मांड्या कोर्ट ने BJP विधायक सुरेश गौड़ा की बेटी की जमानत याचिका खारिज, महिला PSI से मारपीट का मामला
सारांश
मुख्य बातें
मांड्या जिले की श्रीरंगपट्टनम टाउन कोर्ट ने गुरुवार, 3 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या की जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला कर्नाटक के मांड्या जिले के श्रीरंगपट्टनम तालुक स्थित श्री लक्ष्मी नरसिम्हास्वामी मंदिर में 12 अगस्त को एक महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। जमानत खारिज होने के बावजूद ऐश्वर्या को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, जिससे पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
घटना का विवरण
12 अगस्त को भीम अमावस्या के अवसर पर आरती उक्कडा स्थित मंदिर में हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए थे। शिकायत के अनुसार, ऐश्वर्या ने VIP लाइन से गर्भगृह में प्रवेश करने का प्रयास किया। सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात PSI सविता बी. ने उन्हें भीड़ का हवाला देते हुए रोक दिया।
बताया जाता है कि इसी दौरान सादे कपड़ों में ड्यूटी कर रहीं सर्कल इंस्पेक्टर लक्ष्मी गर्भगृह की ओर बढ़ीं। ऐश्वर्या के यह पूछने पर कि सर्कल इंस्पेक्टर को अंदर क्यों जाने दिया गया, PSI सविता ने स्पष्ट किया कि वे आधिकारिक ड्यूटी पर हैं। इसके बाद कथित तौर पर तीखी बहस हुई और ऐश्वर्या ने PSI सविता को थप्पड़ मार दिया। यह पूरी घटना वीडियो में रिकॉर्ड हो गई और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
कानूनी कार्रवाई
घटना के बाद PSI सविता की शिकायत पर क्याताना हल्ली पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 132, 115(2), 352 और 351(2) के तहत FIR दर्ज की गई। अदालत ने जमानत सुनवाई के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट की गंभीरता को रेखांकित करते हुए याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि ऐश्वर्या, मांड्या के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) गौतम की पत्नी भी हैं। यह तथ्य मामले को और अधिक संवेदनशील बनाता है, क्योंकि आरोपी का सीधा संबंध पुलिस विभाग से है।
ऐश्वर्या का पक्ष
ऐश्वर्या ने अपने बचाव में आरोप लगाया है कि PSI ने उनके साथ अपशब्दों का इस्तेमाल किया और उनके दो बच्चों को भीड़ के बीच अकेला छोड़ दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
विधायक की प्रतिक्रिया
तुमकुरु ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश गौड़ा ने अपनी बेटी के व्यवहार के लिए सार्वजनिक माफी माँगी। उन्होंने कहा, 'मेरी बेटी ने जो किया, उसके लिए मैं माफी माँगता हूँ। यह घटना गलत समय पर हुई है।' साथ ही उन्होंने मंदिरों में VIP दर्शन व्यवस्था समाप्त करने की माँग भी उठाई।
आगे क्या होगा
जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब सबकी नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। 12 अगस्त की घटना के तीन सप्ताह से अधिक बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी न होना, आलोचकों के निशाने पर है। यह मामला कर्नाटक में सत्ता और कानून के बीच टकराव की एक बड़ी बहस को जन्म दे रहा है।