इरफान अंसारी के 'बांग्लादेश' बयान पर BJP का पलटवार, कैबिनेट से हटाने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी के विवादास्पद बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 6 नवंबर 2026 को तीखी प्रतिक्रिया दी। BJP प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने अंसारी को झारखंड कैबिनेट से तत्काल बर्खास्त करने की माँग की, जबकि बिहार BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उनके बयान को 'देश-विरोधी और जहरीला' करार दिया।
BJP प्रवक्ता की माँग: तुरंत बर्खास्तगी
रांची में पत्रकारों से बात करते हुए BJP प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, 'इरफान अंसारी को तुरंत कैबिनेट से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने संविधान को बनाए रखने और देश की अखंडता की रक्षा करने की शपथ ली थी, फिर भी वे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बयान दे रहे हैं।' शाहदेव ने आगे कहा कि अंसारी ने दावा किया कि 40 लाख युवा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इशारे का इंतजार कर रहे हैं और सेना का सामना करने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या वे सेना और छात्रों के बीच टकराव पैदा करना चाहते हैं? कांग्रेस वाले BJP का विरोध करते-करते देश के विरोध में बोलने लगे हैं।'
सरावगी का आरोप: हिंसक साजिश की 'खुली स्वीकारोक्ति'
पटना में बिहार BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, 'झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी का यह देश-विरोधी और जहरीला बयान कांग्रेस की सुनियोजित अराजक और हिंसक साजिश की खुली स्वीकारोक्ति है।' सरावगी ने जोर देकर कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है और 1.4 अरब स्वाभिमानी नागरिकों का मजबूत देश है। उन्होंने कहा, 'यहाँ न बांग्लादेश का हिंसक मॉडल चलेगा, न ही किसी को विदेशी ताकतों के इशारे पर अराजकता फैलाने की इजाजत दी जाएगी।'
इरफान अंसारी ने क्या कहा था
गौरतलब है कि मंत्री इरफान अंसारी ने कथित तौर पर कहा था कि युवाओं, किसानों और अल्पसंख्यकों सहित कई समूहों में केंद्र सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि प्रधानमंत्री इन चिंताओं का समाधान नहीं करते, तो भारत को बांग्लादेश और नेपाल से भी बदतर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। अंसारी ने यह भी दावा किया था कि करीब 40 लाख युवा फिलहाल आंदोलन कर रहे हैं या कार्रवाई के लिए तैयार हैं और कांग्रेस नेता राहुल गांधी उन्हें रोके हुए हैं।
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन और BJP के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही ऊँचा है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान राज्य में ध्रुवीकरण को और गहरा कर सकते हैं। BJP की तरफ से की गई बर्खास्तगी की माँग पर झारखंड सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आगे देखना होगा कि मुख्यमंत्री इस राजनीतिक दबाव पर क्या कदम उठाते हैं।