31 अक्टूबर 2026
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केतन अग्रवाल हत्याकांड: आरोपी सिया गोयल ने पुणे अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की, 17 नवंबर को अगली सुनवाई

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केतन अग्रवाल हत्याकांड: आरोपी सिया गोयल ने पुणे अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की, 17 नवंबर को अगली सुनवाई

सारांश

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल ने अदालत में जमानत और बरी होने की अर्जी दाखिल की। अभियोजन पक्ष की कमान संभाल रहे वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम ने कहा — 17 नवंबर को साजिश का पूरा खाका अदालत के सामने रखा जाएगा।

मुख्य बातें

सिया गोयल ने 31 अक्टूबर को पुणे की वडगांव मावल सत्र न्यायालय में जमानत और बरी होने के लिए दो अर्जियाँ दाखिल कीं।
वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम पहली बार अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश हुए।
तीनों आरोपी — सिया गोयल , चेतन चौधरी और रितेश हांगे — येरवडा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये पेश हुए।
बचाव पक्ष के वकील नितिन भलेराव ने आरोप लगाया कि वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्य अब तक बचाव पक्ष को नहीं सौंपे गए।
तीसरे आरोपी रितेश हांगे ने अभी तक वकील नहीं किया; अदालत ने 17 नवंबर तक ऐसा करने का निर्देश दिया।
पुलिस के अनुसार, केतन अग्रवाल को 18 जून को लोहागढ़ किले में खाई में धकेलकर कथित तौर पर हत्या की गई थी।

पुणे की वडगांव मावल सत्र न्यायालय में 31 अक्टूबर को केतन अग्रवाल हत्याकांड की औपचारिक सुनवाई शुरू हुई, जिसमें मुख्य आरोपी सिया गोयल ने जमानत और मामले से बरी होने के लिए दो अलग-अलग अर्जियाँ दाखिल कीं। अभियोजन पक्ष की ओर से पहली बार वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम अदालत में पेश हुए। अदालत ने इन अर्जियों पर सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की है।

मुख्य घटनाक्रम

सुनवाई के पहले दिन अभियोजन पक्ष ने अदालत को मामले से जुड़े विवरण और पुलिस द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों की जानकारी दी। अदालत ने अभियोजन पक्ष को अपने तर्क प्रस्तुत करने की अनुमति दे दी है। तीनों आरोपी — सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे — पुणे की येरवडा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये अदालत में पेश हुए।

गौरतलब है कि तीसरे आरोपी रितेश हांगे ने अभी तक अपना वकील नियुक्त नहीं किया है। अदालत ने उन्हें 17 नवंबर से पहले ऐसा करने का निर्देश दिया है, अन्यथा अदालत स्वयं उनके लिए कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करेगी।

अभियोजन पक्ष की स्थिति

सुनवाई के बाद पत्रकारों से बातचीत में वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम ने बताया कि अगली सुनवाई में अभियोजन पक्ष अदालत को यह स्पष्ट करेगा कि कथित हत्या की साजिश किस प्रकार रची गई और सिया गोयल तथा उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की इसमें क्या भूमिका थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस संदर्भ में पर्याप्त सबूत जुटाए हैं, जिन्हें अदालत के समक्ष रखा जाएगा।

बचाव पक्ष के तर्क

गोयल के वकील नितिन भलेराव ने दावा किया कि पुलिस द्वारा एकत्र किए गए वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य अब तक बचाव पक्ष को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन सामग्रियों तक पहुँच के लिए भी एक अलग आवेदन दाखिल किया गया है, जिस पर 17 नवंबर को विचार होगा।

भलेराव के अनुसार, बचाव पक्ष का मानना है कि पुलिस के पास जो सबूत हैं, वे दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मामले को मुकदमे की पूरी सुनवाई तक लड़ेंगे। 17 नवंबर को वरिष्ठ अधिवक्ता विपुल दुशिम बचाव पक्ष की ओर से पेश होने की उम्मीद है।

मामले की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक 26 वर्षीय केतन अग्रवाल को कथित तौर पर 18 जून को पुणे के निकट लोहागढ़ किले में एक खाई में धकेल दिया गया था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। आरोप है कि यह साजिश गोयल ने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर रची थी। यह मामला तब से ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है।

यह ऐसे समय में आया है जब हाई-प्रोफाइल हत्या मामलों में अदालती कार्यवाही की पारदर्शिता और साक्ष्य साझाकरण को लेकर बहस तेज़ हो रही है। उज्ज्वल निकम का अभियोजन पक्ष में आना इस मामले की संवेदनशीलता और जटिलता को रेखांकित करता है, क्योंकि वे देश के सबसे अनुभवी विशेष सरकारी अभियोजकों में से एक हैं।

आगे क्या होगा

अदालत 17 नवंबर को जमानत अर्जी, बरी करने की अर्जी और तकनीकी साक्ष्य तक पहुँच के आवेदन — तीनों पर एक साथ सुनवाई करेगी। तब तक तीनों आरोपी येरवडा जेल में न्यायिक हिरासत में रहेंगे। इस मामले का अगला पड़ाव यह तय करेगा कि अभियोजन पक्ष के सबूत बचाव पक्ष की चुनौतियों का सामना कर पाते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि बचाव पक्ष पहले से ही सबूतों की पर्याप्तता को चुनौती दे रहा है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केतन अग्रवाल हत्याकांड क्या है?
पुलिस के अनुसार, रियल एस्टेट कंपनी के 26 वर्षीय निदेशक केतन अग्रवाल को कथित तौर पर 18 जून को पुणे के निकट लोहागढ़ किले में एक खाई में धकेल दिया गया था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मंगेतर सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी समेत तीन लोग इस मामले में आरोपी हैं।
सिया गोयल ने अदालत में क्या अर्जी दी है?
सिया गोयल ने 31 अक्टूबर को पुणे की वडगांव मावल सत्र न्यायालय में दो अर्जियाँ दाखिल कीं — एक जमानत के लिए और दूसरी मामले से बरी होने के लिए। बचाव पक्ष का तर्क है कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है।
अगली सुनवाई कब होगी और उसमें क्या होगा?
अदालत ने अगली सुनवाई 17 नवंबर को निर्धारित की है। उस दिन अभियोजन पक्ष हत्या की कथित साजिश का पूरा विवरण और पुलिस द्वारा एकत्र साक्ष्य अदालत के समक्ष रखेगा, साथ ही जमानत और बरी होने की अर्जियों पर भी सुनवाई होगी।
उज्ज्वल निकम इस मामले में क्यों अहम हैं?
वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम देश के सबसे अनुभवी विशेष सरकारी अभियोजकों में से एक हैं, जो कई हाई-प्रोफाइल मामलों में अभियोजन पक्ष का नेतृत्व कर चुके हैं। इस मामले में उनका पेश होना अभियोजन पक्ष की मज़बूत तैयारी का संकेत देता है।
बचाव पक्ष का तकनीकी साक्ष्य न मिलने का आरोप क्या है?
गोयल के वकील नितिन भलेराव ने दावा किया है कि पुलिस द्वारा एकत्र वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य अब तक बचाव पक्ष को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस संबंध में एक अलग आवेदन दाखिल किया गया है, जिस पर 17 नवंबर को विचार होगा।
राष्ट्र प्रेस
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