दिल्ली पुलिस का एनएसए विवाद पर खंडन: 'कोई नई शक्ति नहीं, यह त्रैमासिक नवीनीकरण है'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 23 जुलाई 2026 को उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि नीट पेपर लीक विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनज़र पुलिस आयुक्त को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत विशेष हिरासत-शक्तियाँ दी गई हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह आदेश किसी भी प्रदर्शन से संबंधित नहीं है, बल्कि वर्षों से चली आ रही एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
विवाद की पृष्ठभूमि
दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) ने 15 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 3(3) के अंतर्गत एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत दिल्ली पुलिस आयुक्त को 19 जुलाई से 18 अक्टूबर 2026 तक एनएसए की धारा 3(2) के अंतर्गत निवारक हिरासत का आदेश जारी करने का अधिकार दिया गया। इस अवधि में यदि राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के हित में आवश्यक समझा जाए, तो आयुक्त किसी व्यक्ति को हिरासत में ले सकते हैं।
यह ऐसे समय में सामने आया जब राजधानी में नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन जारी थे, जिसके चलते कुछ मीडिया संस्थानों ने इस आदेश को प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध कार्रवाई से जोड़ कर प्रस्तुत किया।
पुलिस का आधिकारिक स्पष्टीकरण
दिल्ली पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, मौजूदा नवीनीकरण आदेश 7 जुलाई 2026 को जारी किया गया था — अर्थात् यह प्रदर्शन शुरू होने से पूर्व ही प्रभावी हो चुका था। अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था हर तीन महीने में नियमित रूप से नवीनीकृत होती है और इसका किसी विशेष आंदोलन या संगठन से कोई संबंध नहीं है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा प्रदर्शनों के संदर्भ में कोई विशेष अनुरोध या अलग आदेश जारी नहीं किया गया है।
मीडिया रिपोर्टों पर आपत्ति
पुलिस ने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों ने यह भ्रामक खबर प्रसारित की कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस आयुक्त को एनएसए के तहत विशेष हिरासत-शक्तियाँ प्रदान की गई हैं। पुलिस ने इस दावे को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया।
एनएसए की धारा 3(3) क्या कहती है
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 3(3) राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह अधिकार देती है कि वे पुलिस आयुक्त को निवारक हिरासत की शक्तियाँ प्रत्यायोजित कर सकें। यह प्रावधान देश के कई बड़े शहरों में नियमित रूप से लागू होता है और इसे किसी आपातकालीन या असाधारण परिस्थिति का संकेतक नहीं माना जाता।
आगे की स्थिति
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों और मीडिया से अपील की है कि वे आधिकारिक स्रोतों से जानकारी सत्यापित करें। 18 अक्टूबर 2026 तक यह आदेश प्रभावी रहेगा, जिसके बाद नियमित प्रक्रिया के तहत इसे पुनः नवीनीकृत किया जाएगा। नीट पेपर लीक से जुड़े प्रदर्शनों पर पुलिस की नज़र बनी हुई है, परंतु अधिकारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है।