झारखंड नियुक्ति घोटाले में CBI जांच की माँग, BJP के दीपक प्रकाश बोले — 'बड़ी मछली' को बचा रही सरकार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता दीपक प्रकाश ने 19 अगस्त 2026 को झारखंड के कथित नियुक्ति और रोजगार घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की माँग की। उनका आरोप है कि हेमंत सोरेन सरकार के संरक्षण में यह घोटाला हुआ है और राज्य सरकार CBI जांच से इसलिए बच रही है क्योंकि जांच आगे बढ़ने पर कई 'बड़े नाम' सामने आ सकते हैं। प्रकाश के अनुसार, मामले के तार कथित तौर पर नेपाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैले हुए हैं।
घोटाले का स्वरूप और CBI माँग की वजह
दीपक प्रकाश ने कहा कि यदि राज्य की CID से जांच कराई जाती है तो जांच का दायरा सीमित रह जाएगा — केवल छोटे स्तर के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी, जबकि कथित बड़े षड्यंत्र के सूत्रधारों तक पहुँचना मुश्किल होगा। उन्होंने तर्क दिया कि जब मामला एक राज्य की सीमाओं से परे दूसरे राज्यों और यहाँ तक कि विदेश से भी जुड़ा हो, तो केंद्रीय एजेंसी की जांच अनिवार्य हो जाती है।
गौरतलब है कि झारखंड में नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर छात्र और युवा संगठन लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रकाश ने दावा किया कि छात्रों की मुख्य माँग भी CBI जांच ही है।
हेमंत सोरेन सरकार पर सीधा हमला
प्रकाश ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने नियुक्ति घोटाले के जरिए राज्य के युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय किया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों के आंदोलन को गंभीरता से लिया जाए और CBI जांच पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। प्रकाश ने कहा कि सरकार को अंततः छात्रों की माँग के सामने झुकना पड़ेगा और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी होगी।
वंदे मातरम और कांग्रेस पर प्रहार
इसी बातचीत में दीपक प्रकाश ने वंदे मातरम के मुद्दे पर भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ओर संविधान की दुहाई देती है और संविधान की पुस्तक लेकर राजनीतिक कार्यक्रम करती है, लेकिन राष्ट्रीय मुद्दों पर उसका रुख अलग दिखाई देता है। उनके अनुसार, सदन के माध्यम से वंदे मातरम को लेकर कानून बनाए जाने के बाद जो लोग उसका पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
चीन और कांग्रेस की नीतियों पर सवाल
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू द्वारा कांग्रेस पर चीन को लेकर भ्रम फैलाने के आरोप के संदर्भ में प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस का राजनीतिक रुख देश में भ्रम और अराजकता पैदा करने वाला रहा है। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की ऐतिहासिक नीतियों पर सवाल उठाए। प्रकाश ने दावा किया कि चीन के कब्जे में कथित तौर पर करीब 32,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र होने का मुद्दा भी इसी संदर्भ में उठता है।
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में नियुक्ति विवाद को लेकर विपक्ष सरकार को लगातार घेर रहा है। CBI जांच की माँग पर सरकार का रुख अभी स्पष्ट नहीं है — आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।