9 नवंबर 2026
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पीओके में पाक बलों की कथित हिंसा के विरोध में इटली के बोलोन्या में हजारों कश्मीरियों का मार्च

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पीओके में पाक बलों की कथित हिंसा के विरोध में इटली के बोलोन्या में हजारों कश्मीरियों का मार्च

सारांश

पीओके में पाकिस्तानी बलों की कथित हिंसा का विरोध अब यूरोप तक पहुँच गया है। इटली के बोलोन्या में हजारों कश्मीरियों ने मार्च निकाला, जबकि जेकेएचआरओ के अनुसार दो महीनों में 93 नागरिकों की जान गई। ब्रिटेन के सांसद भी आवाज उठा रहे हैं — यह मुद्दा तेज़ी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर केंद्र में आ रहा है।

मुख्य बातें

इटली के बोलोन्या में 10 अगस्त 2026 को कश्मीरी प्रवासी समुदाय के हजारों लोगों ने पीओके में पाक बलों की कथित हिंसा के विरोध में मार्च निकाला।
जेकेएचआरओ के अनुसार 5 जून से 5 अगस्त 2026 के बीच पीओके में 93 नागरिकों की मौत दर्ज की गई।
जेएएसी ने एक्स पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कथित 'नरसंहार' के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
पिछले सप्ताह ब्रैडफोर्ड, यूके में भी पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर कश्मीरी प्रवासियों ने प्रदर्शन किया।
ब्रिटिश सांसद लियाम बर्न ने असली गोलियों के कथित इस्तेमाल को 'बेहद चिंताजनक' बताया; सांसद अदनान हुसैन ने स्वतंत्र जाँच की माँग की।

इटली के बोलोन्या शहर में 10 अगस्त 2026 को कश्मीरी प्रवासी समुदाय के हजारों लोगों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तानी बलों की कथित हिंसा के विरोध में एक बड़ा प्रदर्शन मार्च निकाला। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब पीओके में तनाव और अशांति लगातार बढ़ रही है और दुनिया के कई देशों में कश्मीरी प्रवासी समुदाय सड़कों पर उतर रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी बलों के खिलाफ नारे लगाए और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के प्रति एकजुटता प्रकट की। प्रदर्शन के दौरान लोगों के हाथों में तख्तियाँ थीं, जिन पर लिखा था — 'पाकिस्तान बर्बरता बंद करो', 'पाकिस्तान रावलकोट में कश्मीरियों की हत्या बंद करो' और 'हम अवामी एक्शन कमेटी के साथ हैं।' प्रदर्शनकारियों में बुजुर्ग, महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे।

जेएएसी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि इटली में कश्मीरियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह पाकिस्तानी बलों की ओर से निहत्थे नागरिकों के कथित 'नरसंहार' के खिलाफ आवाज उठाए। जेएएसी ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी केवल अपने बुनियादी अधिकारों की माँग कर रहे हैं।

मानवाधिकार संस्था के आँकड़े

पीओके स्थित मानवाधिकार दस्तावेजीकरण एवं निगरानी संस्था जम्मू कश्मीर ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेटरी (जेकेएचआरओ) के अनुसार, 5 जून से 5 अगस्त 2026 के बीच क्षेत्र में बढ़ती अशांति के दौरान 93 नागरिकों की मौत दर्ज की गई। ये आँकड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन रहे हैं।

वैश्विक प्रतिक्रिया और ब्रिटेन में प्रदर्शन

पिछले सप्ताह यूनाइटेड किंगडम के ब्रैडफोर्ड शहर में स्थित पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर भी कश्मीरी प्रवासी समुदाय ने प्रदर्शन किया और पीओके में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी बलों की कथित कार्रवाई की निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने जेएएसी के समर्थन में आवाज उठाई और क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के अभियानों को समाप्त करने की माँग की।

गौरतलब है कि ब्रिटेन के कई सांसदों ने भी पीओके में नागरिकों के खिलाफ कथित कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताई है। ब्रिटिश लेबर पार्टी के सांसद लियाम बर्न ने कहा कि पीओके में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित तौर पर असली गोलियों के इस्तेमाल की खबरें 'बेहद चिंताजनक' हैं। वहीं, ब्रिटिश सांसद अदनान हुसैन ने पीओके में नागरिकों की मौत को 'दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी' बताते हुए कहा कि यदि पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा अत्यधिक या गैरकानूनी बल का इस्तेमाल किया गया है, तो इसकी पूर्ण, स्वतंत्र और पारदर्शी जाँच होनी चाहिए।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब पीओके में अशांति थमने का नाम नहीं ले रही और अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है। कश्मीरी प्रवासी समुदाय का यह प्रदर्शन यूरोप और ब्रिटेन दोनों में फैल चुका है, जो इस मुद्दे को वैश्विक मंच पर और अधिक उठाने का संकेत देता है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और सरकारों की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार विरोध की भौगोलिक व्यापकता — इटली से ब्रिटेन तक — यह संकेत देती है कि कश्मीरी प्रवासी समुदाय एक संगठित अंतरराष्ट्रीय दबाव अभियान की ओर बढ़ रहा है। जेकेएचआरओ का '93 मौतों' का आँकड़ा गंभीर है, लेकिन यह एक क्षेत्रीय संस्था का दावा है जिसे स्वतंत्र सत्यापन की आवश्यकता है — मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस महत्वपूर्ण अंतर को नजरअंदाज करती है। ब्रिटिश सांसदों की माँग कि जाँच 'पूर्ण, स्वतंत्र और पारदर्शी' हो, सही दिशा में है, परंतु पाकिस्तान का इतिहास ऐसी जाँचों में सहयोग का नहीं रहा है।
RashtraPress
9 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इटली में कश्मीरियों ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया?
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तानी बलों द्वारा निहत्थे नागरिकों पर कथित हिंसा के विरोध में इटली के बोलोन्या शहर में 10 अगस्त 2026 को हजारों कश्मीरी प्रवासियों ने मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने जेएएसी के समर्थन में आवाज उठाई और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की माँग की।
पीओके में कितने नागरिकों की मौत हुई है?
पीओके स्थित मानवाधिकार संस्था जम्मू कश्मीर ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेटरी (जेकेएचआरओ) के अनुसार, 5 जून से 5 अगस्त 2026 के बीच क्षेत्र में बढ़ती अशांति के दौरान 93 नागरिकों की मौत दर्ज की गई है।
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) क्या है?
जेएएसी पीओके में नागरिक अधिकारों के लिए सक्रिय एक संगठन है, जो क्षेत्र में पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहा है। इस संगठन को दुनिया भर में फैले कश्मीरी प्रवासी समुदाय का समर्थन मिल रहा है।
ब्रिटिश सांसदों ने पीओके मुद्दे पर क्या कहा?
ब्रिटिश लेबर पार्टी के सांसद लियाम बर्न ने पीओके में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर असली गोलियों के इस्तेमाल को 'बेहद चिंताजनक' बताया। सांसद अदनान हुसैन ने नागरिकों की मौत को 'दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी' कहते हुए पूर्ण, स्वतंत्र और पारदर्शी जाँच की माँग की।
क्या अन्य देशों में भी पीओके के समर्थन में प्रदर्शन हुए हैं?
हाँ, इटली के अलावा यूनाइटेड किंगडम के ब्रैडफोर्ड शहर में भी पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर कश्मीरी प्रवासियों ने पिछले सप्ताह प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के अनुसार, दुनिया के कई देशों में कश्मीरी प्रवासी समुदाय लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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