1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कुलगाम हमले पर फारूक-महबूबा की टिप्पणी निंदनीय: BJP सांसद सत शर्मा का पाकिस्तान को क्लीनचिट देने पर कड़ा प्रहार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कुलगाम हमले पर फारूक-महबूबा की टिप्पणी निंदनीय: BJP सांसद सत शर्मा का पाकिस्तान को क्लीनचिट देने पर कड़ा प्रहार

सारांश

BJP सांसद सत शर्मा ने कुलगाम हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधा — पाकिस्तान को बार-बार क्लीनचिट देना और सुरक्षा एजेंसियों पर दोषारोपण करना उन्होंने 'निंदनीय' बताया। उन्होंने सुझाया कि ऐसे नेताओं को छह माह पाकिस्तान में बिताने चाहिए।

मुख्य बातें

BJP राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने 1 अगस्त 2026 को जम्मू में फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की टिप्पणियों को निंदनीय करार दिया।
शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान को क्लीनचिट देना और सुरक्षा एजेंसियों पर दोष मढ़ना इन वरिष्ठ नेताओं की आदत बन चुकी है।
कुलगाम आतंकी हमले में मारे गए मजदूरों के परिवारों के प्रति BJP नेता ने संवेदना व्यक्त की।
शर्मा ने व्यंग्य में कहा कि पाकिस्तान-समर्थक बयान देने वाले नेताओं को कम से कम छह माह पाकिस्तान में बिताने चाहिए।
उन्होंने पीओजेके के लोगों की भारत में शामिल होने की इच्छा का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने 1 अगस्त 2026 को जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की आतंकवाद संबंधी टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। उनका कहना है कि पाकिस्तान को बार-बार क्लीनचिट देना और सुरक्षा एजेंसियों पर दोषारोपण करना इस संकट की घड़ी में सर्वथा अनुचित है।

क्या बोले सत शर्मा

सत शर्मा ने अपने बयान में कहा, 'पाकिस्तान को क्लीनचिट देना इन वरिष्ठ नेताओं की बातचीत का हिस्सा बन गया है। एजेंसियों पर दोष मढ़ना और यह कहना कि घटनाएं एजेंसियों की वजह से हो रही हैं, गलत है। अगर ये लोग आज सुरक्षित हैं, तो सिर्फ एजेंसियों की वजह से हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा उन सैनिकों और सुरक्षाबलों के कारण सुनिश्चित है जो सीमाओं पर अपनी जान की बाजी लगाते हैं।

BJP सांसद ने कहा कि पाकिस्तान के इशारे पर आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। ऐसे समय में बड़े पदों पर बैठे नेताओं का यह दायित्व है कि वे सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ाएं, न कि उन्हें कटघरे में खड़ा करें।

पीओजेके पर शर्मा का तीखा बयान

सत शर्मा ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ के लोग भारत में शामिल होना चाहते हैं क्योंकि पाकिस्तान के गैरकानूनी कब्जे ने उस क्षेत्र में अराजकता और हिंसा का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा, 'बेगुनाह लोगों को बेरहमी से निशाना बनाया जा रहा है — वजह यह है कि वहाँ के माहौल को उन लोगों ने खराब कर दिया है।'

उन्होंने व्यंग्यपूर्वक सुझाव दिया कि जो नेता पाकिस्तान को क्लीनचिट देते हैं, उन्हें कम से कम छह माह पाकिस्तान में बिताने चाहिए ताकि वे दोनों देशों की परिस्थितियों का वास्तविक अंतर समझ सकें।

कुलगाम हमले के पीड़ितों पर संवेदना

कुलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए मजदूरों के प्रति शर्मा ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ईश्वर मृतकों की आत्माओं को शांति दे और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख की घड़ी में सहनशक्ति प्रदान करे।

गौरतलब है कि कुलगाम हमला हाल के हफ्तों में जम्मू-कश्मीर में हुई कई आतंकी घटनाओं में से एक है, जिसने सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही पर बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने आतंकी घटनाओं के संदर्भ में ऐसे बयान दिए थे जिन्हें BJP ने पाकिस्तान-समर्थक करार दिया। हालांकि दोनों नेताओं के बयानों का पूरा संदर्भ स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया जाना बाकी है। आलोचकों का कहना है कि कश्मीर में राजनीतिक विमर्श को सुरक्षा-केंद्रित बनाम संवाद-केंद्रित दृष्टिकोण के बीच की खाई और गहरी करती ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए।

आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और PDP इन आरोपों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देती हैं और क्या यह विवाद विधानसभा सत्र में भी गूँजता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि 'पाकिस्तान को क्लीनचिट' और 'संवाद की वकालत' के बीच की रेखा अक्सर राजनीतिक सुविधा के अनुसार खींची जाती है। कुलगाम हमले की त्रासदी को राजनीतिक अखाड़े में बदलने की प्रवृत्ति — चाहे किसी भी दल की हो — पीड़ित परिवारों के दर्द को हाशिये पर धकेल देती है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सत शर्मा ने फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की किन टिप्पणियों की निंदा की?
BJP सांसद सत शर्मा ने आतंकी हमलों के संदर्भ में फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती द्वारा पाकिस्तान को क्लीनचिट देने और सुरक्षा एजेंसियों पर दोषारोपण करने वाले बयानों की निंदा की। उन्होंने इसे वरिष्ठ नेताओं के लिए अशोभनीय बताया।
कुलगाम आतंकी हमले में क्या हुआ?
कुलगाम में हुए आतंकी हमले में कई मजदूर मारे गए। BJP सांसद सत शर्मा ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस हमले को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का परिणाम बताया।
सत शर्मा ने पीओजेके के बारे में क्या कहा?
सत शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के लोग भारत में शामिल होना चाहते हैं क्योंकि पाकिस्तान की नीतियों ने वहाँ अराजकता फैला दी है। उन्होंने बेगुनाह लोगों पर हो रहे अत्याचारों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया।
BJP का सुरक्षा एजेंसियों पर आलोचना को लेकर क्या रुख है?
BJP का स्पष्ट रुख है कि सुरक्षा एजेंसियों और सैनिकों को कमजोर करने वाले किसी भी बयान से देश की सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ता है। सत शर्मा ने कहा कि इन एजेंसियों की वजह से ही नेता और आम नागरिक सुरक्षित हैं।
इस विवाद का जम्मू-कश्मीर की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
यह विवाद जम्मू-कश्मीर में BJP और क्षेत्रीय दलों — नेशनल कॉन्फ्रेंस व PDP — के बीच की खाई को और गहरा कर सकता है। आतंकी घटनाओं पर राजनीतिक प्रतिक्रिया का यह पैटर्न राज्य में चुनावी विमर्श को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले