1 अगस्त 2026
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कंगना रनौत के बयान पर लखनऊ में एफआईआर की मांग, महिला कांग्रेस नेता हुसैनगंज थाने पहुंचीं

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कंगना रनौत के बयान पर लखनऊ में एफआईआर की मांग, महिला कांग्रेस नेता हुसैनगंज थाने पहुंचीं

सारांश

नीट पेपर लीक प्रदर्शन पर कंगना रनौत के कथित अपमानजनक बयान को लेकर महिला कांग्रेस ने लखनऊ के हुसैनगंज थाने में एफआईआर की मांग की। BNS 2023 की धाराओं के तहत कार्रवाई और साक्ष्य सुरक्षित रखने का अनुरोध किया गया है।

मुख्य बातें

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अनामिका यादव ने 1 अगस्त को लखनऊ के हुसैनगंज थाने में तहरीर देकर कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर की मांग की।
विवाद 30 जुलाई को जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में दिए गए कंगना रनौत के बयान से जुड़ा है।
कांग्रेस का आरोप है कि बयान में छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं और उनके अभिभावकों के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
तहरीर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर और मूल वीडियो-ऑडियो साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग की गई है।
पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज करने पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के एक विवादित सार्वजनिक बयान को लेकर 1 अगस्त को लखनऊ में कांग्रेस का विरोध तेज हो गया। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अनामिका यादव राजधानी के हुसैनगंज थाने पहुंचीं और थानाध्यक्ष को तहरीर सौंपकर कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह मामला 30 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है। कांग्रेस का आरोप है कि उस प्रदर्शन के संदर्भ में कंगना रनौत द्वारा दिया गया बयान विभिन्न समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिसमें प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं, युवाओं और महिलाओं के प्रति कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियाँ की गईं।

कांग्रेस का आरोप

अनामिका यादव ने थानाध्यक्ष को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि बयान में न केवल प्रदर्शनकारियों, बल्कि देश की नई पीढ़ी, उनके अभिभावकों और महिलाओं के प्रति भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। उनके अनुसार ऐसे सार्वजनिक वक्तव्य समाज में आक्रोश, वैमनस्य और अशांति का माहौल पैदा कर सकते हैं तथा करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।

यादव ने कहा, 'समाज की नई पीढ़ी, छात्र-छात्राओं और महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।' उन्होंने माँग की कि इस प्रकरण में निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

एफआईआर और कानूनी कार्रवाई की मांग

तहरीर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। साथ ही बयान से जुड़े मूल वीडियो, ऑडियो और सोशल मीडिया पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर विधिसम्मत कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। गौरतलब है कि पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज करने या न करने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन जारी है और विपक्षी दल सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो वे आगे कानूनी विकल्प तलाशेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस पूरे विवाद की एकतरफा कवरेज को रेखांकित करता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंगना रनौत के किस बयान पर विवाद हुआ है?
कांग्रेस के अनुसार, 30 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में कंगना रनौत ने एक सार्वजनिक बयान दिया, जो समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। कांग्रेस का आरोप है कि इस बयान में प्रदर्शनकारी छात्रों, युवाओं और महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
लखनऊ में एफआईआर की मांग किसने और कहाँ की?
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अनामिका यादव ने 1 अगस्त को लखनऊ के हुसैनगंज थाने में थानाध्यक्ष को तहरीर सौंपकर कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
एफआईआर किन धाराओं के तहत दर्ज करने की मांग की गई है?
तहरीर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। साथ ही बयान से जुड़े मूल वीडियो, ऑडियो और सोशल मीडिया पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखने का अनुरोध किया गया है।
क्या पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई की है?
अभी तक पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज करने या न करने पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। तहरीर दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई पुलिस के विवेकाधिकार पर निर्भर करती है।
कांग्रेस का इस मामले में आगे क्या रुख है?
अनामिका यादव ने स्पष्ट किया है कि छात्रों, युवाओं और महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी आगे के कानूनी विकल्प तलाशेगी।
राष्ट्र प्रेस
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