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केरल हाईकोर्ट का IAS हनीश को अल्टीमेटम: 22 जून को पेश हों, वरना गिरफ्तारी

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केरल हाईकोर्ट का IAS हनीश को अल्टीमेटम: 22 जून को पेश हों, वरना गिरफ्तारी

सारांश

केरल हाईकोर्ट ने KSCDC भ्रष्टाचार मामले में पूर्व IAS अधिकारी मोहम्मद हनीश को 22 जून को व्यक्तिगत पेशी का अल्टीमेटम दिया — न आए तो गिरफ्तारी। डिवीजन बेंच अपील खारिज होने के बाद भी हनीश अदालत से अनुपस्थित रहे।

मुख्य बातें

केरल उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए.
बदरुद्दीन ने 19 जून को पूर्व प्रधान सचिव मोहम्मद हनीश की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराज़गी जताई।
हनीश को 22 जून को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अल्टीमेटम; न आए तो गिरफ्तारी का आदेश संभव।
बिजू, IAS को 9 जुलाई तक KSCDC पूर्व अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी जारी करने का निर्देश।
KSCDC के पूर्व MD के.ए.
रतीश , पूर्व अध्यक्ष ई.
चंद्रशेखरन पर भ्रष्टाचार के प्रथम दृष्टया आधार स्थापित।
हनीश की डिवीजन बेंच में दायर अपील इसी सप्ताह खारिज; ऑनलाइन पेशी की अनुमति भी अस्वीकार।

केरल उच्च न्यायालय ने 19 जून 2026 को केरल स्टेट काजू डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (KSCDC) भ्रष्टाचार मामले में अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान उद्योग (काजू) विभाग के पूर्व प्रधान सचिव मोहम्मद हनीश के अदालत में अनुपस्थित रहने पर कड़ी नाराज़गी जताई। न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि 22 जून को भी व्यक्तिगत रूप से पेश न होने पर गिरफ्तारी सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला कड़कमपल्ली मनोज द्वारा दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया कि हनीश ने अभियोजन की मंजूरी देने संबंधी अदालत के पूर्व आदेश का पालन नहीं किया। हाईकोर्ट पहले ही यह माना है कि KSCDC के पूर्व प्रबंध निदेशक के.ए. रतीश, पूर्व अध्यक्ष ई. कासिम और आर. चंद्रशेखरन के विरुद्ध भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार मौजूद हैं।

आरोप है कि इन अधिकारियों ने एम/एस जेएमजे ट्रेडर्स के मालिक जैमोन जोसेफ के साथ मिलकर नियमों का उल्लंघन करते हुए ठेके दिए, जिससे निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

हनीश की टालमटोल और अदालत की प्रतिक्रिया

अदालत ने हनीश को अभियोजन की मंजूरी पर पुनर्विचार के कई अवसर दिए, लेकिन उन्होंने मंजूरी देने के बजाय इनकार कर दिया। इसके बाद 10 अप्रैल को हाईकोर्ट ने उनके आदेश को रद्द करते हुए माना कि उन्होंने प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना की है।

हनीश ने इस आदेश को डिवीजन बेंच में चुनौती दी, लेकिन उनकी अपील इसी सप्ताह खारिज कर दी गई। इसके बाद सिंगल बेंच ने उन्हें 19 जून को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था, जिसका उन्होंने पालन नहीं किया।

उनके वकील ने दलील दी कि हनीश अब काजू विभाग नहीं संभाल रहे और बजट संबंधी कार्यों में व्यस्त हैं। न्यायमूर्ति बदरुद्दीन ने इस दलील को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह ऐसा कोई स्पष्टीकरण सुनने को तैयार नहीं हैं। अदालत ने ऑनलाइन पेशी की अनुमति देने से भी इनकार कर दिया।

वर्तमान सचिव को भी निर्देश

अदालत ने वन एवं काजू विकास विभाग के वर्तमान सचिव के. बिजू, IAS को मामले में दूसरा प्रतिवादी बनाने की अनुमति देते हुए उन्हें 9 जुलाई तक KSCDC के पूर्व अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी संबंधी आदेश जारी करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इसके लिए कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा और ऐसा न करने पर उनके खिलाफ भी अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

आगे क्या होगा

इस मामले की अगली सुनवाई 22 जून को निर्धारित है, जिसमें मोहम्मद हनीश को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना अनिवार्य है। यह मामला न्यायपालिका के आदेशों के प्रति वरिष्ठ नौकरशाहों की जवाबदेही के व्यापक प्रश्न को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों ही न्यायालय की नज़र में टालमटोल की रणनीति साबित हुए। असली सवाल यह है कि अभियोजन मंजूरी की शक्ति जब किसी एक अधिकारी के विवेक पर निर्भर हो, तो भ्रष्टाचार-विरोधी कार्रवाई कितनी स्वतंत्र रह सकती है। के. बिजू पर अब 9 जुलाई की समय-सीमा लटकी है — यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या नई समय-सीमा पुरानी की तरह टाली जाती है या अदालत का अल्टीमेटम इस बार असर दिखाता है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

KSCDC भ्रष्टाचार मामला क्या है?
केरल स्टेट काजू डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (KSCDC) के पूर्व अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने एम/एस जेएमजे ट्रेडर्स के मालिक जैमोन जोसेफ के साथ मिलकर नियमों का उल्लंघन करते हुए ठेके दिए, जिससे निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। केरल हाईकोर्ट ने माना है कि पूर्व MD के.ए. रतीश, पूर्व अध्यक्ष ई. कासिम और आर. चंद्रशेखरन के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार हैं।
मोहम्मद हनीश के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों हो रही है?
हनीश ने KSCDC के पूर्व अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी देने के अदालत के आदेश का पालन नहीं किया और मंजूरी देने से इनकार कर दिया। 10 अप्रैल को हाईकोर्ट ने उनके आदेश को रद्द करते हुए माना कि उन्होंने प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना की है।
22 जून की सुनवाई में क्या होगा?
22 जून को मोहम्मद हनीश को व्यक्तिगत रूप से केरल हाईकोर्ट में पेश होना अनिवार्य है। अनुपस्थित रहने पर न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने गिरफ्तारी सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
वर्तमान सचिव के. बिजू को क्या निर्देश दिए गए हैं?
केरल हाईकोर्ट ने के. बिजू, IAS को 9 जुलाई तक KSCDC के पूर्व अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी संबंधी आदेश जारी करने का निर्देश दिया है। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ भी अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
हनीश की डिवीजन बेंच अपील का क्या हुआ?
हनीश ने हाईकोर्ट के 10 अप्रैल के आदेश को डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी, लेकिन यह अपील इसी सप्ताह खारिज कर दी गई। इसके बाद सिंगल बेंच ने उन्हें 19 जून को व्यक्तिगत पेशी का निर्देश दिया, जिसका पालन नहीं हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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