हिमांशु सिंह हत्याकांड: आरोपी राहुल दुबे ने बिष्टुपुर थाने में किया सरेंडर, अब तक 12 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
जमशेदपुर में करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इस मामले में फरार चल रहे आरोपी राहुल दुबे ने शुक्रवार, 10 जुलाई को दोपहर करीब एक बजे बिष्टुपुर थाना पहुँचकर स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
आत्मसमर्पण की पृष्ठभूमि
हत्याकांड के बाद से फरार राहुल दुबे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। लगातार हो रही गिरफ्तारियों, पुलिस की दबिश और बढ़ते कानूनी दबाव के बीच राहुल दुबे ने अंततः थाने में सरेंडर करना उचित समझा। इससे पहले पुलिस डीडी बार के संचालक एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता नीरज सिंह तथा बार प्रबंधक विजय कुमार समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
मुख्य आरोपी और बरामद हथियार
मामले के मुख्य आरोपी और ₹2 लाख के इनामी अपराधी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने भी हाल ही में जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। पुलिस एक नाबालिग सहित कई अन्य आरोपियों को भी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चापड़, कुल्हाड़ी, भुजाली और चाकू जैसे धारदार हथियार बरामद किए गए हैं।
घटना का पूरा घटनाक्रम
गौरतलब है कि 27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर करणी सेना से जुड़े युवा नेता हिमांशु सिंह पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल हिमांशु की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में कई लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई और सवाल
घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली और कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक सवाल उठे। इसके बाद राज्य सरकार ने तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की। यह मामला झारखंड में संगठित अपराध और राजनीतिक संरक्षण के बीच की कड़ी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होने के साथ मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।