगा। फॉक्स न्यूज को दिए एक विस्तृत साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी निगरानी तंत्र इस स्थल पर चौबीसों घंटे नज़र बनाए हुए है।

निगरानी और चेतावनी का ब्यौरा

ट्रंप ने साक्षात्कार में बताया कि अमेरिकी स्पेस फोर्स की उन्नत निगरानी प्रणाली 'पिकएक्स माउंटेन' पर लगातार नज़र रख रही है। उन्होंने दावा किया, "हमारे पास इतनी आधुनिक तकनीक है कि अंतरिक्ष से किसी व्यक्ति के नाम का बैज तक पढ़ा जा सकता है।" ट्रंप ने स्वीकार किया कि फिलहाल वहाँ बहुत कम गतिविधि दिख रही है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि थोड़ी भी हलचल बढ़ने पर अमेरिका "तुरंत वही करेगा जो ज़रूरी होगा।"

जब पत्रकार ने सवाल उठाया कि कुछ सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी बंकर-बस्टर बम शायद 'पिकएक्स माउंटेन' जैसे गहरे भूमिगत केंद्र को पूरी तरह नष्ट नहीं कर पाएँगे, तो ट्रंप ने जवाब दिया, "हमारे पास बेहद शक्तिशाली हथियार हैं — वे काफी गहराई तक हमला कर सकते हैं।"

तालेघान केंद्र और सैटेलाइट तस्वीरें

साक्षात्कार के दौरान पत्रकार ने ट्रंप को 22 जून और 7 जुलाई की सैटेलाइट तस्वीरें दिखाईं, जिनमें तेहरान के बाहर स्थित तालेघान परमाणु केंद्र पर ट्रकों, क्रेनों और ताज़ा डाले गए कंक्रीट जैसी गतिविधियाँ नज़र आ रही थीं। यह वही केंद्र है जिसे पहले अमेरिकी हमलों में निशाना बनाया गया था।

ट्रंप ने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि ईरान ने इस केंद्र के प्रवेश द्वारों को कंक्रीट से बंद कर दिया है। उनके शब्दों में, "यही बताया गया है कि उन्होंने प्रवेश द्वार बंद करने के लिए कंक्रीट डाला है, ताकि हम अंदर न जा सकें।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि ज़रूरत पड़ी तो अमेरिका तालेघान पर दोबारा हमला करने में देर नहीं लगाएगा।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का संदर्भ

ट्रंप ने दावा किया कि 28 फरवरी को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू करने से पहले ईरान परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुँच चुका था। उनके अनुसार, यदि अमेरिका ने बी-2 बॉम्बर विमानों से ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला नहीं किया होता, तो ईरान दो सप्ताह के भीतर परमाणु हथियार हासिल कर सकता था। गौरतलब है कि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

ईरान का पक्ष और अंतरराष्ट्रीय पृष्ठभूमि

ईरान लगातार यह कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। हालाँकि यूरेनियम संवर्धन और अंतरराष्ट्रीय निगरानी पर लगी सीमाओं को लेकर अमेरिका तथा अन्य पश्चिमी देशों के साथ उसका विवाद दीर्घकालिक है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव पहले से ही चरम पर है और कूटनीतिक चैनल सीमित बने हुए हैं।

ट्रंप की यह चेतावनी स्पष्ट करती है कि वाशिंगटन ईरान के परमाणु ठिकानों को लेकर किसी भी नई गतिविधि को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है — और आने वाले हफ्ते इस तनाव की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे ट्रंप ने खुद अनिश्चित बताया। तालेघान की सैटेलाइट तस्वीरें निर्माण गतिविधि दिखाती हैं, लेकिन यह परमाणु पुनर्निर्माण है या मलबा हटाना — इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। बंकर-बस्टर बमों की सीमाओं पर सैन्य विशेषज्ञों की चिंताओं को ट्रंप ने खारिज किया, पर यह सवाल तकनीकी रूप से खुला है। कूटनीतिक रास्ता बंद दिखने के बीच यह चेतावनी मध्य-पूर्व में एक नए सैन्य चक्र की आशंका को जीवित रखती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'पिकएक्स माउंटेन' परमाणु स्थल क्या है और यह क्यों चर्चा में है?
'पिकएक्स माउंटेन' ईरान का एक गहरा भूमिगत परमाणु स्थल है, जिस पर अमेरिका की निगरानी है। ट्रंप ने 15 जुलाई 2026 को चेतावनी दी कि वहाँ किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर अमेरिका तत्काल सैन्य कार्रवाई करेगा।
ट्रंप ने ईरान को किस आधार पर चेतावनी दी?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी स्पेस फोर्स की निगरानी प्रणाली 'पिकएक्स माउंटेन' पर लगातार नज़र रख रही है और वहाँ कुछ गतिविधि के संकेत मिले हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वहाँ वास्तव में परमाणु गतिविधि हो रही है या नहीं।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्या था?
ट्रंप के अनुसार 28 फरवरी को शुरू हुआ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी वह अमेरिकी सैन्य अभियान था जिसमें बी-2 बॉम्बर विमानों से ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया गया था। ट्रंप का दावा है कि इस हमले से पहले ईरान दो सप्ताह में परमाणु हथियार हासिल कर सकता था, हालाँकि यह दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं है।
तालेघान परमाणु केंद्र पर नई सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिखा?
22 जून और 7 जुलाई की सैटेलाइट तस्वीरों में तेहरान के बाहर स्थित तालेघान परमाणु केंद्र पर ट्रकों, क्रेनों और ताज़े कंक्रीट की गतिविधि दिखाई दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने प्रवेश द्वारों को कंक्रीट से बंद किया है, और यदि ज़रूरत पड़ी तो अमेरिका वहाँ दोबारा हमला करेगा।
ईरान का अपने परमाणु कार्यक्रम पर क्या कहना है?
ईरान का लगातार यही कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। यूरेनियम संवर्धन और अंतरराष्ट्रीय निगरानी पर लगी सीमाओं को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ उसका विवाद लंबे समय से चला आ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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