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झारखंड में NIA मामलों के लिए दो नई विशेष अदालतें गठित, पूरे राज्य पर होगा अधिकार क्षेत्र

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झारखंड में NIA मामलों के लिए दो नई विशेष अदालतें गठित, पूरे राज्य पर होगा अधिकार क्षेत्र

सारांश

झारखंड में NIA मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनज़र रांची में दो नई विशेष अदालतें गठित की गई हैं। केंद्र सरकार की 16 जुलाई 2026 की अधिसूचना और झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के आधार पर यह कदम उठाया गया, जिससे अब राज्यभर के NIA मामले तीन समर्पित अदालतों में सुने जा सकेंगे।

मुख्य बातें

रांची में NIA मामलों की सुनवाई के लिए दो नई विशेष अदालतें गठित की गई हैं।
अपर न्यायिक आयुक्त-17 संजीव झा और अपर न्यायिक आयुक्त-20 अरविंद कुमार द्वितीय की अदालतों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
केंद्र सरकार ने 16 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना में इन्हें विशेष NIA न्यायालय के रूप में नामित किया था।
दोनों अदालतों का अधिकार क्षेत्र संपूर्ण झारखंड राज्य पर होगा।
यह आदेश झारखंड हाईकोर्ट के 16 सितंबर के पत्र और NIA के उप महानिरीक्षक (लीगल) के 7 सितंबर के अनुरोध पर आधारित है।
नई व्यवस्था के बाद रांची में NIA मामलों की सुनवाई के लिए कुल तीन विशेष अदालतें उपलब्ध होंगी।

झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए दो नई विशेष अदालतें गठित की गई हैं। न्यायिक आयुक्त, रांची के कार्यालय से 21 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, अपर न्यायिक आयुक्त-17 संजीव झा और अपर न्यायिक आयुक्त-20 अरविंद कुमार द्वितीय की अदालतें अब NIA द्वारा जांचे जा रहे गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई करेंगी। इन दोनों अदालतों का अधिकार क्षेत्र संपूर्ण झारखंड राज्य तक विस्तृत होगा।

गठन का आधार और आदेश की पृष्ठभूमि

न्यायिक आयुक्त कार्यालय के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय झारखंड हाईकोर्ट के 16 सितंबर 2026 के पत्र और NIA के उप महानिरीक्षक (लीगल) की ओर से 7 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्र के आधार पर लिया गया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने 16 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना में इन दोनों अदालतों को NIA मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय के रूप में नामित किया था। यह आदेश न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा की ओर से जारी किया गया है।

अधिकार क्षेत्र और व्यापकता

नई व्यवस्था के तहत दोनों विशेष अदालतों का अधिकार क्षेत्र झारखंड के किसी एक जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य के किसी भी कोने से जुड़े NIA मामलों की सुनवाई इन अदालतों में हो सकेगी। आदेश की प्रति रांची सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार, NIA के लोक अभियोजक, रांची जिला बार एसोसिएशन और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।

पहले से मौजूद व्यवस्था और बदलाव

गौरतलब है कि रांची सिविल कोर्ट में पहले से NIA मामलों की सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत कार्यरत है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए कुल तीन अदालतें उपलब्ध हो जाएंगी। इससे लंबित मामलों को अलग-अलग पीठों में वितरित करना और सुनवाई को गति देना संभव होगा।

किन मामलों की होगी सुनवाई

इन विशेष अदालतों में NIA की जांच से जुड़े गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई की जाएगी। इनमें आतंकवाद, नक्सली एवं माओवादी गतिविधियों और NIA के कानूनी दायरे में आने वाले अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित मुकदमे शामिल हो सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में NIA की जांच के अधीन मामलों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है और त्वरित न्यायिक निपटारे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

आगे की राह

नई अदालतों के गठन से झारखंड में NIA के लंबित मामलों के निपटारे में तेज़ी आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, समर्पित विशेष न्यायालयों की उपलब्धता सुनवाई की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाएगी, जो अंततः न्याय प्रदान करने की समयसीमा को कम करने में सहायक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मामलों के निपटारे की गति वास्तव में बढ़ेगी या नहीं। भारत में विशेष अदालतें अक्सर कर्मचारियों की कमी, अभियोजन में देरी और साक्ष्य की जटिलताओं के कारण अपेक्षित गति नहीं पकड़ पातीं। नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों में NIA की जांच का दायरा जिस तेज़ी से बढ़ा है, उसके सामने दो अदालतें पर्याप्त हैं या नहीं — यह समय ही बताएगा। अदालतों के साथ-साथ अभियोजन क्षमता और जांच की गुणवत्ता पर ध्यान न दिया गया तो यह विस्तार महज़ प्रशासनिक औपचारिकता बनकर रह सकता है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में NIA की नई विशेष अदालतें क्या हैं?
रांची में अपर न्यायिक आयुक्त-17 और अपर न्यायिक आयुक्त-20 की अदालतों को NIA मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय के रूप में अधिसूचित किया गया है। इन अदालतों का अधिकार क्षेत्र पूरे झारखंड राज्य पर होगा।
इन अदालतों के गठन का आधार क्या है?
केंद्र सरकार ने 16 जुलाई 2026 की अधिसूचना में इन्हें NIA विशेष अदालत घोषित किया था। झारखंड हाईकोर्ट के 16 सितंबर के पत्र और NIA के उप महानिरीक्षक (लीगल) के 7 सितंबर के अनुरोध के आधार पर न्यायिक आयुक्त कार्यालय ने औपचारिक आदेश जारी किया।
इन अदालतों में किन मामलों की सुनवाई होगी?
इन विशेष अदालतों में आतंकवाद, नक्सली एवं माओवादी गतिविधियों और NIA के कानूनी दायरे में आने वाले अन्य गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई होगी। ये वे मामले होंगे जिनकी जांच सीधे NIA कर रही है।
पहले झारखंड में NIA मामलों की सुनवाई कैसे होती थी?
रांची सिविल कोर्ट में पहले से एक विशेष NIA अदालत कार्यरत थी। नई व्यवस्था के बाद अब तीन अदालतें उपलब्ध होंगी, जिससे मामलों का बोझ बँटेगा और सुनवाई की गति बढ़ेगी।
इन अदालतों की स्थापना से क्या फायदा होगा?
अधिक समर्पित अदालतें उपलब्ध होने से NIA मामलों की सुनवाई तेज़ होगी और लंबित मुकदमों का बोझ कम होगा। राज्य के किसी भी हिस्से से जुड़े मामले इन अदालतों में सुने जा सकेंगे, जिससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी।
राष्ट्र प्रेस
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