23 जुलाई 2026
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दिल्ली पुलिस का एनएसए विवाद पर खंडन: 'कोई नई शक्ति नहीं, यह त्रैमासिक नवीनीकरण है'

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दिल्ली पुलिस का एनएसए विवाद पर खंडन: 'कोई नई शक्ति नहीं, यह त्रैमासिक नवीनीकरण है'

सारांश

दिल्ली पुलिस ने साफ किया कि एनएसए नवीनीकरण आदेश नीट प्रदर्शनों से पहले — 7 जुलाई को — जारी हुआ था और यह त्रैमासिक प्रशासनिक प्रक्रिया है। किसी भी प्रदर्शन को दबाने के लिए कोई विशेष शक्ति नहीं दी गई।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 23 जुलाई 2026 को मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि नीट प्रदर्शनों के लिए एनएसए शक्तियाँ दी गई हैं।
दिल्ली के उपराज्यपाल ने 15 जुलाई 2026 को एनएसए धारा 3(3) के तहत आदेश जारी किया, जो 19 जुलाई से 18 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी है।
मौजूदा नवीनीकरण आदेश 7 जुलाई 2026 को जारी हुआ — सीजेपी प्रदर्शन शुरू होने से पहले ।
यह व्यवस्था हर तीन महीने में नियमित रूप से नवीनीकृत होती है और किसी विशेष आंदोलन से संबंधित नहीं है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि मौजूदा प्रदर्शनों के लिए कोई अलग या विशेष आदेश जारी नहीं किया गया।

दिल्ली पुलिस ने 23 जुलाई 2026 को उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि नीट पेपर लीक विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनज़र पुलिस आयुक्त को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत विशेष हिरासत-शक्तियाँ दी गई हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह आदेश किसी भी प्रदर्शन से संबंधित नहीं है, बल्कि वर्षों से चली आ रही एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

विवाद की पृष्ठभूमि

दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) ने 15 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 3(3) के अंतर्गत एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत दिल्ली पुलिस आयुक्त को 19 जुलाई से 18 अक्टूबर 2026 तक एनएसए की धारा 3(2) के अंतर्गत निवारक हिरासत का आदेश जारी करने का अधिकार दिया गया। इस अवधि में यदि राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के हित में आवश्यक समझा जाए, तो आयुक्त किसी व्यक्ति को हिरासत में ले सकते हैं।

यह ऐसे समय में सामने आया जब राजधानी में नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन जारी थे, जिसके चलते कुछ मीडिया संस्थानों ने इस आदेश को प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध कार्रवाई से जोड़ कर प्रस्तुत किया।

पुलिस का आधिकारिक स्पष्टीकरण

दिल्ली पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, मौजूदा नवीनीकरण आदेश 7 जुलाई 2026 को जारी किया गया था — अर्थात् यह प्रदर्शन शुरू होने से पूर्व ही प्रभावी हो चुका था। अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था हर तीन महीने में नियमित रूप से नवीनीकृत होती है और इसका किसी विशेष आंदोलन या संगठन से कोई संबंध नहीं है।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा प्रदर्शनों के संदर्भ में कोई विशेष अनुरोध या अलग आदेश जारी नहीं किया गया है।

मीडिया रिपोर्टों पर आपत्ति

पुलिस ने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों ने यह भ्रामक खबर प्रसारित की कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस आयुक्त को एनएसए के तहत विशेष हिरासत-शक्तियाँ प्रदान की गई हैं। पुलिस ने इस दावे को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया।

एनएसए की धारा 3(3) क्या कहती है

राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 3(3) राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह अधिकार देती है कि वे पुलिस आयुक्त को निवारक हिरासत की शक्तियाँ प्रत्यायोजित कर सकें। यह प्रावधान देश के कई बड़े शहरों में नियमित रूप से लागू होता है और इसे किसी आपातकालीन या असाधारण परिस्थिति का संकेतक नहीं माना जाता।

आगे की स्थिति

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों और मीडिया से अपील की है कि वे आधिकारिक स्रोतों से जानकारी सत्यापित करें। 18 अक्टूबर 2026 तक यह आदेश प्रभावी रहेगा, जिसके बाद नियमित प्रक्रिया के तहत इसे पुनः नवीनीकृत किया जाएगा। नीट पेपर लीक से जुड़े प्रदर्शनों पर पुलिस की नज़र बनी हुई है, परंतु अधिकारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक व्यापक सवाल को नज़रअंदाज़ करता है — जब राजधानी में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हों, तब ऐसे आदेशों का नवीनीकरण महज़ संयोग नहीं लगता, चाहे वह प्रशासनिक रूप से नियमित ही क्यों न हो। एनएसए जैसे कड़े निवारक हिरासत कानून की शक्तियों का त्रैमासिक नवीनीकरण स्वयं में पारदर्शिता की माँग करता है — यह सवाल कि इन शक्तियों का उपयोग कितनी बार, किन परिस्थितियों में हुआ, अनुत्तरित है। मीडिया की ज़िम्मेदारी भी बनती है कि वह प्रशासनिक दस्तावेज़ों को संदर्भ से काटकर न परोसे।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने एनएसए को लेकर क्या खंडन किया?
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि नीट प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के लिए उसे एनएसए के तहत कोई नई या विशेष शक्ति नहीं दी गई है। मौजूदा आदेश 7 जुलाई 2026 को जारी हुआ था, जो प्रदर्शन शुरू होने से पहले की तारीख है।
दिल्ली के एलजी ने एनएसए के तहत कौन-सा आदेश जारी किया था?
दिल्ली के उपराज्यपाल ने 15 जुलाई 2026 को एनएसए, 1980 की धारा 3(3) के तहत आदेश जारी किया, जिसके तहत दिल्ली पुलिस आयुक्त को 19 जुलाई से 18 अक्टूबर 2026 तक धारा 3(2) के अंतर्गत निवारक हिरासत का अधिकार दिया गया।
यह एनएसए आदेश हर तीन महीने में क्यों नवीनीकृत होता है?
एनएसए की धारा 3(3) के तहत पुलिस आयुक्त को दी गई निवारक हिरासत की शक्तियाँ एक निर्धारित अवधि के लिए होती हैं और उन्हें नियमित रूप से नवीनीकृत करना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस के अनुसार यह व्यवस्था वर्षों से लागू है।
क्या सीजेपी के प्रदर्शनों को दबाने के लिए कोई विशेष आदेश जारी किया गया?
नहीं। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शनों के संदर्भ में कोई अलग या विशेष आदेश जारी नहीं किया गया। मौजूदा एनएसए नवीनीकरण प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही प्रभावी हो चुका था।
एनएसए की धारा 3(2) के तहत किसे हिरासत में लिया जा सकता है?
एनएसए की धारा 3(2) के तहत यदि राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के हित में आवश्यक समझा जाए, तो किसी भी व्यक्ति को निवारक हिरासत में लिया जा सकता है। यह शक्ति पुलिस आयुक्त को एलजी के आदेश के माध्यम से प्रत्यायोजित की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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