झारखंड में NIA मामलों के लिए दो नई विशेष अदालतें गठित, पूरे राज्य पर होगा अधिकार क्षेत्र
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए दो नई विशेष अदालतें गठित की गई हैं। न्यायिक आयुक्त, रांची के कार्यालय से 21 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, अपर न्यायिक आयुक्त-17 संजीव झा और अपर न्यायिक आयुक्त-20 अरविंद कुमार द्वितीय की अदालतें अब NIA द्वारा जांचे जा रहे गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई करेंगी। इन दोनों अदालतों का अधिकार क्षेत्र संपूर्ण झारखंड राज्य तक विस्तृत होगा।
गठन का आधार और आदेश की पृष्ठभूमि
न्यायिक आयुक्त कार्यालय के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय झारखंड हाईकोर्ट के 16 सितंबर 2026 के पत्र और NIA के उप महानिरीक्षक (लीगल) की ओर से 7 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्र के आधार पर लिया गया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने 16 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना में इन दोनों अदालतों को NIA मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय के रूप में नामित किया था। यह आदेश न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा की ओर से जारी किया गया है।
अधिकार क्षेत्र और व्यापकता
नई व्यवस्था के तहत दोनों विशेष अदालतों का अधिकार क्षेत्र झारखंड के किसी एक जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य के किसी भी कोने से जुड़े NIA मामलों की सुनवाई इन अदालतों में हो सकेगी। आदेश की प्रति रांची सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार, NIA के लोक अभियोजक, रांची जिला बार एसोसिएशन और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।
पहले से मौजूद व्यवस्था और बदलाव
गौरतलब है कि रांची सिविल कोर्ट में पहले से NIA मामलों की सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत कार्यरत है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए कुल तीन अदालतें उपलब्ध हो जाएंगी। इससे लंबित मामलों को अलग-अलग पीठों में वितरित करना और सुनवाई को गति देना संभव होगा।
किन मामलों की होगी सुनवाई
इन विशेष अदालतों में NIA की जांच से जुड़े गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई की जाएगी। इनमें आतंकवाद, नक्सली एवं माओवादी गतिविधियों और NIA के कानूनी दायरे में आने वाले अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित मुकदमे शामिल हो सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में NIA की जांच के अधीन मामलों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है और त्वरित न्यायिक निपटारे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
आगे की राह
नई अदालतों के गठन से झारखंड में NIA के लंबित मामलों के निपटारे में तेज़ी आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, समर्पित विशेष न्यायालयों की उपलब्धता सुनवाई की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाएगी, जो अंततः न्याय प्रदान करने की समयसीमा को कम करने में सहायक होगी।