झारखंड में दुष्कर्म की घटनाओं पर BJP का हेमंत सरकार पर हमला, निष्पक्ष जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 3 नवंबर 2026 को झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला, जब गम्हरिया थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म और गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी में एक मिशन से जुड़े फादर पर यौन शोषण के गंभीर आरोप सामने आए। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने दोनों मामलों में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़िताओं को सुरक्षा और निष्पक्ष व समयबद्ध जांच की माँग की है।
मुख्य घटनाक्रम
आदित्य साहू ने मंगलवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा, 'जब महिलाएं थाने और रोजगार की तलाश जैसी जगहों पर भी सुरक्षित नहीं हैं, तो राज्य में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?' उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय दिल्ली की राजनीति में व्यस्त है।
गोड्डा मामले की पृष्ठभूमि
साहू के अनुसार, गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र में एक मिशन से जुड़े फादर पर आरोप है कि उसने नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर एक महिला का कथित तौर पर लंबे समय तक यौन शोषण किया। आरोपों के अनुसार, गर्भ ठहरने पर उसे गर्भपात की दवा दी गई और तबीयत बिगड़ने पर इलाज के खर्च को लेकर धमकाने तथा ब्लैकमेल करने का भी आरोप है। इस संबंध में सुंदरपहाड़ी थाने में केस संख्या 33/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
गम्हरिया थाना मामला
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने गम्हरिया थाना से जुड़े मामले को पुलिस व्यवस्था के लिए अत्यंत गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर महिलाएं न्याय के लिए जाती हैं, वहीं शोषण होना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यह मामला कथित तौर पर महिला की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही दोनों से जुड़ा बताया जा रहा है।
BJP की मांग और सरकार पर आरोप
साहू ने स्पष्ट किया कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी धर्म, संस्था, संगठन या प्रभावशाली व्यक्ति को कानून से ऊपर न माना जाए। उन्होंने माँग की कि जांच को किसी भी राजनीतिक या संस्थागत दबाव से प्रभावित न होने दिया जाए। पार्टी ने दोनों पीड़िताओं को तत्काल सुरक्षा और उचित पुनर्वास सहायता देने की भी अपील की है।
आगे क्या होगा
फिलहाल हेमंत सोरेन सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सुंदरपहाड़ी में दर्ज FIR के आधार पर जांच की दिशा और आरोपी की गिरफ्तारी पर सबकी नजर है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में महिला सुरक्षा का मुद्दा राजनीतिक विमर्श के केंद्र में है।