4 नवंबर 2026
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कर्नाटक सरकार गारंटी योजनाओं की लागत से 10 गुना वसूल रही है: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी का आरोप

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कर्नाटक सरकार गारंटी योजनाओं की लागत से 10 गुना वसूल रही है: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी का आरोप

सारांश

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर बड़ा हमला बोला है — उनका आरोप है कि मुफ्त गारंटी का दावा करते हुए सरकार दूध, दही, घी और बस किराए में बढ़ोतरी कर जनता से 10 गुना अधिक वसूल रही है, और KSRTC-BMTC जैसे निगमों को डीजल के लिए भी मोहताज बना दिया है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 4 नवंबर 2026 को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर गारंटी योजनाओं की लागत से 10 गुना अधिक वसूली का आरोप लगाया।
आरोप है कि KSRTC और BMTC सहित सभी चार परिवहन निगम गंभीर वित्तीय संकट में हैं और डीजल खरीदने के लिए भी धन जुटाना मुश्किल हो रहा है।
नंदिनी ब्रांड के दूध, दही, घी की कीमतें बढ़ाने के बाद सरकार ने बस किराए में भी भारी वृद्धि की, जिसका असर गरीब, छात्र और कम वेतन वाले कर्मचारियों पर पड़ा।
जोशी के अनुसार कांग्रेस के साढ़े तीन साल के शासनकाल में राज्य परिवहन निगम घाटे में चले गए और विकास कार्य ठप्प हो गए।
कर्नाटक सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 4 नवंबर 2026 को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार एक ओर मुफ्त गारंटी योजनाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर लगातार मूल्य वृद्धि के जरिए आम जनता से गारंटी योजनाओं की लागत से 10 गुना अधिक धन वसूल रही है। उनके अनुसार, इस दोहरी नीति ने कभी आर्थिक रूप से समृद्ध रहे कर्नाटक को वित्तीय संकट की ओर धकेल दिया है।

परिवहन निगमों पर वित्तीय संकट का आरोप

जोशी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) और बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BMTC) सहित राज्य के सभी चार परिवहन निगमों को गहरे वित्तीय संकट में धकेल दिया है। उनका दावा है कि इन निगमों की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उन्हें बसों के लिए डीजल खरीदने तक के लिए धन जुटाने में कठिनाई हो रही है।

उन्होंने कहा कि गारंटी योजनाओं के अंतर्गत हजारों करोड़ रुपये के लंबित भुगतान जमा होने से इन निगमों को घाटे में धकेला गया है। उनके अनुसार, कांग्रेस के साढ़े तीन साल के शासनकाल में राज्य परिवहन निगम घाटे में चले गए हैं।

नंदिनी उत्पादों और बस किराए में वृद्धि पर हमला

जोशी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पहले नंदिनी ब्रांड के दूध, दही और घी की कीमतें बढ़ाईं, और इसके कुछ ही दिनों बाद बस किराए में भारी वृद्धि कर दी। उनका कहना है कि इससे गरीब वर्ग, छात्रों और कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।

यह ऐसे समय में आया है जब महंगाई पहले से ही आम नागरिकों पर दबाव बना रही है। गौरतलब है कि नंदिनी कर्नाटक सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ (KMF) का प्रमुख ब्रांड है, जो राज्य के लाखों उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा है।

गारंटी योजनाओं की तर्कसंगतता पर सवाल

जोशी ने पूछा कि यह कैसी गारंटी है, जब सरकार एक तरफ मुफ्त सेवाएं देने का दावा करती है और दूसरी तरफ आवश्यक वस्तुओं व रोजमर्रा की सेवाओं की कीमतें बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अपनी योजनाहीनता और प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ाए हैं।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को करने और राज्य के खजाने को मजबूत करने के बजाय, सरकार ने खजाना खाली कर दिया है और कर्नाटक में विकास ठप्प हो गया है।

आम जनता पर असर

जोशी के अनुसार, कर्नाटक के गरीब नागरिकों, छात्रों और कम आय वर्ग के लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है — एक तरफ आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी और दूसरी तरफ सार्वजनिक परिवहन के किराए में इजाफा। उनका आरोप है कि सरकार मुफ्त योजनाओं का प्रचार करते हुए परोक्ष रूप से जनता से 10 गुना अधिक लागत वसूल रही है।

आलोचकों का कहना है कि इस तरह की नीतियाँ दीर्घकाल में राज्य की वित्तीय स्थिति को और कमजोर कर सकती हैं। कर्नाटक सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या होगा आगे

इन आरोपों के बाद कर्नाटक की राजनीति में तीखी बहस तेज होने की संभावना है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता के रूप में जोशी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राज्य में कांग्रेस सरकार पर गारंटी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। आगामी समय में यह मुद्दा विधानसभा और सार्वजनिक बहस दोनों में केंद्र में रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनके केंद्र में एक असली नीतिगत विरोधाभास है — राज्य सरकारें गारंटी योजनाओं के लिए राजकोषीय स्थान कहाँ से बनाती हैं। कर्नाटक के परिवहन निगमों की वित्तीय सेहत पर सवाल नया नहीं है, लेकिन अगर गारंटी योजनाओं के लंबित भुगतान निगमों को दिवालियेपन की ओर धकेल रहे हैं, तो यह ढाँचागत समस्या है जिसे विपक्ष की आलोचना से परे जाकर देखना होगा। दूध और बस किराए जैसी आवश्यक सेवाओं की कीमतें बढ़ाना गरीब-समर्थक योजनाओं की भावना के विपरीत है — यह मुद्दा चुनावी नहीं, बल्कि शासन की जवाबदेही का है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रल्हाद जोशी ने कर्नाटक सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार मुफ्त गारंटी योजनाओं का दावा करते हुए दूध, दही, घी और बस किराए में बार-बार वृद्धि करके आम जनता से गारंटी योजनाओं की लागत से 10 गुना अधिक वसूल रही है। उनका कहना है कि इससे राज्य आर्थिक पतन की ओर जा रहा है।
KSRTC और BMTC को किस तरह के वित्तीय संकट का सामना है?
जोशी के अनुसार, कर्नाटक के सभी चार राज्य परिवहन निगम, जिनमें KSRTC और BMTC शामिल हैं, इतने गहरे घाटे में हैं कि उन्हें बसों के लिए डीजल खरीदने तक के लिए पैसा जुटाना मुश्किल हो रहा है। आरोप है कि गारंटी योजनाओं के हजारों करोड़ रुपये के लंबित भुगतान इस संकट की प्रमुख वजह हैं।
नंदिनी उत्पादों और बस किराए में कब बढ़ोतरी की गई?
जोशी के बयान के अनुसार, कर्नाटक सरकार ने पहले नंदिनी ब्रांड के दूध, दही और घी की कीमतें बढ़ाईं, और उसके कुछ ही दिनों बाद बस किराए में भी भारी वृद्धि कर दी। इन दोनों बढ़ोतरियों का सीधा असर गरीब वर्ग, छात्रों और कम वेतन वाले कर्मचारियों पर पड़ा है।
कर्नाटक गारंटी योजनाओं का विवाद क्या है?
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने पर पाँच गारंटी योजनाओं की घोषणा की थी जिनमें मुफ्त बिजली, महिलाओं को नकद सहायता और बेरोजगारों को भत्ता शामिल हैं। आलोचकों का कहना है कि इन योजनाओं का बोझ वहन करने के लिए सरकार आवश्यक सेवाओं की कीमतें बढ़ा रही है, जो इन योजनाओं के उद्देश्य को ही कमजोर करता है।
कर्नाटक सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
जोशी के बयान के बाद कर्नाटक सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मुद्दा BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस का केंद्र बनने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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