10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के 75 वर्ष पूरे, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने दी बधाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के 75 वर्ष पूरे, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने दी बधाई

सारांश

कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद ने 75 वर्षों का सफर पूरा किया — संविधान की छठी अनुसूची के तहत जनजातीय स्वशासन का यह प्रयोग असम के लिए एक अनूठी मिसाल है। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे विरासत, संघर्ष और आकांक्षाओं का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (KAAC) ने 23 जून 2026 को अपने 75 वर्ष पूरे किए।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा कर परिषद को शुभकामनाएं दीं।
परिषद भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के तहत कार्य करती है और इसका मुख्यालय दीफू में है।
परिषद को स्थानीय प्रशासन, भूमि प्रबंधन, संस्कृति, शिक्षा एवं विकास पर विधायी, कार्यकारी और वित्तीय अधिकार प्राप्त हैं।
राजनीतिक नेताओं और स्थानीय निवासियों ने समारोह में समावेशी विकास और स्थायी शांति की प्रतिबद्धता दोहराई।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 23 जून 2026 को कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (KAAC) के 75वें स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों — विशेषकर कार्बी आंगलोंग के निवासियों — को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस ऐतिहासिक पड़ाव को क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय विरासत, दृढ़ संघर्षशीलता और सामूहिक आकांक्षाओं का जीवंत प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा, 'कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के 75वें स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। यह मील का पत्थर कार्बी आंगलोंग के लोगों की समृद्ध विरासत, दृढ़ता और आकांक्षाओं को दर्शाता है। परिषद आगे भी क्षेत्र में शांति, विकास और जनसशक्तिकरण को मजबूत करती रहे।' उन्होंने परिषद की आदिवासी संस्कृति, पहचान और परंपराओं के संरक्षण में निभाई गई भूमिका को रेखांकित किया।

परिषद की संरचना और अधिकार

दीफू मुख्यालय वाली कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत कार्य करती है। इस व्यवस्था के तहत परिषद को स्थानीय प्रशासन, भूमि प्रबंधन, संस्कृति, शिक्षा और विकास से जुड़े विषयों पर विधायी, कार्यकारी एवं वित्तीय अधिकार प्राप्त हैं। यह संरचना जनजातीय समुदायों को स्वशासन का अधिकार देने की संवैधानिक प्रतिबद्धता का परिणाम है।

सात दशकों की उपलब्धियाँ

पिछले 75 वर्षों में परिषद ने कार्बी समुदाय और अन्य जनजातीय समूहों की सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति दी है। बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए परिषद ने अनेक पहलें की हैं। प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के लिए प्रसिद्ध कार्बी आंगलोंग में हाल के वर्षों में संपर्क व्यवस्था, पर्यटन और जनकल्याण योजनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

समारोह में प्रतिबद्धता का नवीनीकरण

इस अवसर पर राजनीतिक नेताओं, परिषद के सदस्यों और स्थानीय निवासियों ने परिषद की उपलब्धियों को स्मरण करते हुए जिले में समावेशी विकास और स्थायी शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। गौरतलब है कि परिषद का यह 75वाँ स्थापना दिवस ऐसे समय में आया है जब असम सरकार पूर्वोत्तर के जनजातीय क्षेत्रों में विकास और शांति स्थापना पर विशेष बल दे रही है।

आगे की राह

परिषद के 75 वर्ष पूरे होने को स्वशासन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में परिषद से अपेक्षा है कि वह कार्बी आंगलोंग की जनजातीय विरासत को संरक्षित करते हुए युवा पीढ़ी के लिए रोज़गार और शिक्षा के नए अवसर सृजित करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि छठी अनुसूची के तहत मिले स्वायत्त अधिकार ज़मीनी स्तर पर कितने प्रभावी रहे हैं। कार्बी आंगलोंग दशकों तक उग्रवाद और विकास की खाई से जूझता रहा है, और 2021 के शांति समझौते के बाद की प्रगति अभी भी जाँच के दायरे में है। मुख्यमंत्री सरमा का यह संदेश राजनीतिक सद्भावना का संकेत है, पर परिषद की वास्तविक परीक्षा युवा पीढ़ी के लिए रोज़गार और शिक्षा के ठोस अवसरों में है — जिसका लेखा-जोखा अभी सामने आना बाकी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (KAAC) क्या है?
कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद असम में भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के तहत गठित एक स्वायत्त निकाय है, जिसका मुख्यालय दीफू में है। इसे स्थानीय प्रशासन, भूमि प्रबंधन, संस्कृति, शिक्षा और विकास से जुड़े विषयों पर विधायी, कार्यकारी एवं वित्तीय अधिकार प्राप्त हैं।
KAAC का 75वाँ स्थापना दिवस कब मनाया गया?
कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद का 75वाँ स्थापना दिवस 23 जून 2026 को मनाया गया। इस अवसर पर राजनीतिक नेताओं, परिषद के सदस्यों और स्थानीय निवासियों ने समारोह में भाग लिया।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने KAAC को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए कहा कि यह मील का पत्थर कार्बी आंगलोंग के लोगों की समृद्ध विरासत, दृढ़ता और आकांक्षाओं को दर्शाता है। उन्होंने परिषद से शांति, विकास और जनसशक्तिकरण को आगे भी मजबूत करने की अपेक्षा जताई।
भारतीय संविधान की छठी अनुसूची KAAC को क्या अधिकार देती है?
छठी अनुसूची के तहत KAAC को जनजातीय क्षेत्रों में स्वायत्त प्रशासन का अधिकार मिलता है। इसमें भूमि प्रबंधन, स्थानीय संस्कृति व परंपराओं का संरक्षण, शिक्षा, और विकास योजनाओं पर विधायी व वित्तीय निर्णय लेने की शक्ति शामिल है।
कार्बी आंगलोंग में पिछले वर्षों में कौन-से प्रमुख विकास कार्य हुए हैं?
हाल के वर्षों में कार्बी आंगलोंग में संपर्क व्यवस्था, पर्यटन और जनकल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। राज्य सरकार ने बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य सेवाओं और आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए भी कई पहलें की हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले