झारखंड में CBI जांच से बच रही सरकार, सुप्रीम कोर्ट नोटिस के बाद BJP प्रवक्ता आरपी सिंह का हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 24 अगस्त को झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला, यह कहते हुए कि राज्य सरकार केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच से जानबूझकर बच रही है। यह प्रतिक्रिया तब आई जब सर्वोच्च न्यायालय ने एक बच्चे की याचिका पर झारखंड सरकार को नोटिस जारी किया। सिंह ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच अनिवार्य है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मुख्य घटनाक्रम
आरपी सिंह के अनुसार, झारखंड में बच्चे लंबे समय से CBI जांच की माँग कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार इससे बचती आ रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार को यह भय है कि CBI जांच होने पर उसकी आँच सरकार में बैठे लोगों तक भी पहुँच सकती है। गौरतलब है कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँच चुका है, जो इसकी गंभीरता को रेखांकित करता है।
सिंह ने उम्मीद जताई कि सर्वोच्च न्यायालय इस प्रकरण में हस्तक्षेप करेगा और यदि आवश्यक हुआ तो CBI जांच के आदेश देगा।
UP मदरसा फंड गबन मामले पर प्रतिक्रिया
BJP प्रवक्ता ने उत्तर प्रदेश में 558 मदरसों में कथित गबन की जांच शुरू किए जाने के फैसले का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी धन में भ्रष्टाचार या गबन हुआ है तो जांच होनी ही चाहिए, क्योंकि मामला बड़ी रकम से जुड़ा है। उनके अनुसार, संबंधित संस्थाओं को जांच में सहयोग करना चाहिए और यदि कोई अनियमितता नहीं हुई है तो जांच से स्थिति स्वयं स्पष्ट हो जाएगी। भ्रष्टाचार सिद्ध होने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मनुस्मृति विवाद और कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति का संदर्भ दिए जाने पर आरपी सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भारत डॉ. भीमराव आंबेडकर के बनाए संविधान से चलता है, न कि मनुस्मृति से। सिंह ने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस महिला अधिकारों को लेकर वाकई गंभीर है, तो उसने अतीत में तीन तलाक का विरोध क्यों किया था।
उन्होंने शाह बानो मामले का हवाला देते हुए कहा कि जब सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया था, तब तत्कालीन सरकार ने संसद के माध्यम से उसे पलट दिया था। सिंह के अनुसार, बिना संदर्भ के मनुस्मृति को मुद्दे में जोड़ना महज राजनीतिक बयानबाजी है।
पंजाब SIR और नवदीप सूरी नोटिस पर रुख
पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी को नागरिकता एवं मतदाता दस्तावेज पेश करने का नोटिस जारी किए जाने पर आरपी सिंह ने इसे एक सामान्य और नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया। उनके अनुसार SIR के तहत दस्तावेज सत्यापन एक रूटीन कार्यवाही है।
अयोध्या मछली दावत विवाद
अयोध्या में मछली दावत को लेकर उठे विवाद पर आरपी सिंह ने कहा कि अयोध्या में 15 किलोमीटर के दायरे में मांस और मछली के सेवन पर प्रतिबंध है। उनके अनुसार, इस प्रतिबंध की जानकारी होने के बावजूद जानबूझकर मछली भोज का आयोजन करना सनातन आस्था को उकसाने की कोशिश मानी जा सकती है। उन्होंने कहा कि अयोध्या एक प्रमुख धार्मिक आस्था केंद्र है और वहाँ की संवेदनशीलता को समझना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
यह सब ऐसे समय में सामने आया है जब देश में कई राज्यों में राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है और विपक्षी दल केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में सर्वोच्च न्यायालय का रुख इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगा।