नीट पेपर लीक: जेकेएसए ने सीजेपी प्रदर्शन को समर्थन दिया, दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज की निंदा
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने मंगलवार, 21 जुलाई को नई दिल्ली में नीट-2026 पेपर लीक के विरोध में आयोजित सीजेपी के प्रदर्शन को अपना पूर्ण समर्थन दिया और निहत्थे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई बल प्रयोग की कड़े शब्दों में निंदा की। एसोसिएशन ने इस कार्रवाई को संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध बताया।
जेकेएसए का बयान
जेकेएसए के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि एसोसिएशन सीजेपी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के साथ पूरी तरह खड़ी है। उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा शांतिपूर्वक एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक और अनुचित बल प्रयोग को सिरे से अस्वीकार किया।
खुएहामी ने कहा कि प्रदर्शन स्थल से सामने आए दृश्यों — जिनमें निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस का प्रयोग, घसीटना, हमला और हिरासत में लेना शामिल है — ने देश की सामूहिक चेतना को झकझोर दिया है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और शांतिपूर्ण प्रतिभागियों पर शारीरिक बल के उपयोग को अस्वीकार्य बताया।
संवैधानिक अधिकारों का प्रश्न
खुएहामी ने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्वक एकत्र होने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति जताने का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत प्रत्येक नागरिक को प्राप्त है। उनके अनुसार, इन अधिकारों का जवाब जबरदस्ती, धमकी या हिंसा से देना उन संवैधानिक मूल्यों को कमज़ोर करता है, जिन्हें बनाए रखना सरकारी संस्थाओं का दायित्व है।
एसोसिएशन ने यह भी माँग की कि संबंधित पुलिस उपायुक्त यह स्पष्ट करें कि किसके आदेश पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध इतने बड़े पैमाने पर बल प्रयोग की अनुमति दी गई।
नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की साख
जेकेएसए ने कहा कि नीट-2026 पेपर लीक परीक्षा घोटालों की एक चिंताजनक श्रृंखला की सबसे ताज़ा कड़ी है, जिसने देश की परीक्षा और भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त किया है। एसोसिएशन के अनुसार, पिछले कई वर्षों में पेपर लीक, अनियमितताओं और प्रशासनिक विफलताओं की बार-बार होने वाली घटनाओं ने उन लाखों छात्रों की आकांक्षाओं को तोड़ा है, जिन्होंने वर्षों की कड़ी मेहनत और त्याग के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की थी।
एसोसिएशन ने तीखे शब्दों में कहा, 'हमारे युवाओं की उम्मीदों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है, जबकि उनके भविष्य को बर्बाद करने के लिए जिम्मेदार लोग लगातार बचाव का मज़ा ले रहे हैं।'
सरकार से माँग
जेकेएसए ने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और ठोस सुधारों के ज़रिए जनता का भरोसा बहाल करने की बजाय, न्याय की माँग कर रहे छात्रों पर बलपूर्वक कार्रवाई की गई। एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया कि विरोध का जवाब संवाद से दिया जाए, न कि दमन से। उसने कहा कि लोकतंत्र संवाद, बहस और सार्वजनिक भागीदारी से पनपता है — लाठीचार्ज और आंसू गैस से नहीं।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों में व्यापक आक्रोश है और परीक्षा प्रणाली में सुधार की माँग तेज़ हो रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर हलचल बढ़ने की संभावना है।