23 सितंबर 2026
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जुराला बांध से पानी छोड़ना किसानों की जीत: भाजपा तेलंगाना अध्यक्ष रामचंद्र राव, नेशनल हेराल्ड पर भी बोले

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जुराला बांध से पानी छोड़ना किसानों की जीत: भाजपा तेलंगाना अध्यक्ष रामचंद्र राव, नेशनल हेराल्ड पर भी बोले

सारांश

भाजपा तेलंगाना अध्यक्ष रामचंद्र राव ने जुराला बांध से पानी मिलने को पार्टी के आंदोलन की जीत बताया — जिसमें खुद उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी। साथ ही नेशनल हेराल्ड मामले में ED जांच जारी रखने की वकालत करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर जांच प्रक्रिया के राजनीतिकरण का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

भाजपा तेलंगाना अध्यक्ष रामचंद्र राव ने 23 सितंबर 2026 को जुराला बांध से पानी छोड़े जाने को किसानों और भाजपा आंदोलन की जीत बताया।
महबूबनगर में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं — जिनमें राव स्वयं शामिल थे — को पहले बड़े पैमाने पर गिरफ्तार किया गया था।
तेलंगाना सरकार के मंत्री कर्नाटक गए और वहाँ के मंत्रियों से वार्ता के बाद पानी छोड़ा गया।
नेशनल हेराल्ड मामले में राव ने कहा कि ED को जांच जारी रखने दी जाए; राहुल गांधी और सोनिया गांधी को मुख्य आरोपी बताया।
राव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जांच प्रक्रिया का राजनीतिकरण कर रही है और ED के कामकाज में हस्तक्षेप की कोशिश हो रही है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष रामचंद्र राव ने 23 सितंबर 2026 को हैदराबाद में कहा कि जुराला बांध से पानी छोड़ा जाना भाजपा के आंदोलन की सफलता और उन किसानों की जीत है जो लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले पर कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अपनी जांच बिना किसी रुकावट के जारी रखने दी जानी चाहिए, और आरोप लगाया कि कांग्रेस इस जांच प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने में जुटी है।

जुराला बांध आंदोलन और पानी छोड़ने की पृष्ठभूमि

रामचंद्र राव ने बताया कि महबूबनगर जिले में जुराला प्रोजेक्ट के तहत अपनी जमीन पर खेती करने वाले किसान लंबे समय से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग कर रहे थे। भाजपा ने इस मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया, जिसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को — जिनमें रामचंद्र राव स्वयं भी शामिल थे — बड़े पैमाने पर गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने कहा, "तेलंगाना सरकार जो जुराला का पानी छोड़ रही है, वह किसानों की जीत है। जुराला प्रोजेक्ट के तहत अपनी जमीन पर खेती करने वाले किसान पानी छोड़ने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे।"

कर्नाटक से वार्ता के बाद मिली सफलता

रामचंद्र राव के अनुसार, भाजपा का आंदोलन शुरू होने के बाद तेलंगाना की कांग्रेस सरकार के मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधि कर्नाटक गए और वहाँ के मंत्रियों से बातचीत की। इस वार्ता के परिणामस्वरूप कर्नाटक के अधिकारी जुराला से पानी छोड़ने पर सहमत हो गए और अगले ही दिन पानी छोड़ा गया।

गौरतलब है कि जुराला परियोजना कृष्णा नदी पर बनी है, जो तेलंगाना और कर्नाटक दोनों राज्यों के बीच जल बँटवारे के लिहाज़ से संवेदनशील है। यह ऐसे समय में आया है जब किसानों में रबी फसल की सिंचाई को लेकर चिंता बढ़ी हुई थी।

नेशनल हेराल्ड मामले पर भाजपा नेता का रुख

नेशनल हेराल्ड मामले पर रामचंद्र राव ने कहा कि ED इस मामले में नए सबूत इकट्ठा कर रही है, जिसके लिए आरोपियों से दोबारा पूछताछ आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी इस मामले में मुख्य आरोपी हैं और सर्वोच्च न्यायालय भी इस मामले की निगरानी कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया, "कांग्रेस पार्टी अब जांच प्रक्रिया का भी राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है।" उनका कहना था कि यह जांच एजेंसी के कामकाज में हस्तक्षेप है और सच सामने आने देने के लिए ED को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलना चाहिए।

कांग्रेस पर सीधा हमला

रामचंद्र राव ने नेशनल हेराल्ड को "कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े घोटालों में से एक" बताया। उनका आरोप था कि कांग्रेस के नेता अब जांच का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे नहीं चाहते कि ED इस मामले में गहरी जाँच करे। यह भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत पार्टी तेलंगाना में कांग्रेस सरकार पर हर मोर्चे पर दबाव बना रही है।

आगे क्या होगा

जुराला बांध से पानी मिलने के बाद महबूबनगर और आसपास के किसानों में राहत का माहौल है, लेकिन यह देखा जाना बाकी है कि दीर्घकालिक जल आवंटन को लेकर तेलंगाना और कर्नाटक के बीच कोई स्थायी सहमति बनती है या नहीं। नेशनल हेराल्ड मामले में ED की अगली कार्रवाई और सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई की प्रगति पर भी सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुराला बांध से पानी छोड़ने की मांग क्यों उठ रही थी?
महबूबनगर जिले में जुराला प्रोजेक्ट के तहत खेती करने वाले किसान सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग कर रहे थे। भाजपा ने इस मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया, जिसके बाद कर्नाटक से वार्ता हुई और पानी छोड़ा गया।
रामचंद्र राव की गिरफ्तारी क्यों हुई थी?
रामचंद्र राव के अनुसार, महबूबनगर जिले में जुराला बांध से पानी छोड़ने की मांग को लेकर भाजपा के आंदोलन के दौरान उन्हें और पार्टी के कई नेताओं कार्यकर्ताओं को बड़े पैमाने पर गिरफ्तार किया गया था।
नेशनल हेराल्ड मामले में ED की जांच किस पर है?
रामचंद्र राव ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। ED नए सबूत जुटा रही है और आरोपियों से दोबारा पूछताछ की तैयारी में है। सर्वोच्च न्यायालय भी इस मामले की निगरानी कर रहा है।
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ED जांच का राजनीतिकरण कर रही है — इसका मतलब क्या है?
रामचंद्र राव का आरोप है कि कांग्रेस ED की जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है और उसे रोकने की कोशिश कर रही है। भाजपा का कहना है कि यह जांच एजेंसी की स्वायत्तता पर हमला है और सच सामने आने देने के लिए जांच बाधारहित जारी रहनी चाहिए।
तेलंगाना में जुराला जल विवाद में कर्नाटक की भूमिका क्या है?
जुराला परियोजना कृष्णा नदी पर स्थित है, जो तेलंगाना और कर्नाटक के बीच साझा है। पानी छोड़ने के लिए कर्नाटक के मंत्रियों से सहमति आवश्यक थी। तेलंगाना सरकार के प्रतिनिधि कर्नाटक गए और वार्ता के बाद पानी छोड़ा गया।
राष्ट्र प्रेस
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