पीओके में पाकिस्तानी बर्बरता के विरोध में लंदन मार्च: कश्मीरी प्रवासियों ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट तक किया प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन में बसे कश्मीरी प्रवासियों ने 22 जून 2026 को लंदन में ब्रिटिश संसद के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और फिर 10 डाउनिंग स्ट्रीट तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कथित ज्यादतियों, लोगों की मौत और खाद्य सामग्री व दवाओं की आपूर्ति में जानबूझकर बाधा डाले जाने के खिलाफ आवाज बुलंद की। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब पीओके में बुनियादी सुविधाओं की माँग को लेकर हुए प्रदर्शनों पर कथित कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शनकारियों ने 'स्टॉप द किलिंग्स' और 'ह्युमन विदाउट ह्युमन राइट्स' जैसे नारे लिखे बैनर थामे और ब्रिटिश सरकार से तत्काल मानवीय हस्तक्षेप की माँग की। एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पीओके के कई क्षेत्रों में खाद्य सामग्री और दवाओं की आपूर्ति बाधित है, जिससे लोग गंभीर संकट में हैं। उन्होंने दावा किया कि कई लोग भूख और उचित चिकित्सा न मिलने के कारण जान गँवा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि कुछ ब्रिटिश नागरिक भी इस संकटग्रस्त क्षेत्र में फँसे हुए हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना ब्रिटिश सरकार की जिम्मेदारी है। आयोजकों ने ब्रिटेन में बसे कश्मीरी समुदाय की बड़ी संख्या का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को मानवीय आधार पर पाकिस्तान सरकार से बातचीत कर स्थिति सामान्य बनाने की कोशिश करनी चाहिए।
ब्रिटिश सांसद की तीखी प्रतिक्रिया
ब्रिटेन की सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद बॉब ब्लैकमैन ने हाल ही में ब्रिटिश संसद में पीओके में हुई कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान द्वारा 1947 से कश्मीर के एक हिस्से पर कब्जा किया गया है और हाल के समय में वहाँ बुनियादी सुविधाओं की माँग को लेकर हुए प्रदर्शनों पर कठोर कार्रवाई की गई है। इन प्रदर्शनों में कम से कम 11 लोगों की मौत और बड़ी संख्या में घायल होने की रिपोर्ट है, जबकि कुछ समूहों का दावा है कि मृतकों की संख्या अधिक हो सकती है।'
ब्लैकमैन ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर गोलियाँ चलाई गईं और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिससे मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों की माँगें
लंदन में जुटे कश्मीरी प्रवासियों ने ब्रिटिश सरकार से तीन प्रमुख माँगें रखीं — पीओके में तत्काल मानवीय सहायता बहाल की जाए, कर्फ्यू जैसी पाबंदियाँ हटाई जाएँ, और खाद्य सामग्री व दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। आयोजकों ने यह भी माँग की कि ब्रिटेन इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाए।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि पीओके में बुनियादी सुविधाओं की माँग को लेकर हाल के महीनों में कई प्रदर्शन हुए हैं, जिन पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है। ब्रिटेन में कश्मीरी मूल के नागरिकों की उल्लेखनीय संख्या को देखते हुए यह प्रदर्शन राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में ब्रिटिश सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और पाकिस्तान के रुख पर सबकी नज़र रहेगी।