कंगना रनौत के बयान पर लखनऊ में एफआईआर की मांग, महिला कांग्रेस नेता हुसैनगंज थाने पहुंचीं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के एक विवादित सार्वजनिक बयान को लेकर 1 अगस्त को लखनऊ में कांग्रेस का विरोध तेज हो गया। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अनामिका यादव राजधानी के हुसैनगंज थाने पहुंचीं और थानाध्यक्ष को तहरीर सौंपकर कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह मामला 30 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है। कांग्रेस का आरोप है कि उस प्रदर्शन के संदर्भ में कंगना रनौत द्वारा दिया गया बयान विभिन्न समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिसमें प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं, युवाओं और महिलाओं के प्रति कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियाँ की गईं।
कांग्रेस का आरोप
अनामिका यादव ने थानाध्यक्ष को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि बयान में न केवल प्रदर्शनकारियों, बल्कि देश की नई पीढ़ी, उनके अभिभावकों और महिलाओं के प्रति भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। उनके अनुसार ऐसे सार्वजनिक वक्तव्य समाज में आक्रोश, वैमनस्य और अशांति का माहौल पैदा कर सकते हैं तथा करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।
यादव ने कहा, 'समाज की नई पीढ़ी, छात्र-छात्राओं और महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।' उन्होंने माँग की कि इस प्रकरण में निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
एफआईआर और कानूनी कार्रवाई की मांग
तहरीर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। साथ ही बयान से जुड़े मूल वीडियो, ऑडियो और सोशल मीडिया पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर विधिसम्मत कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। गौरतलब है कि पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज करने या न करने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन जारी है और विपक्षी दल सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो वे आगे कानूनी विकल्प तलाशेंगी।