ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर इजरायली महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच बोले — 'भारतीय सेना के साथ जुड़ाव पर हमें गर्व है'

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ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर इजरायली महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच बोले — 'भारतीय सेना के साथ जुड़ाव पर हमें गर्व है'

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर इजरायली महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने स्पष्ट किया — भारत-इजरायल रक्षा साझेदारी महज कूटनीतिक शब्दावली नहीं, बल्कि साझे मूल्यों और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट संकल्प की बुनियाद पर खड़ी है। होर्मुज से लेकर 'मेक इन इंडिया' तक, दोनों देशों का गठजोड़ नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

इजरायली महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने 7 मई 2026 को मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भारतीय सेना की रक्षा-आक्रामक क्षमताओं की सराहना की।
रेवाच ने कहा — आतंकवाद फैलाने वालों को सजा मिलेगी, और इजरायल हमेशा भारत के साथ खड़ा रहेगा।
होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की किसी भी कोशिश को उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया।
ईरान के साथ संघर्ष के दौरान यूएई में पहला आयरन डोम सिस्टम तैनात किया गया।
भारत-इजरायल सहयोग रक्षा, सुरक्षा, जल प्रबंधन, साइबर और 'मेक इन इंडिया' विज़न तक विस्तारित है।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच घनिष्ठ संबंधों को अमेरिका-इजरायल रक्षा सहयोग की धुरी बताया गया।

मध्य-पश्चिम भारत में इजरायल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने 7 मई 2026 को मुंबई में राष्ट्र प्रेस के साथ खास बातचीत में कहा कि इजरायल को भारतीय सेना के साथ अपने रक्षा जुड़ाव पर गर्व है। 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ के अवसर पर दिए इस बयान में उन्होंने भारत-इजरायल रक्षा साझेदारी, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और ईरान के खतरे पर विस्तार से अपने विचार रखे।

भारतीय सेना की तारीफ और आतंकवाद पर कड़ा संदेश

महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब वह ईरान के साथ लंबे टकराव से उबर रहा है। होर्मुज स्ट्रेट पर उनकी टिप्पणी भारत के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी से पूरा करता है। 'मेक इन इंडिया' के संदर्भ में इजरायली कंपनियों की भागीदारी की बात एक ऐसे समय आई है जब भारत रक्षा आत्मनिर्भरता को नीतिगत प्राथमिकता दे रहा है — यह साझेदारी दोनों देशों के लिए आर्थिक और सामरिक दोनों दृष्टियों से फायदेमंद हो सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या था और इसकी वर्षगांठ क्यों अहम है?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना का एक सैन्य अभियान था जिसकी पहली वर्षगांठ 7 मई 2026 को मनाई गई। इस अवसर पर इजरायली महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने भारत-इजरायल रक्षा साझेदारी की मजबूती को रेखांकित किया।
इजरायली महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने भारत-इजरायल संबंधों पर क्या कहा?
यानिव रेवाच ने कहा कि इजरायल को भारतीय सेना के साथ अपने जुड़ाव पर गर्व है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इजरायल हमेशा भारत के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने भरोसे और साझे मूल्यों पर आधारित दोनों देशों की मजबूत साझेदारी की बात की।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर इजरायल की क्या चिंता है?
रेवाच ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे जरूरी ऊर्जा मार्गों में से एक है और ईरान द्वारा इसे बंद करने की कोई भी कोशिश वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा होगी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों का राजनीतिक ब्लैकमेल के रूप में इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है।
भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग के कौन से नए क्षेत्र हैं?
रेवाच के अनुसार, दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और 'मेक इन इंडिया' विज़न के तहत सहयोग बढ़ रहा है। कई इजरायली कंपनियां भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर इन क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
ईरान के साथ संघर्ष में आयरन डोम की क्या भूमिका रही?
यानिव रेवाच ने बताया कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान यूएई में पहला आयरन डोम सिस्टम तैनात किया गया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भारत और इजरायल के बीच इस तरह के रक्षा सहयोग के और पहलू सामने आएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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