9 अगस्त 2026
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केरल हाईकोर्ट में IAS अधिकारी मोहम्मद हनीश ने अवमानना मामले में मांगी बिना शर्त माफी, 2 जुलाई को अगली सुनवाई

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केरल हाईकोर्ट में IAS अधिकारी मोहम्मद हनीश ने अवमानना मामले में मांगी बिना शर्त माफी, 2 जुलाई को अगली सुनवाई

सारांश

वरिष्ठ IAS अधिकारी मोहम्मद हनीश ने केरल हाईकोर्ट में बिना शर्त माफी माँगी — यह तब हुआ जब KSCDC भ्रष्टाचार मामले में अभियोजन मंजूरी देने से बार-बार इनकार पर अदालत ने अवमानना की कार्यवाही शुरू की। मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी।

मुख्य बातें

वरिष्ठ IAS अधिकारी मोहम्मद हनीश 22 जून 2026 को केरल हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और बिना शर्त माफी माँगी।
हनीश पर आरोप है कि उन्होंने KSCDC के पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से बार-बार इनकार कर अदालत के निर्देशों की अनदेखी की।
बदरुद्दीन ने हनीश पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और आदेशों को जानबूझकर नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
अवमानना याचिका कडाकम्पल्ली मनोज ने दायर की थी; हनीश की डिवीजन बेंच में व्यक्तिगत पेशी के विरुद्ध अपील खारिज हो चुकी है।
हनीश को उद्योग विभाग के सचिव पद से हटाया जा चुका है; अगली सुनवाई 2 जुलाई को निर्धारित।
वर्तमान प्रभारी अधिकारी के.
बिजू को 9 जुलाई तक मंजूरी पर आदेश पारित करने का निर्देश।

वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी मोहम्मद हनीश सोमवार, 22 जून 2026 को केरल हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और अदालत के निर्देशों की अनदेखी के मामले में बिना शर्त माफी माँगी। केरल राज्य काजू विकास निगम (KSCDC) के पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से बार-बार इनकार करने पर उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही शुरू की गई थी। हनीश पहले उद्योग विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद KSCDC के पूर्व अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों से उपजा है। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही के लिए सरकार से मंजूरी माँगी थी। हाईकोर्ट ने पाया कि मंजूरी देने से इनकार करने का पिछला प्रशासनिक निर्णय, अदालत की अपनी टिप्पणियों और उपलब्ध साक्ष्यों के सर्वथा विपरीत था।

इसके बाद हाईकोर्ट ने हनीश के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें उन्होंने मंजूरी देने से इनकार किया था, और उन्हें नए सिरे से आदेश जारी करने का निर्देश दिया। बावजूद इसके, अतिरिक्त अवसर दिए जाने के बाद भी हनीश ने अनुरोध को पुनः अस्वीकार कर दिया, जिसके बाद अदालत ने अवमानना की कार्यवाही शुरू की।

कोर्ट की कड़ी फटकार

सुनवाई के दौरान जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने हनीश से सीधे सवाल किया कि वे बार-बार दिए गए आदेशों का पालन क्यों नहीं कर सके। जज ने कहा, 'क्या मेरा यह कहना सही है कि आप इस अदालत के आदेशों और फैसलों को समझने में सक्षम हैं? क्या आपने इस अदालत द्वारा दिए गए आदेशों को बार-बार पढ़ा है? तो फिर, इस अदालत के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए आप यह आदेश क्यों जारी नहीं कर सकते?'

जस्टिस बदरुद्दीन ने यह भी टिप्पणी की कि हनीश ने न केवल निर्देशों की अनदेखी की, बल्कि ऐसा प्रतीत हुआ कि उन्होंने इस मामले में पक्षपातपूर्ण तरीके से अपनी स्वतंत्र राय बना ली थी।

अवमानना याचिका और हनीश की चुनौती

यह अवमानना याचिका कडाकम्पल्ली मनोज ने दायर की थी, जब हनीश ने उद्योग विभाग का कामकाज संभालते हुए हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने से इनकार किया था। हनीश ने डिवीजन बेंच के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश को चुनौती भी दी थी, परंतु वह अपील खारिज हो गई और अदालत ने उनकी उपस्थिति अनिवार्य कर दी।

माफीनामा और अगले कदम

सोमवार की सुनवाई में हनीश ने बिना शर्त माफी माँगते हुए एक हलफनामा प्रस्तुत किया। अदालत ने उनका बयान दर्ज किया और यह भी नोट किया कि उन्हें अब उद्योग विभाग के सचिव पद से हटाया जा चुका है।

इसके अलावा अदालत ने काजू विकास विभाग के वर्तमान प्रभारी अधिकारी के. बिजू को 9 जुलाई तक KSCDC के कथित भ्रष्ट पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी पर आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। हनीश की माफी पर विचार करने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को निर्धारित की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि अदालत ने स्वयं प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाए हों, यह दर्शाता है कि कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच तनाव केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक भी हो सकता है। माफी के बाद भी असली परीक्षा यह है कि क्या KSCDC के आरोपी अधिकारियों पर अब वास्तव में मुकदमा चलेगा।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद हनीश के विरुद्ध केरल हाईकोर्ट में अवमानना की कार्यवाही क्यों शुरू हुई?
हनीश ने KSCDC के पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से बार-बार इनकार कर केरल हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी की। अदालत ने उनका पहले का आदेश रद्द कर नया आदेश जारी करने को कहा था, लेकिन अतिरिक्त अवसर मिलने के बावजूद उन्होंने अनुपालन नहीं किया, जिसके बाद अवमानना की कार्यवाही शुरू हुई।
KSCDC भ्रष्टाचार मामला क्या है?
केरल राज्य काजू विकास निगम (KSCDC) के पूर्व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। अभियोजन पक्ष ने इन आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही के लिए सरकार से मंजूरी माँगी थी। हाईकोर्ट ने स्वयं पाया कि मंजूरी देने से इनकार करने का प्रशासनिक निर्णय, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत की अपनी टिप्पणियों के विपरीत था।
हनीश ने अदालत में क्या किया और उनकी स्थिति अब क्या है?
हनीश ने 22 जून 2026 को केरल हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर बिना शर्त माफी माँगते हुए हलफनामा प्रस्तुत किया। अदालत ने नोट किया कि उन्हें उद्योग विभाग के सचिव पद से हटाया जा चुका है। मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी।
अवमानना याचिका किसने दायर की थी?
यह अवमानना याचिका कडाकम्पल्ली मनोज ने दायर की थी, जब हनीश ने उद्योग विभाग का कामकाज संभालते हुए हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने से इनकार किया था। हनीश ने डिवीजन बेंच के समक्ष व्यक्तिगत पेशी के आदेश को चुनौती भी दी, लेकिन वह अपील खारिज हो गई।
KSCDC मामले में आगे क्या होगा?
अदालत ने काजू विकास विभाग के वर्तमान प्रभारी अधिकारी के. बिजू को 9 जुलाई तक KSCDC के कथित भ्रष्ट पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी पर आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। हनीश की माफी पर आगे की कार्रवाई 2 जुलाई की सुनवाई में तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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