कर्नाटक मंत्रिमंडल फेरबदल: शिवकुमार ने BDA और BMRDA अपने पास रखे, 20 से अधिक मंत्रियों को नए विभाग
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) सरकार ने 12 अगस्त 2026 को मॉनसून सत्र से ठीक एक दिन पहले मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल करते हुए नए मंत्रियों को विभाग सौंपे और वरिष्ठ मंत्रियों के प्रभार में भी बदलाव किए। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) और बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BMRDA) अपने पास बनाए रखे, जबकि बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा इन विभागों की पुरजोर माँग कर रहे थे।
मुख्यमंत्री के पास रहे प्रमुख विभाग
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने वित्त, कैबिनेट मामले, कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (DPAR), खुफिया, सूचना, कानून एवं न्याय, मानवाधिकार, संसदीय मामले, कानून-निर्माण, कृषि विपणन, नगर एवं ग्राम नियोजन आयुक्त कार्यालय सहित BDA और BMRDA के तहत आने वाले सभी शहरी स्थानीय निकाय और बिना आवंटित विभाग अपने पास रखे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बायरे गौड़ा ने BDA और BMRDA पर अपना दावा खुलकर पेश किया था, जिससे सरकार के भीतर खींचतान की खबरें सामने आई थीं।
विवादास्पद विभाग आवंटन
रामलिंगा रेड्डी को वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण विभाग सौंपा गया है। गौरतलब है कि रेड्डी ने बेंगलुरु विकास विभाग की माँग करते हुए जल संसाधन विभाग का कार्यभार लेने से इनकार कर दिया था और मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया था। बी.ज़ेड. जमीर अहमद खान को आवास विभाग सौंपा गया है; सिद्धारमैया सरकार के दौरान वे वक्फ और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग देख चुके थे।
नए मंत्रियों को विभागों का वितरण
लक्ष्मण सावदी — जो भाजपा सरकार में उप-मुख्यमंत्री रह चुके हैं और 2023 में भाजपा से टिकट न मिलने के बाद कांग्रेस में शामिल हुए — को सहकारिता (Cooperation) विभाग दिया गया है। रुद्रप्पा मनप्पा लमानी, जो कर्नाटक विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर हैं, को शुगर और टेक्सटाइल विभाग सौंपे गए हैं। के.एच. मुनियप्पा को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के बजाय समाज कल्याण विभाग दिया गया है।
यूटी खादर के पास स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग बना रहेगा और उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण, हज और वक्फ की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। शिवराज तंगदागी को पिछड़ा वर्ग कल्याण और कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग सौंपे गए हैं। टी. रघु मूर्ति को अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री बनाया गया है।
अजय सिंह को लघु सिंचाई और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, चेलुवरयास्वामी को बृहत् और लघु सिंचाई, मधु बंगारप्पा के पास प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा बने रहेंगे। बसवराज राया रेड्डी को उच्च शिक्षा, शिवलिंगे गौड़ा को आबकारी (Excise), पुत्तरंगा शेट्टी को पशुपालन और रेशम उत्पादन विभाग दिए गए हैं।
विजयानंद कशप्पनवर को लघु उद्योग और सार्वजनिक उद्यम, संतोष लाड को श्रम और रोजगार, के.एस. बसवंथप्पा को मुजराई, मत्स्य पालन, बंदरगाह और अंतर्देशीय जल परिवहन, एस.एस. मल्लिकार्जुन के पास खदान एवं भू-विज्ञान तथा बागवानी बने रहेंगे। रिजवान अरशद को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले, नरेंद्र स्वामी को कृषि, एच.सी. बालकृष्ण को नगरपालिका प्रशासन और बी. नागेंद्र को योजना और सांख्यिकी विभाग सौंपे गए हैं।
प्रशासनिक प्रक्रिया
राज्यपाल थावरचंद गहलोत के विशेष सचिव आर. प्रभु शंकर ने राज्यपाल द्वारा अनुमोदित विभाग-आवंटन सूची मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को भेजी। यह फेरबदल मॉनसून सत्र की पूर्व संध्या पर किया गया, जो राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण समय है।
आगे क्या
मंत्रिमंडल पुनर्गठन के बाद कांग्रेस सरकार को मॉनसून सत्र में विपक्ष की चुनौतियों का सामना करना होगा। BDA और BMRDA पर शिवकुमार की पकड़ बनाए रखना बेंगलुरु की शहरी नीति पर उनके नियंत्रण का संकेत देता है, जबकि रेड्डी जैसे असंतुष्ट नेताओं को नए विभाग देकर सरकार ने आंतरिक कलह को फिलहाल थामने की कोशिश की है।