आईयूएमएल तमिलनाडु महासभा में 14 प्रस्ताव पारित, पहली बार राज्य में मंत्री पद ऐतिहासिक उपलब्धि
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की तमिलनाडु राज्य महासभा की बैठक 20 जून 2026 को चेन्नई के रायपुरम स्थित रमजान महल में आयोजित की गई, जिसमें 480 सदस्यों की उपस्थिति में 14 प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर के.एम. कादर मोहिदीन ने की और राज्य महासचिव के.ए.एम. मोहम्मद अबूबकर ने स्वागत भाषण दिया।
मुख्य घटनाक्रम
महासभा ने 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवारों ए.एम. शाहजहां और एस.एस.पी. सैयद फारूक बाशा की जीत पर मतदाताओं तथा धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन के सहयोगी दलों का आभार व्यक्त किया। साथ ही तमिलनाडु विकास कझगम (टीवीके) के नेता और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को भी बधाई दी गई, जिनकी पार्टी ने 108 सीटें जीतकर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया।
सरकार गठन में आईयूएमएल की भूमिका
प्रस्ताव में यह भी रेखांकित किया गया कि चुनाव के बाद टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत नहीं जुटा सकी थी। ऐसे में राज्य में राष्ट्रपति शासन और परोक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रभाव की आशंका जताई जा रही थी।
इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने 5 मई को आईयूएमएल अध्यक्ष प्रो. कादर मोहिदीन को पत्र लिखकर पार्टी के दो विधायकों का समर्थन माँगा। विभिन्न जमातों और सामाजिक-धार्मिक संगठनों की अपील के बाद 9 मई को चेन्नई में हुई उच्चस्तरीय बैठक में टीवीके सरकार को समर्थन देने का निर्णय लिया गया और राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपा गया। 10 मई को जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
ऐतिहासिक उपलब्धि: पहली बार आईयूएमएल विधायक बने मंत्री
बाद में टीवीके ने आईयूएमएल को सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। राष्ट्रीय नेताओं पनक्कड़ सैयद सादिक अली शिहाब थंगल और पी.के. कुनहालीकुट्टी की सलाह पर 21 मई को हुई आपात बैठक में आईयूएमएल ने सरकार में शामिल होने का फैसला किया। पापनासम से विधायक ए.एम. शाहजहां को मंत्री पद के लिए नामित किया गया। महासभा ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, क्योंकि यह पहली बार था जब तमिलनाडु में आईयूएमएल का कोई विधायक मंत्री बना।
केरल में पार्टी की सफलता
बैठक में केरल विधानसभा चुनाव में आईयूएमएल के प्रदर्शन पर भी संतोष व्यक्त किया गया। पार्टी ने 28 सीटों पर चुनाव लड़कर 22 सीटें जीतीं और पी.के. कुनहालीकुट्टी, के.एम. शाजी, एन. शम्सुद्दीन, पी.के. बशीर तथा वी.ई. अब्दुल गफूर मंत्री बने। सभी विजयी विधायकों और मंत्रियों को बधाई दी गई।
संगठन और माँगें: आगे की राह
महासभा ने जुलाई तक जिला, नगर और महासभा बैठकें आयोजित करने तथा पूरे राज्य में राजनीतिक जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया। स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी के लिए सभी जिलों में समन्वयक नियुक्त किए जाएँगे और पार्टी पदाधिकारियों के लिए इतिहास, राजनीति, प्रशासनिक संवाद तथा जनसमस्याओं के समाधान जैसे विषयों पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित होंगे।
एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में स्थानीय निकायों के वार्ड परिसीमन को जनसंख्या के आधार पर करने की माँग की गई। पार्टी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने जनसंख्या की जगह मकानों की संख्या के आधार पर परिसीमन किया, जिससे अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व प्रभावित हुआ। इसके अलावा 22 मुस्लिम आजीवन कारावास कैदियों की रिहाई या पैरोल विस्तार की भी माँग की गई, जिनमें से कई 25 वर्ष से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं।
गठबंधन के भविष्य पर आईयूएमएल ने स्पष्ट किया कि वह वर्तमान परिस्थितियों में डीएमके गठबंधन में बने रहना संभव नहीं मानती और भविष्य के चुनावी गठबंधन पर फैसला उपचुनाव तथा स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा के बाद लिया जाएगा।