केंद्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: NEET विवाद के बीच उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 23 जुलाई 2026 को सचिव स्तर के अधिकारियों में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया, जिसमें NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी का तबादला सबसे अधिक चर्चा में रहा। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने गुरुवार को यह आदेश जारी किए, जिनमें एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ IAS अधिकारियों की नियुक्तियाँ और स्थानांतरण शामिल हैं।
उच्च शिक्षा विभाग में बदलाव
विनीत जोशी (IAS, मणिपुर कैडर, 1992 बैच), जो अब तक शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव थे, उन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। वह 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे विवेक भारद्वाज का स्थान लेंगे। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार (IAS, राजस्थान कैडर, 1994 बैच) को पशुपालन एवं डेयरी विभाग से स्थानांतरित कर उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है।
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब NEET-UG पेपर लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं और शिक्षा मंत्रालय पर प्रशासनिक चूक के गंभीर आरोप लगे हैं।
मुख्य तबादले और नियुक्तियाँ
कटिकिथला श्रीनिवास (IAS, गुजरात कैडर, 1989 बैच) को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव पद से हटाकर पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। पीयूष गोयल (IAS, नागालैंड कैडर, 1994 बैच) को खान मंत्रालय से स्थानांतरित कर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का महासचिव बनाया गया है।
टीके अनिल कुमार (IAS, कर्नाटक कैडर, 1995 बैच) को ग्रामीण विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव पद से पदोन्नत कर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। केशव चंद्र (IAS, AGMUT कैडर, 1996 बैच) को खान मंत्रालय का नया सचिव बनाया गया है।
चंद्र भूषण कुमार (IAS, AGMUT कैडर, 1995 बैच) को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। सतेंद्र सिंह (IAS, झारखंड कैडर, 1995 बैच) को कैबिनेट सचिवालय से शहरी विकास विभाग में भेजा गया है।
अन्य प्रमुख नियुक्तियाँ
अर्चना वर्मा (IAS, असम-मेघालय कैडर, 1995 बैच) को सचिव स्तर पर पदोन्नत कर राष्ट्रीय जल मिशन में नियुक्त किया गया है। वह 30 सितंबर 2026 को अंसुली आर्या के सेवानिवृत्त होने के पश्चात गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की सचिव का कार्यभार संभालेंगी। बी. राजेंद्र (IAS, बिहार कैडर, 1996 बैच) को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी का निदेशक नियुक्त किया गया है और उन्हें सचिव स्तर का दर्जा दिया गया है।
डी. थारा (IAS, गुजरात कैडर, 1995 बैच) को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के पूंजी विकास विभाग की सचिव बनाया गया है। सुशील कुमार लोहानी (IAS, ओडिशा कैडर, 1996 बैच) को पशुपालन एवं डेयरी विभाग में विशेष कार्याधिकारी (OSD) नियुक्त किया गया है। सुचिंद्र मिश्रा (IDAS, 1992 बैच) को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है।
चार अधिकारियों को सचिव स्तर का दर्जा
ACC ने चार वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत आधार पर उनके वर्तमान पदों पर ही सचिव स्तर का दर्जा देने की मंजूरी दी है। इनमें मृत्युंजय कुमार नारायण (IAS, उत्तर प्रदेश कैडर, 1995 बैच), रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त; संतोष कुमार यादव (IAS, उत्तर प्रदेश कैडर, 1996 बैच), अध्यक्ष, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI); राजीव सिंह ठाकुर (IAS, राजस्थान कैडर, 1995 बैच), सलाहकार, नीति आयोग; और दिलीप कुमार (IAS, पंजाब कैडर, 1995 बैच), महानिदेशक (प्रशिक्षण), कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय शामिल हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले में उदासीनता बरतने वाले शिक्षा सचिव को बदल दिया है। उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक के दोषियों सहित शिथिलता या उदासीनता बरतने वाले सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। यह बयान इस फेरबदल को NEET विवाद से सीधे जोड़ता है, हालाँकि सरकारी आदेश में ऐसा कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र सड़कों पर उतरे हैं और मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है। इस पृष्ठभूमि में यह प्रशासनिक फेरबदल केंद्र सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।