21 अगस्त 2026
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स्वनाथ सम्मेलन-2026: कपिल मिश्रा बोले — हर अनाथ बच्चे को परिवार, सुरक्षा और सम्मान मिले

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स्वनाथ सम्मेलन-2026: कपिल मिश्रा बोले — हर अनाथ बच्चे को परिवार, सुरक्षा और सम्मान मिले

सारांश

दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने स्वनाथ सम्मेलन-2026 में साफ कहा — सड़कें और पुल विकास का पैमाना नहीं, हर अनाथ बच्चे को परिवार और सम्मान मिलना असली कसौटी है। समाज के सक्षम परिवारों से ऐसे बच्चों की जिम्मेदारी उठाने की अपील।

मुख्य बातें

कपिल मिश्रा ने 21 अगस्त 2026 को स्वनाथ सम्मेलन-2026 को संबोधित किया।
सम्मेलन की थीम थी 'अनाथ से स्वनाथ तक' — बाल संरक्षण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित।
आयोजन में विश्व मानव सहायता परिषद , गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय और दिल्ली सरकार का महिला एवं बाल विकास विभाग शामिल रहे।
मिश्रा ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को स्वनाथ बच्चों की मुख्यधारा में भागीदारी से जोड़ा।
समर्थ परिवारों से आह्वान — स्वनाथ बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण की सामूहिक जिम्मेदारी उठाएँ।

दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने 21 अगस्त 2026 को स्वनाथ सम्मेलन-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का असली मापदंड सड़कें, पुल और हवाई अड्डे नहीं, बल्कि यह है कि समाज का हर बच्चा मुख्यधारा का हिस्सा बन सके। उन्होंने स्वनाथ बच्चों — यानी उन बच्चों को जिन्हें परिवार का सहारा नहीं — के लिए पारिवारिक प्रेम, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने की समाज से अपील की।

सम्मेलन का आयोजन और उद्देश्य

विश्व मानव सहायता परिषद ने गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय और दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया। 'अनाथ से स्वनाथ तक' की थीम पर आधारित इस सम्मेलन में बाल संरक्षण, शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

मंत्री के मुख्य वक्तव्य

मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षा, शिक्षा, संरक्षा और आत्मनिर्भरता का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वनाथ बच्चों को पारिवारिक मूल्य और अपनेपन की भावना देना किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, 'यदि समाज का कोई भी वर्ग पीछे छूट रहा है, तो इसका अर्थ है कि हमें अभी भी काफी लंबा सफर तय करना है।' उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक विकास के मापदंडों में यह भी शामिल होना चाहिए कि हम कितने स्वनाथ बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफल रहे हैं।

विकसित भारत 2047 से जोड़ा संदर्भ

मिश्रा ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल बड़े बुनियादी ढाँचे से नहीं, बल्कि समाज के हर बेटे-बेटी को मुख्यधारा में लाने से हासिल होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में इस संकल्प के साकार होने की बात कही।

समाज से आह्वान

मंत्री ने समर्थ परिवारों से आग्रह किया कि वे आगे आएँ और ऐसे बच्चों को अपने परिवार का हिस्सा बनाएँ तथा उनकी शिक्षा, पालन-पोषण और मूल्यों की जिम्मेदारी उठाएँ। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए।

यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ जब देश में बाल संरक्षण नीतियों को लेकर व्यापक बहस जारी है और 'अनाथ से स्वनाथ' की अवधारणा को नीतिगत प्राथमिकता में शामिल करने की माँग तेज़ हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'अनाथ से स्वनाथ' की यह अवधारणा नीतिगत ढाँचे में कब और कैसे तब्दील होगी। दिल्ली में बाल संरक्षण गृहों की स्थिति और दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पहले से ही जटिल और धीमी रही है। केवल समाज से आह्वान पर्याप्त नहीं — जब तक सरकार गोद लेने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रोत्साहन-आधारित नहीं बनाती, ये संकल्प सभागार से बाहर नहीं निकलेंगे।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वनाथ सम्मेलन-2026 क्या है?
स्वनाथ सम्मेलन-2026 एक बाल संरक्षण सम्मेलन है जिसकी थीम 'अनाथ से स्वनाथ तक' रही। इसका आयोजन विश्व मानव सहायता परिषद ने गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय और दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से 21 अगस्त 2026 को किया।
कपिल मिश्रा ने सम्मेलन में क्या कहा?
दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि समाज की प्रगति का सच्चा पैमाना बुनियादी ढाँचा नहीं, बल्कि हर बच्चे को मुख्यधारा में लाना है। उन्होंने स्वनाथ बच्चों को परिवार, सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता देना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
स्वनाथ बच्चे कौन होते हैं?
स्वनाथ वे बच्चे होते हैं जो अनाथ हैं या जिन्हें पारिवारिक सहारा उपलब्ध नहीं है। इस सम्मेलन का उद्देश्य ऐसे बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें परिवार का अपनापन दिलाना था।
इस सम्मेलन का विकसित भारत 2047 से क्या संबंध है?
कपिल मिश्रा ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य केवल बड़े निर्माण प्रोजेक्ट से नहीं, बल्कि समाज के हर बेटे-बेटी — खासकर स्वनाथ बच्चों — को मुख्यधारा में लाने से हासिल होगा। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व से जोड़ा।
समाज से क्या अपील की गई?
मंत्री ने समर्थ परिवारों से आग्रह किया कि वे स्वनाथ बच्चों को अपने परिवार का हिस्सा बनाएँ और उनकी शिक्षा, पालन-पोषण व मूल्यों की जिम्मेदारी लें। उन्होंने कहा कि यह दायित्व किसी एक संगठन का नहीं, पूरे समाज का है।
राष्ट्र प्रेस
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