21 सितंबर 2026
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जुराला प्रोजेक्ट पर किसानों का विरोध तेज, BRS नेता हिरासत में; पूर्व मंत्री भी नजरबंद

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जुराला प्रोजेक्ट पर किसानों का विरोध तेज, BRS नेता हिरासत में; पूर्व मंत्री भी नजरबंद

सारांश

तेलंगाना में जुराला बांध पर पानी की जंग अब सड़कों पर आ गई है। BRS नेताओं और किसानों को रोकने के लिए 12 किलोमीटर के दायरे में पुलिस घेरा, हाथापाई और बड़े पैमाने पर हिरासत — खड़ी धान फसल के बीच यह टकराव राज्य सरकार के लिए एक तीखी राजनीतिक चुनौती बन गया है।

मुख्य बातें

21 सितंबर 2026 को जोगुलम्बा गडवाल जिले में जुराला प्रोजेक्ट के पास BRS कार्यकर्ताओं और किसानों का विरोध-प्रदर्शन तेज हुआ।
पुलिस ने पूर्व विधायक चित्तम राममोहन रेड्डी , पूर्व मंत्री निरंजन रेड्डी और लक्ष्मा रेड्डी सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया।
बांध के 12 किलोमीटर के दायरे में भारी पुलिस तैनाती; आत्माकुर-गडवाल हाईवे पर यातायात बाधित।
प्रोजेक्ट की मौजूदा लाइव क्षमता 5.1 टीएमसी फीट , कुल क्षमता 8.81 टीएमसी फीट ।
अधिकारियों ने अल नीनो और वरिष्ठ अनुमति न मिलने का हवाला देकर पानी छोड़ने से इनकार किया।
BRS कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने हिरासत की निंदा करते हुए तुरंत सिंचाई पानी छोड़ने की माँग की।

तेलंगाना के जोगुलम्बा गडवाल जिले में जुराला प्रोजेक्ट के इर्द-गिर्द 21 सितंबर 2026 को उस समय तनाव चरम पर पहुँच गया, जब पुलिस ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेताओं और सैकड़ों किसानों को बांध की ओर बढ़ने से रोक दिया। पानी की माँग पर हाथापाई और व्यापक हिरासत के बाद आत्माकुर-गडवाल हाईवे पर यातायात भी थम गया।

विरोध का कारण और पृष्ठभूमि

किसानों की मुख्य माँग है कि अधिकारी उनकी धान की फसल को बचाने के लिए तत्काल सिंचाई पानी छोड़ें। प्रोजेक्ट अधिकारियों ने अल नीनो के प्रभाव और वरिष्ठ अधिकारियों से मंजूरी न मिलने का हवाला देते हुए पानी छोड़ने से इनकार किया। अधिकारियों का यह भी तर्क था कि खेती के लिए पानी छोड़ने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होगी — जिसे किसानों ने सिरे से खारिज किया।

गौरतलब है कि तनाव 19 सितंबर से ही बढ़ रहा था, जब किसानों ने अधिकारियों की उदासीनता के विरोध में आंदोलन शुरू किया था। इसके बाद बांध पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।

पुलिस कार्रवाई और हिरासत

BRS के धरने के आह्वान को देखते हुए बांध के 12 किलोमीटर के दायरे में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए और पुलिस वाहनों से आवाजाही रोकी गई, जिससे आत्माकुर-गडवाल हाईवे पर लंबा जाम लग गया।

जब प्रदर्शनकारियों ने घेराबंदी तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की तो हाथापाई हो गई। पुलिस ने पूर्व विधायक चित्तम राममोहन रेड्डी सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पूर्व मंत्री निरंजन रेड्डी और लक्ष्मा रेड्डी को भी नजरबंद किया गया। BRS के मंडल-स्तरीय नेताओं को सुबह से ही एहतियातन हिरासत में ले लिया गया था।

प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति

जुराला प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 8.81 टीएमसी फीट है, जबकि इस समय इसकी लाइव क्षमता 5.1 टीएमसी फीट है। यह ऐसे समय में आया है जब खरीफ फसल का मौसम अपने निर्णायक दौर में है और देरी से हर दिन किसानों के नुकसान का खतरा बढ़ रहा है।

BRS की प्रतिक्रिया

BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने किसानों और पार्टी नेताओं की हिरासत की कड़ी निंदा की। उन्होंने तेलंगाना सरकार से माँग की कि जुराला आयाकट के किसानों के लिए तुरंत सिंचाई पानी छोड़ा जाए और खड़ी फसलों की रक्षा की जाए।

आगे की स्थिति

फिलहाल प्रशासन और BRS के बीच तनाव बना हुआ है। किसानों का आंदोलन तब तक जारी रहने की संभावना है जब तक अधिकारी सिंचाई पानी छोड़ने पर कोई निर्णय नहीं लेते। खड़ी धान फसल की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में विरोध और तेज हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या हर मौसम में यही टकराव दोहराया जाएगा। बड़े पैमाने पर हिरासत और हाईवे जाम — ये लक्षण नीतिगत खालीपन के हैं, जिन्हें पुलिस बल से नहीं, जल-प्रबंधन सुधारों से भरना होगा।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुराला प्रोजेक्ट विवाद क्या है?
जोगुलम्बा गडवाल जिले के किसान जुराला बांध से अपनी धान की फसल बचाने के लिए सिंचाई पानी छोड़ने की माँग कर रहे हैं। अधिकारियों ने अल नीनो प्रभाव और उच्च स्तरीय अनुमति न मिलने का हवाला देकर पानी देने से इनकार किया, जिससे किसानों और BRS ने विरोध-प्रदर्शन शुरू किया।
जुराला बांध में अभी कितना पानी है?
जुराला प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 8.81 टीएमसी फीट है और वर्तमान में इसकी लाइव क्षमता 5.1 टीएमसी फीट है। किसानों का तर्क है कि इस उपलब्ध पानी में से सिंचाई के लिए पानी दिया जाना संभव है।
21 सितंबर को जुराला प्रोजेक्ट पर किन नेताओं को हिरासत में लिया गया?
पुलिस ने पूर्व विधायक चित्तम राममोहन रेड्डी, पूर्व मंत्री निरंजन रेड्डी और लक्ष्मा रेड्डी समेत कई BRS नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। BRS के मंडल-स्तरीय नेताओं को सुबह से ही एहतियातन हिरासत में ले लिया गया था।
BRS ने इस पर क्या कहा?
BRS कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने किसानों और पार्टी नेताओं की हिरासत की कड़ी निंदा की। उन्होंने तेलंगाना सरकार से माँग की कि जुराला आयाकट के किसानों के लिए तुरंत सिंचाई पानी छोड़ा जाए और खड़ी फसलों को बचाया जाए।
तनाव कब से शुरू हुआ और आगे क्या होने की संभावना है?
19 सितंबर 2026 से ही जुराला बांध के आसपास तनाव बढ़ रहा था, जब किसानों ने अधिकारियों की उदासीनता के खिलाफ आंदोलन शुरू किया। जब तक सरकार सिंचाई पानी छोड़ने पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, खरीफ सीजन की समाप्ति तक विरोध और तेज होने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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