झारखंड कांग्रेस में विद्रोह: मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 'जंबो-जेट' कमेटी और दोहरे मापदंडों पर उठाए सवाल
सारांश
झारखंड कांग्रेस में नई कमेटी की स्वाहा होती साख — वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 314 सदस्यीय 'जंबो-जेट' समिति को निशाने पर लेते हुए पूछा: निष्ठावान निष्कासित, आलोचक पुरस्कृत — यह कैसा संगठन? यह विद्रोह झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर बढ़ते तनाव की खुली दास्तान है।
मुख्य बातें
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 4 मई 2026 को झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नवगठित कमेटी पर सोशल मीडिया के ज़रिए खुला हमला बोला।
रविवार को घोषित सूची में 314 सदस्य हैं — जिसे किशोर ने 'जंबो-जेट' समिति कहा; राज्य में केवल 81 विधानसभा सीटें हैं।
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को 3 साल के लिए निष्कासित किया गया, जबकि आलाकमान की आलोचना करने वाली पूर्व मेयर रमा खलखो को चुनाव प्रबंधन समिति में जगह मिली।
किशोर ने प्रदेश प्रभारी के.
राजू को सीधे संबोधित करते हुए नेतृत्व ढाँचे में बुनियादी बदलाव की माँग की।
इस सार्वजनिक विद्रोह को झारखंड में गठबंधन सरकार की स्थिरता के लिए संभावित खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य सरकार में कांग्रेस कोटे के वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 4 मई 2026 को झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नवगठित कमेटी के ढाँचे पर खुलकर हमला बोला — और यह विस्फोट नई सूची की घोषणा के महज़ चौबीस घंटे के भीतर हुआ। किशोर ने सोशल मीडिया पर प्रदेश प्रभारी के. राजू को सीधे संबोधित करते हुए पार्टी की मौजूदा नीति को
संपादकीय दृष्टिकोण
जहाँ संगठन और सरकार के बीच तालमेल का अभाव लंबे समय से बना हुआ है। 314 सदस्यीय कमेटी बनाना भीड़ की राजनीति का प्रतीक है, न कि रणनीतिक संगठन-निर्माण का। विडंबना यह है कि जो पार्टी विपक्ष में जवाबदेही की माँग करती है, वह खुद अपने भीतर निष्ठा और अनुशासन के दोहरे पैमाने अपना रही है। यदि आलाकमान ने इस असंतोष को समय रहते नहीं सुना, तो झारखंड में गठबंधन की राजनीति और अधिक जटिल हो सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए हैं?
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नवगठित कमेटी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि निष्ठावान कार्यकर्ताओं को निष्कासित किया जा रहा है, जबकि आलाकमान की आलोचना करने वाले नेताओं को महत्वपूर्ण पद दिए जा रहे हैं।
झारखंड कांग्रेस की 'जंबो-जेट' कमेटी क्या है?
रविवार को घोषित झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नई कमेटी में 314 सदस्य और 200 से अधिक पदाधिकारी शामिल हैं। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इसे 'जंबो-जेट' समिति कहते हुए सवाल उठाया कि 81 विधानसभा सीटों वाले राज्य के लिए इतनी बड़ी कमेटी कितनी कारगर होगी।
योगेंद्र साव को कांग्रेस से क्यों निष्कासित किया गया?
बड़कागांव के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को तीन साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित किया गया है। मंत्री राधाकृष्ण किशोर के अनुसार, उनका कोई स्पष्ट दोष नहीं बताया गया और यह निर्णय पक्षपातपूर्ण है।
रमा खलखो को लेकर विवाद क्यों है?
रांची की पूर्व मेयर रमा खलखो ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस और आलाकमान की आलोचना की थी। इसके बावजूद उन्हें नई चुनाव प्रबंधन समिति में महत्वपूर्ण सदस्य बनाया गया, जिसे मंत्री किशोर ने दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।
इस विवाद का झारखंड की गठबंधन सरकार पर क्या असर पड़ सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेस कोटे के वरिष्ठ मंत्री का यह सार्वजनिक विद्रोह गठबंधन सरकार की आंतरिक स्थिरता पर दबाव बढ़ा सकता है। यदि आलाकमान ने शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह असंतोष और गहरा हो सकता है।