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जगन मोहन रेड्डी पर विजयम्मा ने लगाया अन्याय का आरोप, परिवार में संपत्ति विवाद गहरा

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जगन मोहन रेड्डी पर विजयम्मा ने लगाया अन्याय का आरोप, परिवार में संपत्ति विवाद गहरा

सारांश

आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी और उनकी बहन शर्मिला के बीच संपत्ति विवाद ने नया मोड़ लिया है। विजयम्मा ने जगन पर बहन और उनके बच्चों के साथ अन्याय का आरोप लगाया है। क्या यह मामला और बढ़ेगा?

मुख्य बातें

विजयम्मा ने जगन पर अन्याय का आरोप लगाया है।
संपत्ति विवाद एनसीएलटी में चल रहा है।
2009 से संपत्तियों का बंटवारा नहीं हुआ है।
मामला राजनीतिक और पारिवारिक रिश्तों को प्रभावित कर सकता है।

अमरावती, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की पत्नी वाई.एस. विजयलक्ष्मी (विजयम्मा) ने परिवारिक संपत्ति विवाद पर एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि उनके बेटे वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने अपनी बहन वाई.एस. शर्मिला और उनके बच्चों के साथ संपत्ति के बंटवारे में अन्याय किया है।

विजयम्मा ने शुक्रवार को एक नोटरीकृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि परिवार की संपत्तियों का अब तक कोई औपचारिक बंटवारा नहीं हुआ है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जगन अपनी बहन और उनके बच्चों के साथ न्याय करेंगे।

यह विवाद वर्तमान में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में चल रहा है। विजयम्मा ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें संपत्ति के बंटवारे का दावा किया गया था। उन्होंने इन दावों को “भ्रामक” और “सच्चाई से दूर” बताया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि 2009 तक परिवार की सभी संपत्तियां संयुक्त पारिवारिक संपत्ति मानी जाती थीं और वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के निधन के बाद भी इनका बंटवारा नहीं हुआ है।

विजयम्मा के अनुसार, संपत्ति के बंटवारे के लिए एक समझौता ज्ञापन केवल भविष्य के ढांचे के रूप में तैयार किया गया था, जिसे न तो पंजीकृत किया गया और न ही कानूनी रूप से लागू किया गया।

उन्होंने कहा कि राजशेखर रेड्डी की इच्छा थी कि संपत्तियों का बंटवारा उनके पोते-पोतियों में बराबर किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि एमओयू में शर्मिला के नाम जो संपत्तियां बताई गई हैं, वे उनके अधिकार में हैं, हालांकि वह उनके हिस्से से कम हैं।

विजयम्मा ने बताया कि सरस्वती सीमेंट और येलहंका की जमीन जैसी संपत्तियां शर्मिला की हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शर्मिला को जो रकम दी गई, वह केवल डिविडेंड है, न कि संपत्ति में हिस्सेदारी।

वहीं, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता रचमल्लु शिवप्रसाद रेड्डी ने विजयम्मा के बयान को “अनुचित” और “दुखद” बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि वह अपने बेटे के खिलाफ दिए जा रहे बयानों पर चिंता जताने के बजाय इस तरह की बातें क्यों कर रही हैं।

प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि 2009 में राजशेखर रेड्डी के निधन से पहले ही संपत्ति का बंटवारा हो चुका था। उन्होंने कहा कि जगन ने अपनी बहन को स्नेहवश अपने हिस्से से अधिक दिया था और 2019 में मुख्यमंत्री बनने के बाद एमओयू भी किया था, जिसे बाद में कुछ परिस्थितियों और कानूनी कारणों से वापस ले लिया गया।

उन्होंने कहा कि ऐसे पारिवारिक विवादों को सार्वजनिक रूप से उछालने के बजाय परिवार या अदालत के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें राजनीति और पारिवारिक रिश्ते दोनों की जटिलताएं शामिल हैं। विजयम्मा का आरोप जगन पर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बयान है, जो कि भविष्य में उनके संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन मोहन रेड्डी पर विजयम्मा के आरोप क्या हैं?
विजयम्मा ने आरोप लगाया है कि जगन ने उनकी बहन शर्मिला और उनके बच्चों के साथ संपत्ति के बंटवारे में अन्याय किया है।
क्या संपत्ति का बंटवारा हुआ है?
विजयम्मा का कहना है कि परिवार की संपत्तियों का अब तक कोई औपचारिक बंटवारा नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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