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झालावाड़ में महिला ने दिया चार बच्चों को जन्म, 29वें सप्ताह में NICU में भर्ती

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झालावाड़ में महिला ने दिया चार बच्चों को जन्म, 29वें सप्ताह में NICU में भर्ती

सारांश

राजस्थान के झालावाड़ में एक महिला ने गर्भावस्था के 29वें सप्ताह में एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया — डॉक्टरों के अनुसार यह अत्यंत दुर्लभ घटना है। चारों नवजात NICU में हैं, वजन 1.1–1.2 किलोग्राम के बीच है और रेस्पिरेटरी सपोर्ट पर हैं।

मुख्य बातें

ज्योति कश्यप ने 9 जुलाई 2026 को सुबह 11:50 बजे झालावाड़ अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन से चार बच्चों को जन्म दिया।
चारों शिशु गर्भावस्था के 29वें सप्ताह में जन्मे; तीन का वजन 1.1 किलोग्राम और एक बच्ची का वजन 1.2 किलोग्राम ।
सभी नवजात NICU में भर्ती, फेफड़े अविकसित होने के कारण रेस्पिरेटरी सपोर्ट पर हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.
विजय बकोलिया की टीम चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है।
माँ की हालत स्थिर ; गायनेकोलॉजी वार्ड में स्थानांतरित।
विशाल नागर ने इसे अपने करियर की पहली क्वाड्रुपलेट डिलीवरी बताया।

राजस्थान के झालावाड़ जिले के अस्पताल में ज्योति कश्यप ने 9 जुलाई 2026 की सुबह करीब 11:50 बजे एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया — एक घटना जिसे डॉक्टरों ने अत्यंत दुर्लभ बताया है। सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए हुई यह डिलीवरी गर्भावस्था के मात्र 29वें सप्ताह में हुई, जिसके कारण चारों नवजात शिशुओं को तत्काल नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में भर्ती कराया गया।

मुख्य घटनाक्रम

झालावाड़ शहर के भोई मोहल्ले की निवासी ज्योति कश्यप, जो अरुण कश्यप की पत्नी हैं, की यह दूसरी गर्भावस्था थी। इस दंपती की पहले से एक चार वर्षीया बेटी है। क्वाड्रुपलेट डिलीवरी की खबर फैलते ही पूरे अस्पताल में हलचल मच गई और चिकित्सकों की एक विशेषज्ञ टीम तुरंत सक्रिय हो गई।

बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, तीन बच्चों का वजन लगभग 1.1 किलोग्राम और चौथी बच्ची का वजन लगभग 1.2 किलोग्राम है — जो एक स्वस्थ पूर्णकालिक नवजात के सामान्य वजन 2.5 किलोग्राम से काफी कम है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेश मीणा ने बताया कि बच्चों के फेफड़े अभी पूरी तरह विकसित नहीं हैं और उन्हें विशेष चिकित्सा देखभाल के साथ-साथ रेस्पिरेटरी सपोर्ट की आवश्यकता है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. विशाल नागर ने इस डिलीवरी को अपने मेडिकल करियर की पहली ऐसी घटना बताया। उन्होंने कहा, 'एक साथ चार बच्चों का जन्म (क्वाड्रुपलेट प्रेग्नेंसी) आम बात नहीं है और ऐसा बहुत कम मामलों में होता है। मेरे मेडिकल करियर में यह पहली बार है, जब मैंने एक ही डिलीवरी में चार बच्चों का जन्म देखा है।' डॉ. विजय बकोलिया सहित विशेषज्ञों की पूरी टीम चारों शिशुओं की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है।

माँ की स्थिति

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ज्योति कश्यप की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें गायनेकोलॉजी वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है। चारों नवजात शिशु NICU में गहन चिकित्सा देखभाल में हैं।

आगे क्या

डॉक्टरों ने उम्मीद जताई है, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया है कि समय-पूर्व जन्म और कम वजन के कारण आने वाले दिनों में बच्चों पर कड़ी नजर रखना अनिवार्य होगा। गौरतलब है कि 29वें सप्ताह में जन्मे शिशुओं को आमतौर पर कई सप्ताहों तक गहन चिकित्सीय निगरानी की जरूरत होती है। परिवार और चिकित्सक दल दोनों सतर्क आशावाद के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस मामले की असली चुनौती अब शुरू होती है — 29वें सप्ताह में जन्मे शिशुओं की जीवित रहने की दर और दीर्घकालिक स्वास्थ्य परिणाम काफी हद तक NICU की गुणवत्ता और संसाधनों पर निर्भर करते हैं। झालावाड़ जैसे जिला-स्तरीय अस्पताल में ऐसी जटिल देखभाल की उपलब्धता राजस्थान की स्वास्थ्य अवसंरचना की वास्तविक परीक्षा है। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उच्च-जोखिम प्रसव प्रबंधन की तैयारी पर सवाल उठाती है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झालावाड़ में चार बच्चों को जन्म देने वाली महिला कौन हैं?
झालावाड़ के भोई मोहल्ले की निवासी ज्योति कश्यप, जो अरुण कश्यप की पत्नी हैं, ने 9 जुलाई 2026 को एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। यह उनकी दूसरी गर्भावस्था थी और उनकी पहले से एक चार वर्षीया बेटी है।
चारों नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य स्थिति कैसी है?
चारों बच्चे गर्भावस्था के 29वें सप्ताह में जन्मे हैं और उनका वजन 1.1 से 1.2 किलोग्राम के बीच है, जो सामान्य से काफी कम है। फेफड़े पूरी तरह विकसित न होने के कारण उन्हें NICU में रेस्पिरेटरी सपोर्ट पर रखा गया है।
क्वाड्रुपलेट प्रेग्नेंसी कितनी दुर्लभ होती है?
डॉ. विशाल नागर के अनुसार, एक साथ चार बच्चों का जन्म बेहद कम मामलों में होता है और यह उनके पूरे मेडिकल करियर में पहली ऐसी डिलीवरी थी। चिकित्सा विशेषज्ञ इसे अत्यंत दुर्लभ घटना मानते हैं।
माँ ज्योति कश्यप की अभी क्या स्थिति है?
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ज्योति कश्यप की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें गायनेकोलॉजी वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है। सिजेरियन ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
बच्चों का इलाज कौन-से डॉक्टर कर रहे हैं?
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेश मीणा के नेतृत्व में रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. विशाल नागर और डॉ. विजय बकोलिया की टीम चारों नवजातों की चौबीसों घंटे NICU में निगरानी कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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