14 जुलाई 2026
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केन-बेतवा लिंक परियोजना: 'किसानों की लड़ाई सम्मान की है' — नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का छतरपुर दौरा

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केन-बेतवा लिंक परियोजना: 'किसानों की लड़ाई सम्मान की है' — नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का छतरपुर दौरा

सारांश

केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापन के खिलाफ बराना नदी में 11 दिनों से जल सत्याग्रह कर रहे किसानों और आदिवासियों से मिले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे सम्मान की लड़ाई बताया और BJP सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 14 जुलाई 2026 को छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों और आदिवासियों से मुलाकात की।
प्रभावित परिवार 11 दिनों से बराना नदी में जल सत्याग्रह कर रहे हैं।
सिंघार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की और इसे BJP सरकार की 'तानाशाही' बताया।
कांग्रेस ने माँग की — उचित मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था बिना किसी देरी के सुनिश्चित हो।
सिंघार ने चेतावनी दी कि माँगें न मानी गईं तो कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।

मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 14 जुलाई 2026 को छतरपुर पहुँचकर केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित होने के संकट से जूझ रहे किसानों और आदिवासी परिवारों से मुलाकात की। सिंघार ने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष केवल भूमि का नहीं, बल्कि अस्तित्व, अधिकार और सम्मान की रक्षा का है।

जल सत्याग्रह का ग्यारहवाँ दिन

प्रभावित परिवार पिछले 11 दिनों से बराना नदी में जल सत्याग्रह कर रहे हैं। सिंघार ने आंदोलनकारियों के बीच बैठकर उनकी पीड़ा सुनी और कहा कि जिन लोगों ने पीढ़ियों तक जंगल, जल और जमीन की रक्षा की, आज उन्हें उसी सरकार ने बेघर और बेबस कर दिया है।

भाजपा सरकार पर आरोप

सिंघार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विकास के नाम पर गरीबों के आशियाने उजाड़े जा रहे हैं, जंगल काटे जा रहे हैं और किसानों-आदिवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'बिना न्यायपूर्ण मुआवजे, सम्मानजनक पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों को उजाड़ना किसी भी सभ्य लोकतंत्र में स्वीकार नहीं किया जा सकता।'

पुलिस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति

नेता प्रतिपक्ष ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों — विशेषकर महिलाओं — पर कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे BJP सरकार के 'तानाशाही चरित्र का प्रमाण' बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सुनी जाती है, लाठियों से कुचलने का प्रयास नहीं किया जाता।

प्रशासन को चेतावनी

धरनास्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा करते हुए सिंघार ने तत्काल समाधान की माँग की। उन्होंने साफ कहा कि यदि सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) प्रदेशव्यापी आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी।

कांग्रेस का संकल्प

सिंघार ने घोषणा की कि कांग्रेस विस्थापित किसान, दलित और आदिवासी परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि जब तक प्रत्येक प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष सड़क से विधानसभा और विधानसभा से जनता की अदालत तक जारी रहेगा। गौरतलब है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली नदी-जोड़ो परियोजना है, जिसके तहत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में हज़ारों हेक्टेयर भूमि प्रभावित होने का अनुमान है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 11 दिनों का जल सत्याग्रह यह भी बताता है कि प्रभावित परिवारों की शिकायतें ठोस और अनसुनी हैं। असली सवाल यह है कि क्या सरकार के पास इन परिवारों के लिए कोई सत्यापन-योग्य पुनर्वास योजना है — या यह विकास का वही पुराना मॉडल है जिसमें लागत गरीब उठाते हैं और लाभ कहीं और जाता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केन-बेतवा लिंक परियोजना क्या है और इससे कौन प्रभावित हो रहे हैं?
केन-बेतवा लिंक परियोजना भारत की पहली नदी-जोड़ो परियोजना है, जो मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में केन और बेतवा नदियों को जोड़ती है। इस परियोजना के कारण हज़ारों किसान, आदिवासी और दलित परिवार अपनी पुश्तैनी ज़मीन और जंगल से विस्थापित होने के खतरे में हैं।
बराना नदी में जल सत्याग्रह क्यों हो रहा है?
केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवार न्यायपूर्ण मुआवजे, सम्मानजनक पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की माँग को लेकर 14 जुलाई 2026 तक 11 दिनों से बराना नदी में जल सत्याग्रह कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
उमंग सिंघार ने छतरपुर दौरे में क्या माँगें रखीं?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रशासनिक अधिकारियों से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की माँग की। उन्होंने उचित मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कांग्रेस ने किस आंदोलन की चेतावनी दी है?
सिंघार ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने प्रभावित किसानों और आदिवासियों की माँगें नहीं मानीं, तो कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष सड़क से विधानसभा तक और विधानसभा से जनता की अदालत तक जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के आरोप क्या हैं?
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों और महिलाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और सरकार का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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