18 अगस्त 2026
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पेट्रोल-डीजल की दूसरी बढ़ोतरी पर खड़गे का केंद्र पर हमला: 'नाकामियों का बोझ जनता पर डाल रही सरकार'

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पेट्रोल-डीजल की दूसरी बढ़ोतरी पर खड़गे का केंद्र पर हमला: 'नाकामियों का बोझ जनता पर डाल रही सरकार'

सारांश

एक हफ्ते में दूसरी बार पेट्रोल-डीजल महँगा होने पर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने मोदी सरकार को घेरा — रूसी तेल की 'अनुमति' लेने के बावजूद जनता को राहत न देने पर सीधा सवाल दागा।

मुख्य बातें

सरकारी तेल कंपनियों ने एक सप्ताह से कम समय में दूसरी बार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाईं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार की नीतिगत विफलता पर सीधा हमला बोला।
खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका से रूसी तेल खरीदने की अनुमति का एक महीने का विस्तार लिया, फिर भी जनता को राहत नहीं मिली।
कांग्रेस ने BJP पर दूरदर्शिता और नेतृत्व की कमी का आरोप लगाया।
सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार, 19 मई को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला, जब सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाईं। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं की कीमत आम नागरिकों से वसूल रही है।

मुख्य घटनाक्रम

वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन की दरें संशोधित कीं। यह बढ़ोतरी चार दिन पहले हुई पहली बढ़ोतरी के तुरंत बाद आई, जिससे आम उपभोक्ताओं पर दोहरा आर्थिक दबाव पड़ा।

खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'दाम बढ़े चार ही दिन हुए कि मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़ा दिए। पूरी भूमिका बनाकर, बचत का उपदेश देकर अपनी नाकामियों का बोझ जनता पर डालने का कार्य प्रगति पर है।'

रूसी तेल और विदेश नीति पर सवाल

खड़गे ने भारत की तेल आयात नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने अमेरिका से अनुमति लेकर रूसी तेल खरीदने की छूट का एक महीने का विस्तार हासिल किया है। खड़गे ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से 140 करोड़ भारतीयों के स्वाभिमान को ठेस पहुँचती है और उनके अनुसार ऐसा पहले किसी पिछली सरकार ने नहीं किया।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि रूसी तेल खरीदने की 'अनुमति' मिली हुई है, तो फिर ईंधन की ऊँची कीमतों का बोझ जनता पर क्यों डाला जा रहा है।

भाजपा नेतृत्व पर आरोप

खड़गे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) में दूरदर्शिता और नेतृत्व की कमी है। उनका आरोप है कि जब ईंधन संकट गहरा रहा था, तब सरकार चुनावी व्यस्तताओं में डूबी थी और जनता को 'मीठी-मीठी बातों' में उलझाए रखा गया।

उन्होंने कहा, 'केवल विदेशों में प्रायोजित पीआर करने से विश्वगुरु नहीं बना जाता… मोदी जी, जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करनी पड़ती है। असली सवालों से मत भागिए।' खड़गे ने यह भी कहा कि जनता को 'आम कैसे खाते हैं' या 'टॉनिक कौन सा पीते हैं' जैसे सवालों से नहीं, बल्कि संकट से निपटने की ठोस कार्ययोजना से मतलब है।

आम जनता पर असर

एक सप्ताह में दो बार ईंधन मूल्य वृद्धि से परिवहन लागत, रसोई गैस की अप्रत्यक्ष कीमतें और दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं की महँगाई पर असर पड़ने की आशंका है। यह ऐसे समय में आया है जब खुदरा मुद्रास्फीति पहले से ही आम परिवारों के बजट पर दबाव बना रही है।

क्या होगा आगे

विपक्ष की ओर से सरकार पर संसद में जवाबदेही का दबाव बढ़ने की संभावना है। कांग्रेस ने सरकार से माँग की है कि वह स्पष्ट करे कि रूसी तेल की उपलब्धता के बावजूद ईंधन की कीमतों में राहत क्यों नहीं दी जा रही। सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल नीतिगत है — यदि भारत रियायती रूसी कच्चे तेल का आयात कर रहा है, तो उपभोक्ता स्तर पर राहत क्यों नहीं दिखती? तेल विपणन कंपनियों के घाटे की भरपाई और केंद्र-राज्य कर संरचना की जटिलता इस सवाल का जवाब आसान नहीं बनाती। विपक्ष सही सवाल पूछ रहा है, लेकिन यह भी तथ्य है कि पिछली सरकारों के दौर में भी ईंधन सब्सिडी और कर नीति में पारदर्शिता की कमी रही है। जनता के लिए ज़रूरी है कि बहस सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित न रहे, बल्कि ईंधन कर सुधार और मूल्य-स्थिरीकरण तंत्र पर केंद्रित हो।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेट्रोल-डीजल की कीमतें एक हफ्ते में दो बार क्यों बढ़ाई गईं?
सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए एक सप्ताह से कम समय में दूसरी बार ईंधन दरें संशोधित कीं। सटीक कारण और मात्रा कंपनियों की ओर से आधिकारिक रूप से स्पष्ट की गई है।
खड़गे ने मोदी सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतिगत नाकामियों का बोझ आम जनता पर डाल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका से रूसी तेल खरीदने की अनुमति लेने के बावजूद उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं दी जा रही।
भारत रूस से तेल क्यों खरीद रहा है और इसमें अमेरिका की भूमिका क्या है?
खड़गे के अनुसार, भारत ने अमेरिका से रूसी तेल खरीदने की अनुमति का एक महीने का विस्तार लिया है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद से भारत रियायती दरों पर रूसी कच्चा तेल आयात करता रहा है, जो एक संवेदनशील कूटनीतिक विषय है।
इस ईंधन मूल्य वृद्धि का आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
पेट्रोल-डीजल महँगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका असर खाद्य पदार्थों और दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है। एक सप्ताह में दो बार बढ़ोतरी से घरेलू बजट पर दोहरा दबाव पड़ने की आशंका है।
क्या सरकार ने खड़गे के आरोपों का जवाब दिया?
रिपोर्टों के अनुसार, 19 मई तक केंद्र सरकार की ओर से खड़गे के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी। विपक्ष के दबाव के मद्देनज़र संसद में इस मुद्दे पर बहस की संभावना बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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