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जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा धांधली: कोडरमा से दो और गिरफ्तार, 'सेटिंग' के बदले पैसे लेने का आरोप

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जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा धांधली: कोडरमा से दो और गिरफ्तार, 'सेटिंग' के बदले पैसे लेने का आरोप

सारांश

जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा घोटाले में सीआईडी का शिकंजा कसता जा रहा है — कोडरमा से दो नए आरोपी गिरफ्तार, जिन पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर 'सेटिंग' कराने का आरोप है। तीन दिन की पूछताछ के बाद औपचारिक गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत; जांच एजेंसी के अनुसार आगे और गिरफ्तारियां संभव।

मुख्य बातें

सीआईडी एसआईटी ने 15 सितंबर 2026 को जेएसएससी-सीजीएल धांधली मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार किए।
गिरफ्तार आरोपी हैं — यूट्यूबर राजेश प्रसाद यादव ( डोमचांच , कोडरमा) और ट्रस्ट संचालक संदीप कुमार ( पूर्णानगर , कोडरमा)।
दोनों पर अभ्यर्थियों से धन लेकर परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने का आरोप है।
करीब तीन दिनों की पूछताछ के बाद औपचारिक गिरफ्तारी; दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
सीआईडी के अनुसार वित्तीय लेन-देन की जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां संभव।

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा में धांधली मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को कोडरमा जिले से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान राजेश प्रसाद यादव और संदीप कुमार के रूप में हुई है, जिन पर अभ्यर्थियों से धन लेकर परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने — यानी 'सेटिंग' कराने — का आरोप है।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

राजेश प्रसाद यादव एक यूट्यूबर बताए जा रहे हैं, जबकि संदीप कुमार एक सामाजिक ट्रस्ट का संचालक कथित तौर पर बताया जा रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों इस परीक्षा घोटाले के कथित नेटवर्क की एक कड़ी हैं, जो अभ्यर्थियों और परीक्षा तंत्र के बीच 'बिचौलिए' की भूमिका निभाते थे।

कैसे हुई गिरफ्तारी

सीआईडी सूत्रों के अनुसार, मामले में पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान राजेश यादव और संदीप कुमार के कथित संपर्क के सुराग मिले थे। इन इनपुट के आधार पर एसआईटी की टीम ने कोडरमा जिले में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की।

राजेश यादव को डोमचांच थाना क्षेत्र के गोलवाढाब से और संदीप कुमार को कोडरमा थाना क्षेत्र के पूर्णानगर से हिरासत में लिया गया। इसके बाद दोनों को पूछताछ के लिए रांची स्थित सीआईडी मुख्यालय लाया गया।

तीन दिन पूछताछ, फिर औपचारिक गिरफ्तारी

सूत्रों के मुताबिक, करीब तीन दिनों तक अलग-अलग मौकों पर पूछताछ की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि इस दौरान वित्तीय लेन-देन और अभ्यर्थियों से संबंधित सवालों पर दोनों ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया और कुछ मामलों में जांच टीम को गुमराह करने की कोशिश की गई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को दोनों की औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई और अदालत में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई

एसआईटी अब दोनों के कथित नेटवर्क, उनके संपर्क में आए अभ्यर्थियों और परीक्षा में शामिल संभावित अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है। सीआईडी के अनुसार, वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण और अभ्यर्थियों से मिले संपर्क-सूत्रों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। गौरतलब है कि यह मामला झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाता है और राज्य में परीक्षा प्रक्रिया सुधार की माँग को नई धार दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुव्यवस्थित 'बिचौलिया नेटवर्क' इसे संचालित कर रहा था। एक यूट्यूबर और एक ट्रस्ट संचालक का इस कथित नेटवर्क से जुड़ाव यह सवाल उठाता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सामाजिक संगठन किस तरह भर्ती घोटालों के माध्यम बन रहे हैं। असली चिंता यह है कि बिना व्यापक तंत्र-सुधार के केवल गिरफ्तारियाँ पर्याप्त नहीं हैं — झारखंड की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और स्वतंत्र निगरानी की माँग अब और टाली नहीं जा सकती।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा धांधली मामले में नई गिरफ्तारियाँ किसकी हुईं?
सीआईडी एसआईटी ने 15 सितंबर 2026 को कोडरमा के यूट्यूबर राजेश प्रसाद यादव और ट्रस्ट संचालक संदीप कुमार को गिरफ्तार किया। दोनों पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में 'सेटिंग' कराने का आरोप है।
राजेश यादव और संदीप कुमार को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
राजेश यादव को कोडरमा के डोमचांच थाना क्षेत्र के गोलवाढाब से और संदीप कुमार को कोडरमा थाना क्षेत्र के पूर्णानगर से हिरासत में लिया गया। दोनों को पूछताछ के लिए रांची स्थित सीआईडी मुख्यालय लाया गया था।
जेएसएससी-सीजीएल धांधली में इन आरोपियों पर क्या आरोप हैं?
आरोप है कि दोनों ने परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में अनुचित लाभ पहुँचाने और 'सेटिंग' कराने का काम किया। जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन और अभ्यर्थियों के संपर्क सूत्रों की भी जांच कर रही है।
क्या जेएसएससी-सीजीएल मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ होंगी?
सीआईडी के अनुसार, वित्तीय लेन-देन की जांच और अभ्यर्थियों से मिले सुराग के आधार पर आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। एसआईटी दोनों आरोपियों के कथित नेटवर्क और उनके संपर्क में आए अन्य लोगों की भी पड़ताल कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की अभी क्या स्थिति है?
करीब तीन दिनों की पूछताछ के बाद मंगलवार को औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई और दोनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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