कर्नाटक कांग्रेस में विभाग बंटवारे पर घमासान: गौड़ा ने नहीं संभाला कार्यभार, रेड्डी-मुनियप्पा की नाराजगी बरकरार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई कांग्रेस सरकार में मंत्रिमंडल के विभागों के बंटवारे को लेकर असंतोष थमने का नाम नहीं ले रहा। बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा अब तक अपने विभाग का औपचारिक कार्यभार नहीं संभाल पाए हैं, जिससे पार्टी के भीतर नाराजगी की चर्चाएँ और तेज हो गई हैं। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब शिवकुमार सरकार अपने शुरुआती दिनों में ही अंदरूनी कलह से जूझ रही है।
गौड़ा का मौन विरोध
कृष्णा बायरे गौड़ा को आवंटित बेंगलुरु विकास विभाग में बेंगलुरु डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) और बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (BMRDA) शामिल नहीं हैं — ये दोनों प्रमुख एजेंसियाँ मुख्यमंत्री शिवकुमार ने अपने पास रखी हैं। गौड़ा ने इस पर आपत्ति जताई है। सरकारी वाहन आवंटित होने के बावजूद वह अपनी निजी कार का उपयोग कर रहे हैं, जिसे पार्टी के अंदरूनी सूत्र उनका मौन विरोध मान रहे हैं।
गौड़ा ने शनिवार, 13 जून को बेंगलुरु में कहा, 'किसी भी जिम्मेदारी के साथ स्पष्ट अधिकार होना जरूरी है, तभी प्रभावी ढंग से काम किया जा सकता है।' उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा की है और आश्वासन मिला है कि जल्द समाधान निकाला जाएगा। बताया जा रहा है कि गौड़ा ने तीन दिन नई दिल्ली में रहकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर अपनी नाराजगी से अवगत कराया।
रेड्डी और मुनियप्पा की नाराजगी
वरिष्ठ मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कथित तौर पर बेंगलुरु विकास विभाग की माँग करते हुए इस्तीफा सौंप दिया था। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद यह इस्तीफा वापस लिया गया। कांग्रेस नेतृत्व ने फिलहाल उनकी नाराजगी को शांत कर दिया है, लेकिन विभाग आवंटन पर असंतोष बना हुआ है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने भी अपने मंत्रालय का कार्यभार संभालने से इनकार करते हुए कहा था कि पार्टी नेतृत्व उनकी वरिष्ठता के अनुरूप बेहतर विभाग देने पर विचार करेगा। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में है जब कर्नाटक कांग्रेस के लिए एकजुट प्रशासन की छवि बनाना राजनीतिक रूप से अत्यंत जरूरी है।
जमीन पर समर्थकों का दबाव
राज्यभर में पूर्व मंत्री जमीर अहमद खान और वरिष्ठ कांग्रेस विधायक हम्पनगौड़ा बदरली को मंत्रिमंडल में शामिल करने की माँग को लेकर समर्थकों के प्रदर्शन और पदयात्राएँ जारी हैं। हुबली में जमीर अहमद खान के समर्थकों ने धार्मिक गुरुओं के नेतृत्व में प्रदर्शन कर उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाने की माँग उठाई।
पाँच बार के कांग्रेस विधायक हम्पनगौड़ा बदरली के समर्थकों ने सिंधनूर से अंबा देवी मंदिर तक 20 किलोमीटर की पदयात्रा निकालकर उनके लिए मंत्री पद की माँग की और विशेष पूजा-अर्चना भी की।
आलाकमान से चर्चा की तैयारी
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने संकेत दिया है कि वह अगले सप्ताह नई दिल्ली जाकर पार्टी आलाकमान से कैबिनेट विस्तार और अन्य संबंधित मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, पूर्व मंत्री के.एन. राजन्ना के पुत्र और कांग्रेस एमएलसी राजेंद्र राजन्ना ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की — राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह मुलाकात उन्हें सरकार में कोई जिम्मेदारी दिलाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर ने पार्टी में किसी भी तरह की नाराजगी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि समर्थकों द्वारा अपने नेताओं के लिए पद की माँग करना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसे जिम्मेदारी देनी है, इसका फैसला पार्टी आलाकमान करेगा और कांग्रेस सरकार प्रभावी ढंग से शासन सुनिश्चित करेगी। अब सभी की निगाहें शिवकुमार की दिल्ली यात्रा और आलाकमान के अगले कदम पर टिकी हैं।