कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के 75 वर्ष पूरे, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 23 जून 2026 को कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (KAAC) के 75वें स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों — विशेषकर कार्बी आंगलोंग के निवासियों — को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस ऐतिहासिक पड़ाव को क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय विरासत, दृढ़ संघर्षशीलता और सामूहिक आकांक्षाओं का जीवंत प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा, 'कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के 75वें स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। यह मील का पत्थर कार्बी आंगलोंग के लोगों की समृद्ध विरासत, दृढ़ता और आकांक्षाओं को दर्शाता है। परिषद आगे भी क्षेत्र में शांति, विकास और जनसशक्तिकरण को मजबूत करती रहे।' उन्होंने परिषद की आदिवासी संस्कृति, पहचान और परंपराओं के संरक्षण में निभाई गई भूमिका को रेखांकित किया।
परिषद की संरचना और अधिकार
दीफू मुख्यालय वाली कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत कार्य करती है। इस व्यवस्था के तहत परिषद को स्थानीय प्रशासन, भूमि प्रबंधन, संस्कृति, शिक्षा और विकास से जुड़े विषयों पर विधायी, कार्यकारी एवं वित्तीय अधिकार प्राप्त हैं। यह संरचना जनजातीय समुदायों को स्वशासन का अधिकार देने की संवैधानिक प्रतिबद्धता का परिणाम है।
सात दशकों की उपलब्धियाँ
पिछले 75 वर्षों में परिषद ने कार्बी समुदाय और अन्य जनजातीय समूहों की सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति दी है। बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए परिषद ने अनेक पहलें की हैं। प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के लिए प्रसिद्ध कार्बी आंगलोंग में हाल के वर्षों में संपर्क व्यवस्था, पर्यटन और जनकल्याण योजनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
समारोह में प्रतिबद्धता का नवीनीकरण
इस अवसर पर राजनीतिक नेताओं, परिषद के सदस्यों और स्थानीय निवासियों ने परिषद की उपलब्धियों को स्मरण करते हुए जिले में समावेशी विकास और स्थायी शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। गौरतलब है कि परिषद का यह 75वाँ स्थापना दिवस ऐसे समय में आया है जब असम सरकार पूर्वोत्तर के जनजातीय क्षेत्रों में विकास और शांति स्थापना पर विशेष बल दे रही है।
आगे की राह
परिषद के 75 वर्ष पूरे होने को स्वशासन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में परिषद से अपेक्षा है कि वह कार्बी आंगलोंग की जनजातीय विरासत को संरक्षित करते हुए युवा पीढ़ी के लिए रोज़गार और शिक्षा के नए अवसर सृजित करे।