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झारखंड में 300 बालू घाट जल्द होंगे चालू, ₹3,000 करोड़ राजस्व का लक्ष्य: हेमंत सोरेन

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झारखंड में 300 बालू घाट जल्द होंगे चालू, ₹3,000 करोड़ राजस्व का लक्ष्य: हेमंत सोरेन

सारांश

झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने 300 नीलाम बालू घाटों को तत्काल चालू करने का आदेश दिया है, जिनसे ₹3,000 करोड़ का राजस्व अनुमानित है। साथ ही लंबित कोल ब्लॉक, बंद पड़ी BCCL-CCL-ECL खदानें और सात स्वर्ण खदानों की पुनर्संरचना पर ज़ोर — यह खनिज प्रशासन में राज्य का सबसे व्यापक रिबूट है।

मुख्य बातें

CM हेमंत सोरेन ने 3 जून को नीलाम हो चुके 300 बालू घाटों को शीघ्र चालू करने का निर्देश दिया।
इन घाटों के संचालन से राज्य को अनुमानित ₹3,000 करोड़ का राजस्व मिलने की संभावना।
राज्य की सात स्वर्ण खदानों से वर्तमान वार्षिक उत्पादन लगभग 20 किलोग्राम ; नई नीलामी तेज़ करने के आदेश।
बीसीसीएल , सीसीएल और ईसीएल की बंद खदानों के लिए या तो उत्पादन पुनः शुरू, या लीज निरस्त कर पुनर्नीलामी का विकल्प।
जेएसएमडीसी और जेएमईसीएल के लिए एसओपी तैयार करने और रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति के निर्देश।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 3 जून को राज्य में पहले से नीलाम हो चुके 300 बालू घाटों को शीघ्र संचालित करने के निर्देश जारी किए, जिनसे राज्य को अनुमानित ₹3,000 करोड़ का राजस्व मिल सकता है। रांची स्थित मंत्रालय में बुधवार को खान एवं भू-तत्व तथा भवन निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में सोरेन ने स्पष्ट किया कि खनिज संपदा राज्य की एक महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है और इसके पारदर्शी उपयोग से न केवल राजस्व में बढ़ोतरी होगी, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी सीधा लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने अवैध खनन, अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और बालू माफिया के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।

कोल ब्लॉक और बंद खदानों पर निर्देश

मुख्यमंत्री ने नीलाम हो चुके लेकिन विभिन्न अनुमतियों के अभाव में लंबित कोल ब्लॉकों को शीघ्र चालू कराने का निर्देश दिया। बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल की बंद पड़ी खदानों के मामले में उन्होंने उत्पादन पुनः शुरू कराने अथवा लीज निरस्त कर पुनर्नीलामी की प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया। साथ ही कार्यरत और गैर-कार्यरत खनन क्षेत्रों की मैपिंग कराने को कहा गया।

स्वर्ण खदानों पर विशेष ज़ोर

सोरेन ने राज्य की सात स्वर्ण खदानों की वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए गोल्ड माइनिंग सेक्टर को मज़बूत बनाने पर बल दिया। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, इन खदानों से वर्तमान में लगभग 20 किलोग्राम स्वर्ण का वार्षिक उत्पादन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने उत्पादन बढ़ाने, संचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने और नए संभावित स्वर्ण खदानों की नीलामी प्रक्रिया तेज़ करने के निर्देश दिए।

जेएसएमडीसी और जेएमईसीएल को सशक्त करने की योजना

मुख्यमंत्री ने झारखंड स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेएसएमडीसी) और झारखंड माइनिंग एंड एक्सप्लोरेशन कंपनी (जेएमईसीएल) के लिए अधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित करने, रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा दोनों संस्थाओं के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने को कहा। उन्होंने डीएमएफटी फंड के प्रभावी उपयोग तथा खनन क्षेत्र में रोज़गार सृजन पर भी ज़ोर दिया।

क्या होगा आगे

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गौरतलब है कि झारखंड लंबे समय से अवैध बालू खनन और राजस्व रिसाव की चुनौतियों से जूझ रहा है, और 300 घाटों के एक साथ चालू होने को राज्य के खनिज प्रशासन में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की है: पिछले एक दशक में नीलाम घाटों का बड़ा हिस्सा 'अनुमतियों के अभाव' में अटकता रहा है, और बालू माफिया का तंत्र राजनीतिक संरक्षण के बिना नहीं चलता। ₹3,000 करोड़ का आँकड़ा तभी सच होगा जब डीएमएफटी फंड का उपयोग और स्थानीय रोज़गार सृजन सत्यापन-योग्य हो। बंद BCCL-CCL-ECL खदानों की लीज निरस्ती का संकेत केंद्र-राज्य टकराव की नई पटकथा भी लिख सकता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेमंत सोरेन ने 300 बालू घाटों को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री ने 3 जून की समीक्षा बैठक में पहले से नीलाम हो चुके 300 बालू घाटों को शीघ्र संचालित करने का आदेश दिया। उनका कहना है कि इन घाटों के चालू होने से राज्य को लगभग ₹3,000 करोड़ का राजस्व मिल सकता है।
झारखंड में स्वर्ण खदानों की मौजूदा स्थिति क्या है?
राज्य की सात स्वर्ण खदानों से वर्तमान में लगभग 20 किलोग्राम स्वर्ण का वार्षिक उत्पादन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने उत्पादन बढ़ाने और नए संभावित स्वर्ण क्षेत्रों की नीलामी प्रक्रिया तेज़ करने का निर्देश दिया है।
बंद पड़ी कोयला खदानों पर सरकार का क्या रुख है?
सोरेन ने बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल की बंद खदानों में या तो उत्पादन पुनः शुरू कराने, अथवा लीज निरस्त कर पुनर्नीलामी की प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया है। साथ ही लंबित कोल ब्लॉकों को भी जल्द चालू कराने को कहा गया है।
जेएसएमडीसी और जेएमईसीएल के लिए क्या बदलाव होंगे?
दोनों संस्थाओं के लिए अधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित किए जाएँगे, रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियाँ होंगी और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य राज्य के खनिज प्रशासन को संस्थागत मज़बूती देना है।
अवैध खनन पर सरकार की क्या योजना है?
मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और बालू माफिया के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यरत और गैर-कार्यरत खनन क्षेत्रों की मैपिंग कराने को भी कहा है ताकि निगरानी पारदर्शी हो।
राष्ट्र प्रेस
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