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क्या देश गड़बड़ी फैलाने वाले तत्वों से निपटने में सक्षम है? जेएनयू कैंपस में विवादित नारों पर भाजपा विधायक

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क्या देश गड़बड़ी फैलाने वाले तत्वों से निपटने में सक्षम है? जेएनयू कैंपस में विवादित नारों पर भाजपा विधायक

सारांश

दिल्ली भाजपा विधायकों ने जेएनयू में विवादित नारों की आलोचना करते हुए कहा कि शरारती तत्वों की कोशिशें असफल रहेंगी। देश की ताकत पर विश्वास जताते हुए, विधायक ने लोकतंत्र और संविधान की महत्ता पर जोर दिया। क्या हम ऐसे तत्वों से निपटने में सक्षम हैं?

मुख्य बातें

भाजपा विधायकों ने जेएनयू में विवादित नारों की कड़ी आलोचना की है।
शरारती तत्वों की कोशिशें असफल रहेंगी।
देश में लोकतंत्र और संविधान का महत्व है।
संविधान का सम्मान सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली भाजपा के विधायकों ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में लगे विवादित नारों की कड़ी आलोचना की है। भाजपा विधायकों का कहना है कि कुछ शरारती तत्व देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन देश गड़बड़ी फैलाने वाले तत्वों से निपटने में सक्षम है।

भाजपा विधायक करनैल सिंह ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "कुछ शरारती तत्व देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वे कभी सफल नहीं होंगे। हमारा देश ऐसे गड़बड़ी फैलाने वाले तत्वों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। ये छोटे लोग, राजनीतिक ध्यान पाने के लिए ऐसे काम करते हैं।"

तिमारपुर विधानसभा से भाजपा विधायक सूर्य प्रकाश खत्री ने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान है। जो लोग संविधान और कानून का सम्मान नहीं करते, उन्हें खुद सोचना चाहिए। उन्होंने कहा, "संदेश साफ है, ऐसे लोग न तो इस देश के संविधान में विश्वास करते हैं और न ही देश के कानून का सम्मान करते हैं।"

वहीं, कैंपस में विवादित नारों पर एबीवीपी जेएनयू ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। एबीवीपी जेएनयू के सेक्रेटरी प्रवीण पीयूष ने कहा, "वे (प्रदर्शनकारी) छात्र नहीं हैं। वे वामपंथी और चरमपंथी संगठन के लोग हैं। प्रोपेगेंडा की आड़ में वे ऐसी गतिविधियां करते हैं। हाल ही में न्यूयॉर्क के एक मेयर ने उमर खालिद को एक चिट्ठी भेजी थी। यह दिखाता है कि कैसे विदेशी प्रोपेगेंडा के तहत वे लगातार भारत की संप्रभुता पर हमला कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "केरल में एबीवीपी के छात्र की हत्या की गई, लेकिन उस पर किसी ने कुछ नहीं बोला। बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी कार्यकर्ताओं की हत्या की जाती है, और उस पर कोई कुछ नहीं बोलता है। यह शरजील इमाम और उमर खालिद जैसे असामाजिक तत्वों के लिए प्रदर्शन किया जा रहा है।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेएनयू में विवादित नारे क्यों लगाए गए?
जेएनयू में विवादित नारे कुछ शरारती तत्वों द्वारा राजनीतिक ध्यान आकर्षित करने के लिए लगाए गए थे।
भाजपा विधायकों ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा विधायकों ने इन नारों की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि देश ऐसे तत्वों से निपटने में सक्षम है।
क्या यह मामला गंभीर है?
हां, यह मामला देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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